वनस्पति, गाछ-बिरिछ आ ज्योतिष पर शोध लेल चन्द्रशेखर झा केँ पीएचडी

उदयपुर/ दिल्ली। ज्योतिष क्षेत्र सँ दीर्घ समय सँ जुड़ल चन्द्रशेखर झा केँ ‘Vanaspati, Plants and Astrology’ विषय पर शोध लेल पीएचडीक उपाधि प्रदान कएल गेल अछि। हुनका ई शोध श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी, उदयपुर, राजस्थान सँ कएलनि अछि। ई संस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा सँ संबद्ध अछि। उदयपुर मे आयोजित दीक्षांत समारोह मे डॉ. चन्द्रशेखर झा केँ विधिवत पीएचडीक उपाधि प्रदान कएल गेल।

पीएचडीक उपाधि प्राप्त कएलाक बाद डॉ. चन्द्रशेखर झा कहलनि जे ओ करीब ढाई दशक सँ ज्योतिषक माध्यम सँ लोकक विभिन्न समस्या आ जिज्ञासाक समाधान करबाक प्रयास करैत आबि रहल छथि। एहि दौरान हुनका हजारों कुंडलीक अध्ययन आ विश्लेषण करबाक अवसर भेटल। हुनकर कहब अछि जे प्रत्येक व्यक्ति आ प्रत्येक कुंडली अपन आप मे विशिष्ट होइत अछि आ जीवनक परिस्थिति बुझबाक लेल विभिन्न पक्षक समग्र अध्ययन आवश्यक अछि।

एक प्रश्नक उत्तर दैत डॉ. झा कहलनि जे ओ करीब तीन दशक सँ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र मे रहि रहल छथि आ मूल रूप सँ बिहारक निवासी छथि। हुनकर अनुसार परिवारक किछु सदस्य आ बुद्धिजीवी लोकनि सँ लगातार विचार-विमर्शक बाद हुनका वनस्पति, गाछ-बिरिछ आ ज्योतिषक पारस्परिक संबंध पर शोध करबाक विचार भेल।

डॉ. झा कहलनि जे सनातन संस्कृति आ प्राचीन भारतीय शास्त्र सभ मे वनस्पति तथा गाछ-बिरिछक महत्वक विस्तृत चर्चा भेटैत अछि। भारतीय परंपरा मे गाछ-बिरिछ केँ मात्र प्रकृतिक हिस्सा नहि मानल गेल अछि, बल्कि ओकर संबंध धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आ ज्योतिषीय मान्यता सँ सेहो जोड़ल गेल अछि।

हुनकर कहब अछि जे एहि व्यापक दृष्टिकोण केँ शोधक माध्यम सँ बुझबाक आ व्यवस्थित अकादमिक रूप मे प्रस्तुत करबाक प्रयास कएल गेल अछि।

डॉ. चन्द्रशेखर झा आगू कहलनि जे वनस्पति आ ज्योतिषक संबंध भारतीय ज्ञान परंपराक एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहल अछि। हुनकर शोधक उद्देश्य एहि विषय सँ संबंधित पारंपरिक ज्ञान, मान्यता आ उपलब्ध संदर्भ सभक अध्ययन कऽ ओकरा अकादमिक दृष्टिकोण सँ प्रस्तुत करब अछि।

पीएचडी उपाधि प्राप्त होएला पर डॉ. चन्द्रशेखर झा केँ परिजन, शुभचिंतक आ ज्योतिष क्षेत्र सँ जुड़ल लोक सभ बधाई आ शुभकामना देलनि।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *