धरती बनल आगिक गोला! नौतपा, हीटवेव आ अल नीनो सँ झुलसि रहल अछि उत्तर भारत

नई दिल्ली। उत्तर भारत एखन प्रचंड गर्मी के चपेट मे अछि। तेज रौद, लू आ रातिक बढ़ैत तापमान लोककें घर स नहि निकलबाक लेल मजबूर कएने अछि। एहि बीच ‘नौतपा’ सेहो शुरू भ’ गेल अछि, जकरा पारंपरिक रूप सँ सालक सभसँ गर्म दिन मानल जाइत अछि।

विशेषज्ञसभक अनुसार एहि बेर मात्र नौतपा नहि, बल्कि हीटवेव, अल नीनो, जलवायु परिवर्तन, गाछ कटाई आ तेजी सँ बढ़ैत शहरीकरण मिलिकए गर्मी कें और खतरनाक बना देने अछि।

की अछि अल नीनो, जाहिसँ बढ़ि रहल अछि गर्मी?
वैज्ञानिकसभक अनुसार अल नीनो प्रशांत महासागरक समुद्री जल के असामान्य रूप सँ गर्म होएबाक स्थिति अछि। एहि कारणे हवा, नमी आ मानसूनक पैटर्न बदलि जाइत अछि। राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार आ मध्य भारत मे गर्म आ शुष्क हवा बेसी असरदार भ’ जाइत अछि, जाहि सँ हीटवेव आ लू तेज होइत अछि।
मौसम वैज्ञानिक मानैत छथि जे एहि बेर नौतपाक असरि पहिने सँ बेसी तीव्र महसूस भ’ रहल अछि।

प्रकृतिक संतुलन बिगड़बाक संकेत
विशेषज्ञसभक मानब अछि जे बढ़ैत प्रदूषण, कंक्रीटक जंगल, कार्बन उत्सर्जन आ हरियर क्षेत्र कम होएबाक असरि आब मौसम पर स्पष्ट देखा रहल अछि। हीटवेव, बाढ़ि, सूखार आ चक्रवात जकाँ चरम मौसमी घटनाक संख्या लगातार बढ़ि रहल अछि।
अर्बन सीट आइलैंड प्रभाव सेहो पैघ कारण मानल जा रहल अछि, जतय कंक्रीटक सड़क आ भवनक गर्मी कें फँसाकए राखैत अछि। ऊपर सँ गाड़ी, एसी आ प्रदूषण वातावरण के और गर्म बना रहल अछि।

हीट स्ट्रोक बनि रहल अछि खतरा
दिल्ली केर राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल मे हीट स्ट्रोक यूनिट शुरू कएल गेल अछि, जतय एहि साल लगातार मरीजक संख्या बढ़ि रहल अछि। विशेषज्ञक अनुसार भीषण रौद मे मेहनत कएनिहार मजदूर, रिक्शा-ठेला चालक, सब्जी विक्रेता आ बटोही सब सँ बेसी प्रभावित भ’ रहल छथि।
हीट स्ट्रोक मे मरीजक शरीरक तापमान 105 डिग्री फारेनहाइट सँ ऊपर पहुँचि सकैत अछि। मरीज बेहोश भ’ सकैत अछि, चेहरा लाल पड़ि जाइत अछि आ समय पर इलाज नहि भेटला सँ किडनी फेलियर के खतरा बढ़ि सकैत अछि।

घर सँ बाहर निकलैत काल आवश्यक सावधानी
विशेषज्ञ सलाह देने छथि जे खाली पेट रौद मे नहि निकलबाक चाही, मार झाँपि कए बाहर निकलू आ शरीर मे पानी केर कमी नहि होए दिअ। केवल साधारण पानी नहि, बल्कि नमक-चीनीक घोल या ORS पिबाक सलाह सेहो देल गेल अछि, जाहिसँ शरीरक इलेक्ट्रोलाइट संतुलित रहए। शरबत, लस्सी आ ठंढा पेय सेहो गर्मी सँ राहत देबा मे मददगार मानल गेल अछि।
डॉक्टरसभ चेतावनी दैत छथि जे चक्कर, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, सांस फूलब या माथदर्द हीट स्ट्रोक क शुरुआती लक्षण भ’ सकैत अछि। एहन स्थिति मे तुरंत शरीर ठंढा करबाक कोशिश करबाक चाही संगहि खानपान मे परहेज अति आवश्यक अछि। चूड़ा-दही, सत्तू के सेवन करबाक चाही संगहि अधिक चाय-कॉफी, बेसी मसाला बला आ फ्राइड फूड या बाहरक खाना स बचबाक चाही।

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