भोपाल। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इमामक चीफ इमाम डॉ. उमेर अहमद इलियासी कहलनि जे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) क सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सदिखन संवादमे विश्वास रखैत छथि आ हुनकर व्यक्तित्व विराट अछि। भारतक विशेषता ओकर विविधता आ सामाजिक ताना-बाना मे निहित अछि। भारतकेँ सही अर्थमे बुझबाक लेल ओकर विविधता, विभिन्न सामाजिक परंपरा आ आपसी संवादक भावनाकेँ बुझनाइ आवश्यक अछि। ओ कहलनि जे समाजमे संवाद जतय मजबूत होयत, आपसी विश्वास आ सौहार्द सेहो ततबे मजबूत होयत।
डॉ. इलियासी शुक्रदिन भोपाल विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर सभागारमे वरिष्ठ पत्रकार आ लेखक कृष्णमोहन झा क पुस्तक ‘डॉ. मोहन भागवत संदेश’ क विमोचन समारोहकेँ संबोधित कऽ रहल छलाह। पुस्तकक विमोचन मध्यप्रदेशक पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा आ आरोग्य भारतीक राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय द्वारा कएल गेल। समारोहमे महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि सहित विभिन्न क्षेत्रसँ जुड़ल गणमान्य नागरिक उपस्थित छलाह।
डॉ. उमेर अहमद इलियासी कहलनि जे भारतक सामाजिक जीवन अनेक परंपरा, विचार आ संस्कृतिसँ मिलि कऽ बनल अछि। एहन परिस्थितिमे एक-दोसराकेँ बुझबाक लेल संवाद आवश्यक अछि। संवाद केवल विचारक आदान-प्रदानक माध्यम नहि, बल्कि सामाजिक विश्वासकेँ मजबूत करबाक आधार सेहो अछि।
ओ पुस्तकक लेखक कृष्णमोहन झा क प्रयासक प्रशंसा करैत कहलनि जे डॉ. मोहन भागवत द्वारा विभिन्न विषय पर व्यक्त विचारकेँ एक ठाम संकलित करब महत्वपूर्ण प्रयास अछि। एहन प्रयाससँ समाजकेँ कोनो व्यक्तित्वक विचारकेँ व्यापक संदर्भमे बुझबाक अवसर भेटैत अछि आ समाजमे व्याप्त अनेक गलतफहमी दूर करबामे सेहो सहायता भेटि सकैत अछि।
ओ कहलनि जे कोनो व्यक्ति अथवा विचारकेँ बुझबाक लेल ओकर विचारकेँ अलग-अलग संदर्भमे देखब आवश्यक अछि। एहि दृष्टिसँ पुस्तकमे विभिन्न विषयकेँ लऽ कऽ डॉ. मोहन भागवत क विचार प्रस्तुत करबाक प्रयास उपयोगी अछि।
पुस्तकमे विचारक विश्लेषण आ निष्कर्ष सेहो
मुख्य वक्ता डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय कहलनि जे सामान्यतः पुस्तक सभ कोनो एक विषय अथवा व्यक्तित्वकेँ केंद्रमे राखि कऽ लिखल जाइत अछि, मुदा ‘डॉ. मोहन भागवत संदेश’ मे विभिन्न विषय पर डॉ. मोहन भागवत द्वारा व्यक्त विचारकेँ संकलित करबाक संगहि हुनकर विचारक विश्लेषण आ निष्कर्ष सेहो प्रस्तुत कएल गेल अछि।
ओ कहलनि जे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ निरंतर युवासभक संग संवाद करैत रहल अछि। समकालीन विषय पर डॉ. मोहन भागवत क विचार समाज लेल महत्वपूर्ण अछि आ युवासभकेँ राष्ट्र आ समाजक प्रति अपन भूमिका बुझबाक प्रेरणा दैत अछि।
महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि कहलनि जे एहि कृतिमे डॉ. मोहन भागवत क राष्ट्रचिंतन, सामाजिक समरसता आ राष्ट्र निर्माणसँ जुड़ल विचारकेँ संकलित कएल गेल अछि। ओ कहलनि जे भारतक व्यापक सांस्कृतिक दृष्टिकोणकेँ बुझनाइ आवश्यक अछि आ अखंड भारतक कल्पना संवाद आ विचारक माध्यमसँ साकार भऽ सकैत अछि।
‘डॉ. मोहन भागवत केवल व्यक्ति नहि, एक विचार छथि’
मध्यप्रदेशक पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पुस्तकक प्रशंसा करैत कहलनि जे लेखक कृष्णमोहन झा डॉ. मोहन भागवत क व्यापक विचारकेँ पुस्तकक रूपमे संजोबाक महत्वपूर्ण काज कएलनि अछि। ओ कहलनि, “डॉ. मोहन भागवत केवल एक व्यक्ति नहि, बल्कि एक विचार छथि।” हुनकर विचारकेँ पाठक धरि पहुँचाबयक ई प्रयास प्रशंसनीय अछि।
पुस्तकक लेखक कृष्णमोहन झा कहलनि जे डॉ. मोहन भागवत क अलग-अलग विषय पर देल गेल भाषण आ वक्तव्य पढ़लाक बाद हुनकर विचारकेँ एक ठाम संकलित कऽ पाठकक समक्ष प्रस्तुत करबाक विचार आयल। एहि प्रयासक परिणामस्वरूप ‘डॉ. मोहन भागवत संदेश’ पुस्तकक रूपमे सामने आयल अछि।
ओ बतौलनि जे पुस्तकमे राष्ट्रचिंतन, सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण, युवा, श्रमक प्रतिष्ठा, संगठन आ समाजसँ जुड़ल विभिन्न विषय पर डॉ. मोहन भागवत क विचारकेँ प्रमुखतासँ प्रस्तुत कएल गेल अछि। लेखकक प्रयास रहल अछि जे पाठक डॉ. भागवत क विचारकेँ अलग-अलग प्रसंगमे पढ़बाक संगहि ओकर व्यापक परिप्रेक्ष्यकेँ सेहो बुझि सकथि।
समारोहक दौरान पुस्तकक प्रकाशन लेल उपस्थित अतिथि आ गणमान्य नागरिक सभ लेखक कृष्णमोहन झाकेँ शुभकामना देलनि। वक्तासभ कहलनि जे विचारक माध्यमसँ संवादकेँ आगाँ बढ़ेनाइ वर्तमान समयमे विशेष रूपसँ महत्वपूर्ण अछि आ एहि दिशामे ई पुस्तक एक उपयोगी पहल अछि।
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