भारत सरकारक ‘उच्चस्तरीय जनसांख्यिकीय परिवर्तन समिति’ गठन

नई दिल्ली : भारत सरकार अवैध आप्रवास आ अन्य असामान्य कारणसँ उत्पन्न भऽ रहल जनसांख्यिकीय परिवर्तनक अध्ययन लेल एक उच्चस्तरीय समिति (High-Level Committee on Demographic Change) क गठन कएने अछि। एहि समितिक उद्देश्य देशभरि मे बदलैत जनसंख्या संरचनाक वैज्ञानिक मूल्यांकन करब आ एहि चुनौती सँ निपटबाक लेल ठोस सुझाव देब अछि।

प्रधानमंत्री Narendra Modi 15 अगस्त 2025 केँ “High-powered Demography Mission” क घोषणा कएने छलाह, जकरा 11 सितंबर 2025 केँ केंद्रीय मंत्रिमंडल स्वीकृति प्रदान कएलक।

एहि समितिक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) होयताह। समितिमे जनगणना आयुक्तक अतिरिक्त तीन प्रतिष्ठित विशेषज्ञ — Durga Shankar Mishra, Balaji Srivastava आ Shamika Ravi सदस्य रहताह। गृह मंत्रालयक संयुक्त सचिव (Foreigners-I) सदस्य सचिवक भूमिका निभाएताह।

समिति एक वर्षक भीतर अपन रिपोर्ट प्रस्तुत करत। आवश्यकता पड़ला पर गृह मंत्रालय एहि समितिक कार्यकाल छह महीना धरि बढ़ा सकैत अछि।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah सोशल मीडिया मंच X पर कहलनि जे अवैध घुसपैठ आ अन्य कारणसँ होमय वाला “अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय परिवर्तन” राष्ट्रक वर्तमान आ भविष्य लेल गंभीर चुनौती अछि। हुनकर अनुसार ई परिवर्तन राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक संरचना आ जनजातीय समाजक संरक्षण पर गम्भीर असर डालि सकैत अछि।

समिति देशक विभिन्न हिस्सामे होमय वाला जनसांख्यिकीय बदलावक कारणसभक विश्लेषण करत, जाहिमे सीमा पार गतिविधि, अवैध आप्रवास, आर्थिक अवसर, असामान्य बसावट पैटर्न आ सामाजिक-पर्यावरणीय कारक शामिल रहत।

समितिक प्रमुख कार्यक्षेत्रमे अवैध आप्रवासक पहचान, हिरासत आ निष्कासन लेल समयबद्ध प्रणाली विकसित करबाक सिफारिश, सीमा प्रबंधन मजबूत करब, जनसंख्या स्थिरीकरण लेल संस्थागत तंत्र सुझाब आ केंद्र-राज्य सरकारक बीच बेहतर समन्वय लेल व्यापक नीति ढाँचा तैयार करब शामिल अछि।

सरकारक मानब अछि जे ई समिति देशमे होइत जनसांख्यिकीय बदलावक गहन अध्ययन क’ समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करत, जाहिसँ राष्ट्रीय हित आ सामाजिक संतुलन सुनिश्चित कएल जा सकत।

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