
जुड़ि शीतलमे जीवन जुड़ा दियौ यौ-२
जुड़ि शीतलमे सभकेँ।
साल नव मैथिलीक शुभागमन भेलै,
नव-नव अन्न-पानि आँगन-दलान भेलै,
भोग सतुआक सतुआनि करा दियौ यौ,
जुड़ि शीतलमे सभकेँ।
टटका आ बसियाक संगम विधान एलै,
फेँटलाहा बेसन केर बड़ी खोंटैल गेलै,
आमक टिकुलासँ चटनी बना दियौ यौ,
जुड़ि शीतलमे सभकेँ।
पौखरि-इनार गाम-घरक सफाई भेलै,
तुरियाक संग थाल-कादो लेपाइ भेलै,
प्रेम चासैत, समारैत, गजारि दियौ यौ,
जुड़ि शीतलमे सभकेँ।
बाँसक दुइ खुट्टा पर बल्ली लटका दियौ,
तुलसी – चौड़ामे पानि सल्ला बना दियौ,
देव-पितर केर तृप्ति करा दियौ यौ,
जुड़ि शीतलमे सभकेँ।
जुड़ि शीतलमे जीवन जुड़ा दियौ यौ,
जुड़ि शीतलमे सभकेँ॥
-अमरनाथ मिश्र “अलबेला”
Wish to be part of Maithili times. Currently I am working in an Australian pharmaceutical company as a GM and stationed in national capital of Cambodia, Phnom Penh. I cover 4 other countries of SEA.
Thanks
Sriman, ahan k ichchha jani khushi bhel. Maithili Times Mithila-Maithili k sarokar s jural achhi. MT pariwar me ahan k swagat achhi. ahan moolatah ktt s chhi. Kon rupe juray chahait chhi?