
जयपुर। राजस्थानक दौसा जिलाक ऐतिहासिक गाम आभानेरीमे जनवरीसँ जून 2026 धरि कुल 80,181 पर्यटक यात्रा दर्ज कयल गेल। एहि अवधि मे 44,140 घरेलू आ 36,041 विदेशी पर्यटक आभानेरी पहुँचलाह। चाँद बावड़ी आ हर्षद माता मंदिर लेल प्रसिद्ध एहि ऐतिहासिक गाममे सोमदिन दू दिवसीय आभानेरी महोत्सव-2026 केर शुभारंभ भेल। राजस्थान पर्यटन विभाग आ दौसा जिला प्रशासनक संयुक्त तत्वावधानमे 12 आ 13 अक्टूबरकेँ आयोजित एहि महोत्सवमे राजस्थानी लोककला, पारंपरिक हस्तशिल्प आ ग्रामीण संस्कृतिसँ जुड़ल विभिन्न गतिविधि आयोजित कयल जा रहल अछि।
पर्यटन विभागक उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत कहलनि जे आभानेरी महोत्सवक उद्देश्य एहि क्षेत्रक ऐतिहासिक धरोहर, लोकसंस्कृति आ ग्रामीण जीवनकेँ पर्यटनसँ जोड़ब अछि। महोत्सवक माध्यमसँ देशी-विदेशी पर्यटक राजस्थानक सांस्कृतिक परंपरासँ परिचित होइत छथि। संगहि स्थानीय कलाकार आ पारंपरिक शिल्पकार सभकेँ अपन कला आ हुनर देखयबाक अवसर भेटैत अछि।
पद दंगल आ लोककलाक आकर्षक प्रस्तुति
महोत्सवमे पद दंगल, कच्छी घोड़ी नृत्य, बहरूपिया, नट कला, कठपुतली आ भपंग वादन सहित विभिन्न लोककलाक प्रस्तुति भऽ रहल अछि। शहनाई वादन आ आन सांस्कृतिक कार्यक्रम सेहो एहि आयोजनक हिस्सा अछि।
लोककलाक प्रस्तुति भोरे 9 बजेसँ साँझ 5 बजे धरि होइत अछि, जखन कि साँझ 7 बजेसँ राति 9 बजे धरि सांस्कृतिक संध्याक आयोजन कयल जा रहल अछि। एहि प्रस्तुतिक माध्यमसँ पर्यटक राजस्थानक समृद्ध लोकपरंपरा आ पारंपरिक कलाक नजदीकसँ अनुभव कऽ रहल छथि।
लाखक चूड़ी आ पारंपरिक हस्तशिल्पक आकर्षण
महोत्सवमे लाखक चूड़ी बनेनिहार लाखेरा, माटिक बर्तन बनेनिहार कुम्हार आ लोहाक सामान तैयार करयवला लोहार अपन पारंपरिक हुनरक प्रदर्शन कऽ रहल छथि।
पर्यटक लाखक चूड़ी बनेबाक प्रक्रिया, कुम्हारक चाक पर माटिकेँ आकार देबाक कला आ लोहाक सामान बनेबाक तरीका देखैत छथि। ओतहि लोक पारंपरिक हस्तनिर्मित वस्तुक खरीदारी सेहो कऽ रहल छथि।
उपेंद्र सिंह शेखावतक अनुसार, महोत्सवमे पारंपरिक हस्तशिल्पकेँ शामिल करबाक उद्देश्य पर्यटक सभकेँ स्थानीय शिल्पकला आ कारीगरक मेहनतसँ परिचित करायब अछि। एहि पहलसँ पारंपरिक हुनरकेँ प्रोत्साहन भेटबाक संग स्थानीय कारीगर सभकेँ सेहो अपन कला देखेबाक अवसर भेटैत अछि।
ऊँटक गाड़ी सँ गामक सैर आ नुक्कड़ नाटक
महोत्सवक आकर्षणमे ऊँटक गाड़ी (कैमल कार्ट) सँ गामक सैर सेहो शामिल अछि। एहि माध्यमसँ पर्यटक आभानेरीक पारंपरिक ग्रामीण परिवेशकेँ नजदीकसँ देखैत आ बुझैत छथि।
नुक्कड़ नाटकक माध्यमसँ स्थानीय संस्कृति आ सामाजिक विषय सभकेँ प्रस्तुत कयल जा रहल अछि। लोककला, हस्तशिल्प आ गामक सैरसँ जुड़ल गतिविधि आभानेरीक ग्रामीण जीवनशैली आ सांस्कृतिक परंपराकेँ पर्यटक सभक सोझाँ अनैत अछि।
चाँद बावड़ी आ हर्षद माता मंदिर मुख्य आकर्षण
आभानेरी स्थित चाँद बावड़ी अपन विशिष्ट स्थापत्य शैली आ सीढ़ीसभक अनूठा संरचनाक लेल प्रसिद्ध अछि। एकर लगहिमे स्थित हर्षद माता मंदिर एहि क्षेत्रक धार्मिक आ सांस्कृतिक धरोहरक महत्वपूर्ण हिस्सा अछि। ई दुनू ऐतिहासिक स्थल आभानेरीक पहचानक प्रमुख आधार थिक।
महोत्सवक दौरान पर्यटक एहि ऐतिहासिक स्थल सभक भ्रमण करबाक संग गामक लोकपरंपरा आ ग्रामीण जीवनशैलीसँ सेहो परिचित भऽ रहल छथि। आयोजनमे ऐतिहासिक धरोहरक संग लोककला आ पारंपरिक हस्तशिल्पकेँ जोड़ल गेल अछि, जाहिसँ आभानेरीक सांस्कृतिक पहचानकेँ व्यापक स्तर पर प्रस्तुत कयल जा सकय।
आभानेरी महोत्सव-2026 : एक नजरि मे
- तिथि: 12 आ 13 अक्टूबर 2026
- स्थान: चाँद बावड़ी, आभानेरी, दौसा जिला, राजस्थान
- लोककलाक प्रस्तुति: भोरे 9 बजेसँ साँझ 5 बजे धरि
- सांस्कृतिक संध्या: साँझ 7 बजेसँ राति 9 बजे धरि
- मुख्य आकर्षण: पद दंगल, कच्छी घोड़ी नृत्य, बहरूपिया, नट कला, कठपुतली, भपंग वादन, पारंपरिक हस्तशिल्प आ ग्रामीण संस्कृति
- आयोजक: राजस्थान पर्यटन विभाग आ दौसा जिला प्रशासन
आभानेरी महोत्सव-2026 ऐतिहासिक धरोहर, लोककला, पारंपरिक हस्तशिल्प आ ग्रामीण जीवनकेँ एक मंच पर अनबाक प्रयास अछि। एहि आयोजनसँ पर्यटक सभकेँ राजस्थानक सांस्कृतिक विविधता आ पारंपरिक जीवनशैलीकेँ नजदीकसँ देखबाक अवसर भेटि रहल अछि।