
कृष्णमोहन झा
अरविन्द केजरीवालक (Arvind Kejriwal) आम आदमी पार्टी (AAP) के संस्थापक सदस्य सभ में सँ एक राघव चड्ढा (Raghav Chadha) पार्टीक आन छह सांसद सभक संग भारतीय जनता पार्टी में शामिल भ’ गेल छथि। उल्लेखनीय अछि जे राघव चड्ढा के किछु दिन पहिने राज्यसभा में पार्टीक उपनेता पद सँ हटा देल गेल छल, आ ओहि समय सँ ई अटकल लगायल जा रहल छल जे ओ आम आदमी पार्टी छोड़ि सकैत छथि। मुदा अरविन्द केजरीवाल के ई अंदाजा कतओ नहि छल जे राघव चड्ढा आन छह सांसद सभक संग भाजपा में जाए के तैयारी करैत छथि।
राघव चड्ढा सहित जे सात सांसद आम आदमी पार्टी छोड़ि भाजपा में शामिल भेल छथि, ताहि में सँ एक अशोक मित्तल किछु दिन पहिने ईडी छापा के सामना कएने छलथि। पार्टीक कुल दस सांसद में सँ सात सांसदक एक संग बगावत निश्चित रूप सँ आम आदमी पार्टी आ ओकर संयोजक के लेल बहुत पैघ झटका अछि। आब राज्यसभा में आम आदमी पार्टीक जे तीन सांसद बचल छथि, ओ छथि संजय सिंह, नारायण दास गुप्त आ बलवीर सिंह।
राघव चड्ढा दावा करैत छथि जे दस में सँ दू-तिहाई अर्थात सात सांसद भाजपा में शामिल भेल छथि, ताहि कारण दलबदल कानून हुनका पर लागू नहि होइत अछि। ओ एहि के ‘विलय’ करार दैत छथि। दोसर दिस आम आदमी पार्टी कहलक अछि जे ओ सभ सांसद सभ के अयोग्य घोषित करबाक लेल राज्यसभा सभापति के पत्र लिखत।
एहि घटनाक राजनीतिक महत्व सेहो अधिक अछि, किएक तँ आगामी वर्ष पंजाब विधानसभा चुनाव होए वाला अछि आ एहि सांसद सभक पंजाब सँ नजदीकी संबंध अछि। एहि स्थिति में संभावना अछि जे भाजपा एहि सभ सांसद के चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देत। ओतहि, एहि सातों सांसद सभक उम्मीद अछि जे भाजपा में शामिल भ’ क’ हुनकर राजनीतिक भविष्य जल्दी संवरत।
राघव चड्ढा सहित सात सांसद सभक एहि कदम पर योगेन्द्र यादव आ प्रशांत भूषण कड़ी प्रतिक्रिया देलनि अछि। योगेन्द्र यादव कहलनि जे ई घटना दलबदल विरोधी भावना के कमजोर करैत अछि आ लोकतंत्रक मूल भावना के चोट पहुँचबैत अछि। ओ कहलनि जे ई सिर्फ व्यक्तिगत नाराजगी नहि, बल्कि लोकतांत्रिक सिद्धांत पर सवाल उठबैत अछि।
वहीं प्रशांत भूषण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखलनि जे पहिने जे नेता सभ पार्टी छोड़लनि, ओ सिद्धांतक कारण छोड़लनि, मुदा एहि बेर के समूह अवसरवादिता के चलते भाजपा में शामिल भेल अछि। हुनका अनुसार एहि में सिद्धांत के कमी देखाइत अछि।
गौरतलब अछि जे आम आदमी पार्टी (AAP) सँ दूरी बनाब’ वाला आन प्रमुख चेहरा सभ में किरण बेदी, आशुतोष, शाजिया इल्मी आ कुमार विश्वास सेहो शामिल रहल छथि।
विश्लेषक सभक माननाय अछि जे अरविन्द केजरीवाल के कार्यशैली आ कथित भ्रष्टाचार मामला सभ हुनकर लोकप्रियता में कमी के कारण बनल अछि। दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी भीतर असंतोष बढ़ल अछि। आब देखबाक बात ई होयत जे केजरीवाल पार्टी के एकजुट रखबाक लेल अपन कार्यशैली में परिवर्तन करैत छथि कि नहि।

(लेखक राजनीतिक विश्लेषक छथि)