नई दिल्लीक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालयमे ब्रिक्स रंगमंच महोत्सव 2026 केर शुभारंभ, 9 देशक रंगमंचीय परंपराक होयत संगम

नई दिल्ली: ‘साझा कथा, साझा भविष्य’ विषय पर आधारित ब्रिक्स रंगमंच महोत्सव 2026 केर आइ नई दिल्लीमे शुभारंभ भेल। तीन दिवसीय एहि महोत्सवमे ब्रिक्स सदस्य आ साझेदार देशक विविध रंगमंचीय परंपरा, आधुनिक प्रस्तुति शैली आ साझा सांस्कृतिक मूल्यक उत्सव मनाओल जा रहल अछि। भारत सरकारक संस्कृति मंत्रालय द्वारा भारतक ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 केर अंतर्गत आयोजित ई महोत्सव 12 सँ 14 अक्टूबर धरि चलत। एहिमे सहभागी देशसभक 500 सँ बेसी प्रतिभागी भाग लेताह।

नई दिल्लीमे आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलनक सफल समापनक बाद ई महोत्सव भारतक ब्रिक्स अध्यक्षताक अंतर्गत एकटा महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल अछि। एहिमे भारत, थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस, ईरान, वियतनाम, दक्षिण अफ्रीका, कजाखस्तान आ इथियोपिया भाग ल’ रहल अछि। रंगमंचक साझा भाषा एहि देशसभक कलाकार आ संस्कृतिकर्मीसभकेँ कलात्मक आ सांस्कृतिक आदान-प्रदानक एकटा मंच उपलब्ध कराओत।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत रहलाह मुख्य अतिथि

उद्घाटन समारोहमे भारत सरकारक केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथिक रूपमे उपस्थित रहलाह। एहि अवसर पर संस्कृति मंत्रालयक सचिव श्री विवेक अग्रवाल, विदेश मंत्रालयक सचिव (आर्थिक संबंध) आ भारतक ब्रिक्स शेरपा, 2026 श्री सुधाकर दलेला तथा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालयक निदेशक श्री चित्तरंजन त्रिपाठी सेहो उपस्थित रहलाह। सहभागी देशसभक राजदूत आ मिशन प्रमुख सेहो समारोहमे शामिल भेलाह।

एहि अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कहलनि जे वर्तमान समयमे अंतरराष्ट्रीय समुदाय लेल आपसी समझ आ रचनात्मक संवादक अवसर पहिने सँ बेसी महत्वपूर्ण भ’ गेल अछि। विभिन्न देश अपन-अपन हितक बीच संतुलन बनेबाक प्रयास क’ रहल अछि, एहन परिस्थितिमे सांस्कृतिक संवादक महत्व आओर बढ़ि जाइत अछि।

ओ कहलनि जे कूटनीति देशसभकेँ बातचीत आ समझौता करबाक अवसर दैत अछि आ आर्थिक सहयोग समृद्धिमे मदद करैत अछि, मुदा संस्कृति समाजसभकेँ एक-दोसराकेँ बुझबाक अवसर दैत अछि। संस्कृति राजनीतिक सीमासँ ऊपर उठि लोकसभकेँ जोड़ैत अछि। इतिहास, भाषा आ परंपरामे अंतर रहितो साझा विश्वास आ मानवीय भावना ब्रिक्स रंगमंच महोत्सवकेँ मात्र प्रदर्शन कलातक सीमित नहि रखैत अछि, बल्कि एकरा व्यापक महत्व प्रदान करैत अछि।

उद्घाटन दिवस पर ‘समुद्र मंथन’ नाटकक मंचन

महोत्सवक पहिल दिन श्री आसिफ अली लिखित नाटक ‘समुद्र मंथन’ प्रस्तुत कयल गेल। एहि नाटकक परिकल्पना, निर्देशन आ संगीत राष्ट्रीय नाट्य विद्यालयक निदेशक श्री चित्तरंजन त्रिपाठी कयने छथि। नाटकक मंचन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय परिसर स्थित अभिमंच सभागारमे भेल।

महोत्सवक विभिन्न प्रस्तुति नई दिल्लीक प्रमुख सांस्कृतिक स्थलसभ पर आयोजित होयत। एहिमे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालयक अभिमंच आ सम्मुख सभागार, कमानी सभागार, एलटीजी सभागार आ मेघदूत थिएटर शामिल अछि।

प्रस्तुतिसभक टिकट बुकमायशो (BookMyShow) पर प्रति टिकट 200 रुपयाक दरसँ उपलब्ध रहत। एहि माध्यमसँ दर्शक अंतरराष्ट्रीय रंगमंच आ प्रदर्शन कलाक विविध रूप देखबाक अवसर पाओताह।

नौ देशक रंगमंचीय परंपरा आ आधुनिक प्रयोगक प्रदर्शन

महोत्सवमे सहभागी देशसभक राष्ट्रीय रंगमंच विद्यालय आ प्रमुख रंगमंचीय संस्थान हिस्सा ल’ रहल अछि। रूसक दिससँ दूटा रंगमंचीय समूह भाग ल’ रहल अछि, जबकि भारतक दिससँ दूटा नाटक प्रस्तुत कयल जाएत।

अन्य सहभागी देश अपन भाषा, सांस्कृतिक दृष्टिकोण, पारंपरिक रंगमंचीय शैली आ आधुनिक रचनात्मक अभिव्यक्तिक माध्यमसँ अपन सांस्कृतिक विशेषता प्रस्तुत करत। महोत्सवमे शास्त्रीय, समकालीन आ प्रयोगधर्मी रंगमंचक विभिन्न विधा देखबाक अवसर भेटत।

सांस्कृतिक सहयोग आ सतत विकास पर भारतक जोर

भारत वर्ष 2026 लेल ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग आ सततताक लेल निर्माण’ विषयक अंतर्गत ब्रिक्स अध्यक्षताक जिम्मेदारी संभलने अछि। एहि पहल केर उद्देश्य जन-केंद्रित दृष्टिकोणक माध्यमसँ ब्रिक्स देशसभक बीच सहयोगकेँ मजबूत करब अछि।

भारतक अध्यक्षताक अंतर्गत ब्रिक्सक सांस्कृतिक कार्यक्षेत्रमे सांस्कृतिक आ रचनात्मक उद्योगसभमे सहयोग, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण तथा जलवायु अनुकूलन आ सतत विकासमे संस्कृतिक भूमिकाकेँ प्राथमिकता देल गेल अछि।

रंगमंच महोत्सव जीवंत प्रस्तुतिक माध्यमसँ कलात्मक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक संवाद आ आम लोकक सहभागिताकेँ बढ़ावा दैत एहि प्राथमिकतासभकेँ आगू बढ़बैत अछि।

संवाद सत्र आ कार्यशालाक माध्यमसँ कलाकारसभक बीच सहयोग

कलात्मक सहभागिता आ व्यावसायिक आदान-प्रदानकेँ बढ़ावा देबाक लेल प्रत्येक नाटकक प्रस्तुतिक अगिला दिन भोरे संवाद सत्र आ सहभागितामूलक कार्यशालाक आयोजन कयल जाएत। एहि कार्यक्रममे निर्देशक, कलाकार आ तकनीकी दलक सदस्य भाग लेताह।

सत्रसभमे कलात्मक दृष्टिकोण, प्रदर्शन परंपरा, अभिनय शैली आ मंच सज्जा सहित विभिन्न विषय पर चर्चा होयत। संवाद, दर्शक सहभागिता आ सामूहिक अभ्यासक माध्यमसँ अंतर-सांस्कृतिक सीख, ज्ञानक आदान-प्रदान आ दीर्घकालीन सहयोगकेँ प्रोत्साहित कयल जाएत।

महोत्सवक उद्देश्य अलग-अलग सांस्कृतिक पहिचान आ विविध कथासभक उत्सव मनयबाक संग-संग ब्रिक्स देशसभक बीच आपसी समझ आ सहयोगकेँ मजबूत करब अछि।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय बनल आयोजनक नोडल एजेंसी

भारत सरकारक संस्कृति मंत्रालयक अधीन एकटा स्वायत्त संस्थान राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (रानावि) केँ ब्रिक्स रंगमंच महोत्सव 2026 केर आयोजन लेल नोडल एजेंसी बनाओल गेल अछि।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय सहभागी देशसभक रंगमंचीय संस्थान आ रंगकर्मीसभकेँ एक मंच पर आनबाक माध्यमसँ कलात्मक आदान-प्रदान आ अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहभागिताकेँ प्रोत्साहित क’ रहल अछि।

ब्रिक्स रंगमंच महोत्सव 2026 केवल उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतिक मंच नहि, बल्कि सांस्कृतिक संवाद, व्यावसायिक आदान-प्रदान आ जन-स्तर पर सहभागिताक महत्वपूर्ण अवसर सेहो अछि। रंगमंचक माध्यमसँ ई महोत्सव अलग-अलग देशक कथा, कलाकार आ दर्शककेँ सीमा पार जोड़बाक प्रयास करैत अछि। एकर उद्देश्य सांस्कृतिक समझकेँ मजबूत करब आ भविष्यमे निरंतर सहयोगक नव अवसर तैयार करब अछि।

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