वंदे मातरम् के सम्मान की रक्षा संबंधी विधेयक संसदसँ पारित, आब राष्ट्रपतिक स्वीकृति लेल पठाओल जाएत

नई दिल्ली: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ केँ राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ जेकाँ कानूनी संरक्षण देबाक उद्देश्यसँ आनल गेल राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 संसदक दुनू सदनसँ पारित भ’ गेल अछि। राज्यसभामेँ मंजूरी भेटलाक बाद लोकसभाओ एहि विधेयक केँ स्वीकृति द’ देलक। आब एहि विधेयक केँ अंतिम मंजूरी लेल राष्ट्रपति लग पठाओल जाएत। विधेयक पारित भेलाक उपरांत लोकसभाक कार्यवाही दिनभरि लेल स्थगित क’ देल गेल।

लोकसभामेँ अमित शाह विधेयक प्रस्तुत कएलनि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभामेँ राष्ट्रीय सम्मानक अपमान रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 प्रस्तुत क’ राज्यसभासँ पारित विधेयक पर विचार आ पारित करबाक प्रस्ताव रखने छलाह। चर्चा उपरांत सदन विधेयक केँ मंजूरी प्रदान कएलक।

‘वंदे मातरम्’ केँ भेटत राष्ट्रगान जेकाँ कानूनी सुरक्षा

ई संशोधन राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 क धारा 3 मे परिवर्तन करैत अछि। एकर बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ केँ सेहो ओहने वैधानिक संरक्षण प्राप्त होएत, जे आब धरि राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ केँ उपलब्ध अछि।

नव प्रावधानक अनुसार, जँ कोनो व्यक्ति जानि-बुझि ‘वंदे मातरम्’ केर गायन रोकैत अछि अथवा गायनक दौरान आयोजित सभामेँ बाधा उत्पन्न करैत अछि, तँ ओकरा दंडनीय अपराध मानल जाएत।

संशोधनक आवश्यकता किएक महसूस कएल गेल?

विधेयकक उद्देश्य आ कारणमेँ कहल गेल अछि जे 1971 क अधिनियम एखन धरि केवल राष्ट्रगानक सम्मान आ गरिमाक रक्षा करैत छल। मुदा 24 जनवरी 1950 केँ संविधान सभाक बैठकमेँ तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्पष्ट रूपसँ कहलनि जे ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राममेँ ऐतिहासिक भूमिका निभौने अछि, तेँ एकरा ‘जन गण मन’ केर समान सम्मान आ दर्जा भेटबाक चाही।

तथापि, एखन धरि राष्ट्रगीत लेल समान कानूनी संरक्षणक कोनो स्पष्ट वैधानिक व्यवस्था उपलब्ध नहि छल। एहि कमी केँ दूर करबाक उद्देश्यसँ ई संशोधन आनल गेल अछि।

विधेयकक मुख्य प्रावधान

संशोधित धारा 3 क तहत आब राष्ट्रगानक संग-संग राष्ट्रगीत केँ सेहो कानूनक दायरा मे शामिल कएल गेल अछि। एहि अंतर्गत निम्न कार्य दंडनीय मानल जाएत—

  • जानि-बुझि राष्ट्रगान अथवा राष्ट्रगीतक गायन रोकब।
  • राष्ट्रगान वा राष्ट्रगीत गाबि रहल सभामेँ जानि-बुझि व्यवधान उत्पन्न करब।

संशोधित कानूनक नाम राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 राखल जाएत।

राष्ट्रपतिक स्वीकृतिक बाद कानून लागू होएत

संसदक दुनू सदनसँ पारित भेलाक बाद आब ई विधेयक राष्ट्रपति लग अंतिम स्वीकृति लेल भेजल जाएत। राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी भेटलाक बाद ई संशोधन विधिवत कानून बनि जाएत आ ‘वंदे मातरम्’ केँ राष्ट्रगानक समान कानूनी संरक्षण प्राप्त भ’ जाएत।

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