
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) आ ओकर राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के सियासत में हाल के घटनाक्रम पर तीखा सवाल उठ रहल अछि। राजनीतिक गलियारामे चर्चा अछि कि बंगला प्रेम आ राज्यसभा में चुनिंदा लोग के मौका देबाक नीति आब पार्टी पर भारी पड़ रहल अछि।
ई घटना के कई लोग अभूतपूर्व बता रहल छथि, जतय एक राजनीतिक दल के सांसद खुलकर बगावत करैत नजर आयल। आश्चर्य के बात ई रहल कि पार्टी नेतृत्व प्रति कोनो विशेष सहानुभूति सेहो सार्वजनिक रूप सँ सामने नहि आयल, बल्कि तथ्य आ पुरान बयान सभ के हवाला दैत आलोचना तेज भऽ गेल।
राजनीतिक संयोग सेहो दिलचस्प रहल। जखन अरविन्द केजरीवाल सोशल मीडिया पर अपन परिवार संग नव सरकारी आवास में शिफ्ट होएबाक जानकारी दऽ रहल छलाह, ठीक ओहि समय कांस्टीट्यूशन क्लब में पार्टी के तीन सांसद प्रेस कॉन्फ्रेंस कऽ आप सँ अलग होएबाक घोषणा कऽ रहल छलाह। एहि समूह में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन आ राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल सेहो शामिल छलाह, जे हाल तक केजरीवाल के दिल्ली में आवास सुविधा उपलब्ध करौने छलाह।
जानकारी अनुसार, 95 लोदी एस्टेट में गृह प्रवेश सँ पहिने तक केजरीवाल अपन परिवार संग मित्तल के सरकारी आवास, 5 फिरोजशाह रोड पर रहैत छलाह। एकर पहिने ओ 6 फ्लैगस्टाफ रोड, सिविल लाइन्स स्थित मुख्यमंत्री आवास—जे “शीशमहल” नाम सँ चर्चित रहल—में रहि चुकल छथि।
राजनीतिक विश्लेषक मानैत छथि कि आबकारी घोटाला आ ओकरा बाद उप मुख्यमंत्री रहल मनीष सिसोदिया के जेल जाए, फेर आतिशी के मुख्यमंत्री बननाय आ सरकारी आवास से जुड़ल विवाद सभ मिलि कऽ पार्टी के छवि पर असर डाललक। दिलचस्प बात ई रहल कि जे बंगला कभियो पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आवास रहल, ओहि बंगला पर एक समय 22 एसी के मुद्दा उठा कऽ भ्रष्टाचार के आरोप लगाओल गेल छल, मुदा आब ओहि तरह के सुविधापर निर्भरता केजरीवाल पर सवाल खड़ा कऽ रहल अछि।
विशेषज्ञ मानैत छथि कि सियासत में नैतिकता, पारदर्शिता आ वादाक पालन सबसे पैघ पूंजी होइत अछि। जँ नेता अपन पुरान वादा सँ हटैत छथि, त जनता के भरोसा कमजोर होइत अछि। केजरीवाल के मामला में सेहो एहि तरह के धारणा बनैत देखायल जा रहल अछि।
समग्र रूप सँ देखल जाए त ई घटनाक्रम संकेत दैत अछि कि आंतरिक असंतोष, नेतृत्व शैली आ जीवनशैली से जुड़ल सवाल आब आम आदमी पार्टी लेल चुनौती बनि सकैत अछि। आने वाला समय में ई देखबाक होयत कि पार्टी एहि संकट सँ कतेक प्रभावी ढंग सँ बाहर निकलैत अछि।