वेदांताक ‘नंद घर’ बाल देखभाल, महिला सशक्तीकरण आ समावेशी विकासक माध्यम सँ ‘इंडिया@80’ कऽ मजबूत बना रहल अछि

 दिल्ली। भारत अपन 79म स्वतंत्रता दिवस मनबैत ‘इंडिया@80’ केर यात्रा दिस आगाँ बढ़ि रहल अछि। एहि क्रममे अनिल अग्रवाल फाउंडेशनक तहत वेदांताक प्रमुख सामाजिक प्रभाव पहल ‘नंद घर’ प्रारंभिक बाल विकास, पोषण, स्वास्थ्य सेवा आ महिला सशक्तीकरणक माध्यम सँ देशक भविष्यक मजबूत आधार तैयार करबाक अपन प्रतिबद्धता दोहरौने अछि।

वर्तमानमे 18 राज्य आ 76 जिलामे 15,000 सँ बेसी आधुनिक आंगनवाड़ीक नेटवर्कक माध्यम सँ नंद घर पारंपरिक आंगनवाड़ी केँ बाल देखभाल, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा आ महिला सशक्तीकरणक समग्र केंद्रमे बदलि रहल अछि। एहि पहल सँ आब 5 लाख सँ बेसी बच्चा आ 4 लाख महिला लाभान्वित भऽ रहल छथि।

बाल विकास आ महिला सशक्तीकरण पर जोर

‘इंडिया@80’ केर लक्ष्य केवल आर्थिक विकास धरि सीमित नहि अछि, बल्कि देशक प्रत्येक नागरिक केँ विकास यात्रामे सहभागी बनयबाक अवसर देब सेहो एहि संकल्पक महत्वपूर्ण हिस्सा अछि। बच्चाक शुरुआती वर्षमे निवेश आ महिलाक आर्थिक सशक्तीकरण एहि लक्ष्य केँ प्राप्त करबाक लेल महत्वपूर्ण मानल जा रहल अछि।

नंद घरमे बाल देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य सेवा आ आजीविकाक अवसर केँ एक्कहि ठाम उपलब्ध कराओल जा रहल अछि। एहि सँ मजबूत परिवार, सक्षम समुदाय आ अधिक समावेशी विकासक वातावरण तैयार करबामे सहायता भेटि रहल अछि।

नंद घरक माध्यम सँ जमीनी स्तर पर बदलाव

नंद घरक प्रभाव जमीनी स्तर पर परिवार आ समुदायमे बढ़ैत आत्मविश्वास, क्षमता आ अवसरक रूपमे देखल जा रहल अछि। नंद घरक दीदी मिथिलेशक उदाहरण एहि बदलाव केँ दर्शबैत अछि। नंद घर सँ भेटल प्रशिक्षण, कौशल आ आत्मविश्वासक आधार पर ओ आब केवल अपन परिवारक जिम्मेदारी नहि संभालि रहल छथि, बल्कि अपन गामक बच्चासभ केँ पढ़ाबय आ महिलासभक सहयोग करबाक भूमिका सेहो निभा रहल छथि।

ई यात्रा देखबैत अछि जे नंद घर केवल बच्चासभक शिक्षा आ देखभाल धरि सीमित नहि अछि, बल्कि समुदायमे ज्ञान, कौशल आ आत्मनिर्भरता बढ़ेबाक लेल सेहो महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहल अछि।

समावेशी विकास सँ मजबूत भारतक दिशा

नंद घरक मुख्य उद्देश्य बच्चासभ केँ जीवनक शुरुआती चरणमे बेहतर अवसर उपलब्ध करेनाइ आ महिलासभ केँ आजीविका तथा आर्थिक गतिविधिमे सक्रिय भागीदारीक अवसर देनाइ अछि।

नंद घरक सीईओ शशि अरोड़ा कहलनि जे भारत अपन स्वतंत्रताक 80म वर्ष दिस बढ़ि रहल अछि आ देशक विकासक अगिला अध्याय केँ आकार देबाक लेल ई महत्वपूर्ण समय अछि। हुनकर अनुसार भारतक प्रगति समावेशी विकास पर आधारित होयबाक चाही, जतय प्रत्येक बच्चा आगाँ बढ़बाक अवसर पाबय आ प्रत्येक महिला अपन आर्थिक क्षमता केँ पूरा करबाक अवसर प्राप्त करय।

नंद घरक माध्यम सँ प्रारंभिक बाल विकासक मजबूत नींव तैयार करबाक संग महिलासभ केँ आजीविका आ आर्थिक भागीदारीक बेहतर अवसर उपलब्ध कराओल जा रहल अछि।

बाल विकास, महिला सशक्तीकरण आ जमीनी स्तर पर मानव पूंजी निर्माणक माध्यम सँ नंद घर विकसित, मजबूत आ अधिक समावेशी भारतक निर्माणमे अपन योगदान दऽ रहल अछि।

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