
मिथिलांचलक लाखो गन्ना उत्पादक किसान आ स्थानीय युवासभ लेल एकटा पैघ खुशखबरी अछि। लगभग तीन दशक सँ बंद पड़ल मधुबनीक सकरी आ दरभंगाक रैयाम चीनी मिलक पुनर्जीवनक दिशा मे निर्णायक कदम उठाओल जा रहल अछि। प्रस्तावित कार्यक्रमक अनुसार 20 नवम्बर 2026 कें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एहि दूनू सहकारी चीनी मिलक पुनरुद्धारक आधारशिला रखताह।
बिहार सरकार सहकारिता मॉडल पर दूनू चीनी मिल फेर स्थापित करबाक दिशा मे तेजी सँ काज कऽ रहल अछि। एहि उद्देश्य सँ राज्यक सहकारिता विभाग आ नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) बीच समझौता भऽ चुकल अछि। एकर अंतर्गत सकरी आ रैयाम मे नव चीनी मिलक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) आ व्यवहार्यता प्रतिवेदन तैयार कएल जा रहल अछि।
नव प्रस्तावित परिसर मे मात्र चीनी उत्पादन नहि, बल्कि इथेनॉल, विद्युत उत्पादन आ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) निर्माणक सुविधा सेहो विकसित कएल जाएत। एहि परियोजना सँ क्षेत्र मे औद्योगिक गतिविधि बढ़त, ग्रामीण अर्थव्यवस्था कें गति भेटत आ स्थानीय स्तर पर रोजगारक नव अवसर पैदा होयत।
सरकार पहिने सँ गन्नाक पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करबाक तैयारी शुरू कऽ देने अछि। एहि लेल दरभंगा आ मधुबनी केर 2,401 गाम चीनी मिल सभ लेल आरक्षित कएल गेल अछि, जाहि सँ किसानसभ अपन उपज सीधा मिल मे बेचि सकथि आ हुनका उचित मूल्य भेटि सकए।
उल्लेखनीय अछि जे रैयाम चीनी मिल 1994 सँ आ सकरी चीनी मिल 1997 सँ बंद पड़ल अछि। रैयाम चीनी मिलक स्थापना 1914 मे आ सकरी चीनी मिलक स्थापना 1933 मे भेल छल। कखनो मिथिलाक अर्थव्यवस्थाक मेरुदण्ड मानल जाएबला ई दूनू मिल हजारो किसान आ श्रमिकक जीविकाक मुख्य आधार छल।
चीनी मिलसभक पुनरुद्धार सँ कुसियार खेती कें प्रोत्साहन भेटत, किसानक आमदनी बढ़त आ मिथिलांचल मे औद्योगिक गतिविधिक नव दौर शुरू होयबाक उम्मीद जताओल जा रहल अछि। स्थानीय लोकसभ एहि निर्णय के क्षेत्रक आर्थिक पुनर्जागरणक दिशा मे ऐतिहासिक पहल मानि रहल छथि।