प्रयोग कएल गेल सेनेटरी पैड जैविक खादक निर्माणमे आबि सकैत अछि उपयोग

मासिक धर्म स्वच्छताक जागरूकता लेल नई दिल्लीमे विशेष कार्यशालाक आयोजन

नई दिल्ली: मासिक धर्मसँ जुड़ल स्वास्थ्य, स्वच्छता आ प्रयोग कएल गेल सेनेटरी पैडक पर्यावरण-अनुकूल निपटान (डिस्पोज़ल) केर महत्वकेँ रेखांकित करैत नई दिल्लीक इंडियन विमेन्स प्रेस कॉर्प्स (IWPC) मे ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन’ (MHM) विषय पर जागरूकता कार्यशालाक आयोजन कएल गेल। एहि कार्यक्रमक आयोजन दोहा सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेडमाइंड-मैप एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड केर संयुक्त सहयोगसँ कएल गेल।

कार्यशालामे विशेषज्ञसभ कहलनि जे मासिक धर्म स्वच्छता केवल सेनेटरी नैपकिनक उपयोग धरि सीमित नहि अछि, बल्कि एकर सुरक्षित, वैज्ञानिक आ पर्यावरण-अनुकूल निपटान सेहो ओतबे जरूरी अछि। हुनका सभक अनुसार, आधुनिक तकनीकक माध्यमसँ प्रयोग कएल गेल सेनेटरी पैडकेँ सुरक्षित ढंगसँ प्रसंस्कृत कऽ ओकर अवशेषक उपयोग जैविक खाद तैयार करबाक प्रक्रियामे सेहो कएल जा सकैत अछि, जाहिसँ पर्यावरण संरक्षणमे मदद भेटत।

यद्यपि पछिला दशकमे भारतभरिमे मासिक धर्म स्वच्छताक प्रति जागरूकता बढ़ल अछि, मुदा स्वच्छताक आधारभूत सुविधा, प्रयोग कएल गेल सेनेटरी नैपकिनक सुरक्षित निपटान आ सामाजिक संकोच (स्टिग्मा) सन चुनौतीसभ आबो कायम छथि। एहि कार्यशालाक उद्देश्य जागरूकता बढ़ाबऽ, स्वस्थ आदतिकेँ प्रोत्साहित करऽ आ टिकाऊ समाधान उपलब्ध करेनाइ छल।

कार्यक्रममे महिला पत्रकार आ IWPC केर सदस्यसभ सक्रिय रूपसँ भाग लेलनि। इंटरैक्टिव सत्रमे प्रतिभागीसभ मासिक धर्म स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, संक्रमणसँ बचाव आ कचरा प्रबंधनसँ जुड़ल विभिन्न प्रश्न विशेषज्ञसभसँ पूछलनि।

दोहा सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड केर प्रमुख सुश्री मृणालिनी राव कहलनि जे मासिक धर्म स्वच्छताक दायरा केवल सेनेटरी नैपकिनक उपयोग धरि सीमित नहि अछि, बल्कि ओकर सुरक्षित आ वैज्ञानिक निपटान सेहो अत्यंत आवश्यक अछि। हुनका अनुसार, गलत ढंगसँ सेनेटरी पैडक निपटान पर्यावरण आ सार्वजनिक स्वास्थ्य लेल गंभीर चुनौती बनि सकैत अछि।

हुनका भारत सरकारक ‘मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन नीति-2023’ केर अनुरूप विकसित सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन आ उच्च तापमान पर कार्य करऽ बला इंसीनरेटर (कचरा जलाबऽ बला मशीन) केर जानकारी देलनि। ई मशीनसभ प्रयोग कएल गेल सेनेटरी नैपकिनकेँ नियंत्रित तापमान पर स्टरल (कीटाणुमुक्त) राखमे बदलि सुरक्षित रूपसँ नष्ट करैत अछि। अलग-अलग मॉडल एक बेरमे किछु पैडसँ लऽ 1,200 सँ 2,500 धरि सेनेटरी नैपकिनक सुरक्षित निपटान करऽ मे सक्षम छथि। एहि तकनीककेँ NABL प्रमाणपत्र सेहो प्राप्त अछि।

माइंड-मैप एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड केर प्रतिनिधि एम. एमायावर्मन बतौलनि जे ‘हर हेल्थ हाइजीन (HHH)’ अभियानक तहत संस्था देशभरिक स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक प्रतिष्ठान, सरकारी संस्था आ समुदायसभमे जागरूकता कार्यक्रम चला रहल अछि। आब धरि 1,000 सँ बेसी कार्यशाला आयोजित कएल जा चुकल अछि, जाहिसँ एक लाख सँ बेसी महिला आ किशोरी लाभान्वित भऽ चुकल छथि।

हुनका कहलनि जे एहि अभियानक माध्यमसँ महिलासभकेँ मासिक धर्म स्वास्थ्य, संक्रमणसँ बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता आ प्रयोग कएल गेल सेनेटरी नैपकिनक सुरक्षित निपटानक विषयमे शिक्षित कएल जा रहल अछि।

आयोजकसभक अनुसार ‘हर हेल्थ हाइजीन’ (HHH) पहलक अंतर्गत दोहा सिस्टम्स आ माइंडमैप एंटरप्राइजेज तमिलनाडु, महाराष्ट्र, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश आ असममे माहवारी स्वच्छताकेँ बढ़ावा दऽ रहल अछि। एहि संस्थासभ सरकारी आ शैक्षणिक संस्थानसभ, 340 सँ बेसी उद्योग आ निजी संगठनमे सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन आ इंसीनरेटर सफलतापूर्वक स्थापित कऽ चुकल अछि।

कार्यशालाक समापन सेनेटरी वेंडिंग मशीन आ इंसीनरेटरक लाइव डेमो संग भेल। आयोजकसभ कहलनि जे आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच आ जन-जागरूकताक माध्यमसँ भारतमे मासिक धर्म स्वच्छताकेँ बेसी सुरक्षित, स्वस्थ आ पर्यावरण-अनुकूल बनाओल जा सकैत अछि।

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