बांकीपुर उपचुनावमे टूटि सकैत अछि प्रशांत किशोरक राजनीतिक भ्रम!

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 मे अपेक्षित सफलता नहि भेटला बाद आब जन सुराजक सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) क नजरि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर टिकि गेल अछि। मुदा राजनीतिक गलियारामे चर्चा अछि जे बांकीपुरक राह ओतेक आसान नहि अछि, जतेक जन सुराजक रणनीतिकारसभ सोचि रहल छथि।

पछिला किछु दिनसँ जन सुराजक टीम बांकीपुर क्षेत्रमे लगातार सक्रिय देखल जा रहल अछि। मोहल्ला बैठक, युवा संवाद कार्यक्रम आ सोशल मीडिया अभियानक माध्यमसँ राजनीतिक माहौल बनेबाक प्रयास कयल जा रहल अछि। पहिने यूट्यूबर Manish Kashyap क चुनाव लड़बाक चर्चा छल, मुदा आब स्वयं प्रशांत किशोरक मैदानमे उतरबाक अटकल सेहो तेज भ’ गेल अछि।

प्रचार नहि, स्थानीय समीकरण रहल अछि निर्णायक

राजनीतिक पर्यवेक्षकसभक अनुसार बांकीपुरक राजनीतिक इतिहास बतबैत अछि जे एहि क्षेत्रमे केवल प्रचार, भीड़ आ चर्चा क आधार पर चुनावी सफलता हासिल नहि कयल जा सकैत अछि। एतय जातीय समीकरण, स्थानीय प्रभाव आ परंपरागत मतदाता आधार सदिखन निर्णायक भूमिका निभबैत आबि रहल अछि।

विशेष रूपसँ कायस्थ मतदाता एहि सीटक राजनीति मे प्रभावशाली मानल जाइत छथि। एहि कारणे भारतीय जनता पार्टी एहि सीट केँ कोनो परिस्थिति मे अपन हाथसँ निकलय देब नहि चाहत।

भाजपा आ कांग्रेस सेहो सक्रिय

राजनीतिक विश्लेषकसभक मानब अछि जे भाजपा एहि सीट पर कोनो मजबूत आ व्यापक स्वीकार्यता वाला चेहरा उतारि सकैत अछि। संभावित नामसभमे Sanjay Prakash Mayukh क चर्चा प्रमुख रूपसँ भ’ रहल अछि, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्वे करत।

दोसर दिस Indian National Congress सेहो एहि सीट केँ लऽ कए गंभीर देखाइ पड़ैत अछि। पार्टीक भीतर Kumar Ashish केँ संभावित दावेदार मानल जा रहल अछि। ओहिना जँ Rashtriya Janata Dal अपन पूर्व उम्मीदवार पर फेर भरोसा जतबैत अछि, तँ चुनावी समीकरण बहुत हद धरि पुरान स्वरूपमे रहि सकैत अछि।

जन सुराजक समक्ष सबसे पैघ चुनौती

राजनीतिक जानकारसभक अनुसार प्रशांत किशोरक समक्ष सबसे पैघ चुनौती जन सुराजक सीमित जमीनी वोट बैंक अछि। सभा मे भीड़ जुटेबाक आ सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरेबाक अपन महत्व अछि, मुदा ओहि समर्थन केँ मतमे बदलनाय राजनीति क सबसे कठिन परीक्षा मानल जाइत अछि।

बांकीपुरक राजनीति मे बाहरी चमक-दमकसँ बेसी महत्व स्थानीय पहचान, सामाजिक समीकरण आ वर्षौंसँ बनल राजनीतिक विश्वासक रहल अछि।

पुष्पम प्रिया चौधरीक उदाहरण

विश्लेषकसभ एहि संदर्भमे वर्ष 2020 क विधानसभा चुनावक उदाहरण सेहो दैत छथि। ओहि चुनावमे Pushpam Priya Choudhary व्यापक प्रचार अभियान चलौने रहथि, मुदा चुनाव परिणाम हुनक पक्षमे नहि गेल।

प्रशांत किशोर लेल अग्निपरीक्षा?

एहन परिस्थिति मे जँ प्रशांत किशोर स्वयं बांकीपुरसँ चुनावी मैदानमे उतरैत छथि, तँ ई केवल एकटा उपचुनाव नहि, बल्कि हुनकर राजनीतिक विश्वसनीयता, जनाधार आ जन सुराजक वास्तविक ताकतक सेहो परीक्षा मानल जाएत।

फिलहाल राजनीतिक चर्चाक बाजार गर्म अछि, मुदा अंतिम निर्णय हमेशा मतदाता सभक हाथमे रहैत अछि। आब देखबाक बात ई होयत जे बांकीपुरक जनता प्रचारक प्रभावमे अबैत अछि या परंपरागत राजनीतिक समीकरण फेर निर्णायक साबित होइत अछि।

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