रुन्नीसैदपुरक बालूशाही : स्वाद, परंपरा आ पहचानक मधुर कहानी

मुजफ्फरपुरसँ Sitamarhi वा Sheohar दिस बढ़ैत जखन गाड़ी Runni Saidpur बजारमे प्रवेश करैत अछि, तँ सड़कक दुनू कात पसड़ल चहल-पहल, मिठाइक दोकानसभ सँ उठैत सुगंध आ बालूशाहीक सजल थार स्वतः यात्रीकेँ रोकि दैत अछि। एतय आब लोक सिर्फ गुजरैत नहि छथि, बल्कि रुकि कऽ स्वादक ओहि विरासतकेँ जरूर अनुभव करैत छथि, जाहि बिना सीतामढ़ीक यात्रा अधूरी मानल जाइत अछि।
रुन्नीसैदपुरक पहचान आब सिर्फ एकटा कस्बा भरि नहि रहल। एहि ठामक प्रसिद्ध बालूशाही एहि छोट बजारकेँ राष्ट्रीय नहि, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दएने अछि। बिहारक पारंपरिक व्यंजनसभमे अपन अलग स्थान बना चुकल ई मिठाई आब दूर-दराजसँ आबि रहल यात्रिसभ लेल खास सौगात बनि गेल अछि।

स्वादमे परंपराक अद्भुत मेल
रुन्नीसैदपुरक बालूशाही साधारण मिठाई नहि अछि। एकर निर्माणक विधि एक विशेष कला अछि। छेना, सूजी आ चीनीक चाशनीक संतुलित अनुपात सँ तैयार कएल जाएवला ई मिठाई अपन बनावट, नरमी आ मिठास लेल प्रसिद्ध अछि।
एकर सबसँ पैघ विशेषता ई अछि जे छेनासँ बनल होएबाक बावजूद ई बिना फ्रिजक एक सप्ताहसँ दस दिन धरि खराब नहि होइत अछि। एहेन टिकाऊपन आ स्वादक संगम शायद प्रदेशक दोसर कोनो मिठाईमे दुर्लभ अछि।

सैकड़ों वर्ष पुरान विरासत
कहल जाइत अछि जे रुन्नीसैदपुरक बालूशाहीक इतिहास सैकड़ों वर्ष पुरान अछि। पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिठाई व्यवसायीसभ एहि परंपराकेँ जीवित रखने छथि। समय संग एकर निर्माण प्रक्रिया मे किछु बदलाव जरूर आएल, मुदा मूल स्वाद आ ओहिक विशिष्टता अखनो बरकरार अछि।
यही कारण अछि जे आजुक आधुनिक बाजार प्रतिस्पर्धामे सेहो ई पारंपरिक मिठाई अपन अलग पहचान बनाए रखने मे सफल रहल अछि।

पटना धरि पसड़ल स्वादक चर्चा
पहिने जतेक रुन्नीसैदपुर आ आसपासक इलाकामे सीमित रहल ई मिठाई, आब Patna क गल्लीसभ धरि अपन स्वादक चर्चा फैला चुकल अछि। राज्यक बाहरसँ आबए-जाएवला पर्यटक सेहो एतयसँ बालूशाही किनने बिना नहि जाइत छथि।
कतेको लोक त’ खास तौर पर अपन मित्र-परिजन लेल एहि मिठाईकेँ सौगातक रूपमे लऽ जाइत छथि।

हाइवे किनारक मीठ कारोबार
NH-77 क किनारे दर्जनों दोकान पर बालूशाही सहज उपलब्ध अछि। 120 सँ 130 रुपया प्रति किलो दर पर बिकएवाली ई मिठाई स्वादक हिसाबसँ अत्यंत सस्ती मानल जाइत अछि।
व्यवसायी प्रभातक अनुसार, सामान्य दिनमे रुन्नीसैदपुर बाजारक छोट-पैघ सभ दोकान मिला कऽ प्रतिदिन लगभग 25 सँ 30 क्विंटल बालूशाही बिकैत अछि। विवाह-शादी आ पर्व-त्योहारक मौसममे ई बिक्री 40 क्विंटल सँ ऊपर पहुँचि जाइत अछि।

एक स्वाद, जे बनि गेल पहचान
रुन्नीसैदपुरक बालूशाही सिर्फ मिठाई नहि, बल्कि एहि क्षेत्रक सांस्कृतिक पहचान अछि। ई ओ स्वाद अछि जे यात्राकेँ यादगार बना दैत अछि आ जेकर चर्चा एक बेर चखलाक बाद बरखों धरि होइत रहैत अछि।
तँ अगिला बेर जँ अहाँ सीतामढ़ी वा शिवहर दिस जाएब, तँ रुन्नीसैदपुरमे जरूर रुकब। संभव अछि, एकटा बालूशाहीक स्वाद अहाँक यात्रा केँ अविस्मरणीय बना दे।

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