
चेन्नई। देशक अनेक हिस्सा मे एहि समय भीषण गर्मी पड़ि रहल अछि, मुदा थुथुकुडी के नमक मजदूर सभ लेल ई हालात जिनगी सँ संघर्ष बनि गेल अछि। चिलचिलाइत रौद आ लगातार बढ़ैत ‘हीटवेव’ के कारणे मजदूर सभ अपन पूरा दिनचर्या बदलए लेल मजबूर छथि।
पहिने जतय दिन मे नमक खेत मे काम होइत छल, आब ओहि ठाम राति 1 बजे सँ भोर 8 बजे तक शिफ्ट चलैत अछि। दिनक तेज धूप मे सफेद नमक पर पड़ैत सूरजक किरण आंखि आ शरीर दुनू के झुलसा दैत अछि, एहि लेल अन्हार राति अब हुनकर सहारा बनि गेल अछि।
मुदा समय बदलला सँ समस्या कम नहि भेल अछि। मजदूर सभ बुनियादी सुविधा सँ वंचित छथि। महिला मजदूर कला अपन पीड़ा व्यक्त करैत कहैत छथि— हम सभ रातिभरि मेहनत करैत छी, मुदा एतय टॉयलेट तकक सुविधा नहि अछि। एतेक कठिन मेहनत के बादो खाली न्यूनतम मजदूरी भेटैत अछि। सरकार सँ हम सभ प्रोत्साहन भत्ता के मांग करैत छी।
दोसर मजदूर सत्यभामा कहैत छथि जे साइट पर पीबाक साफ पानी धरि उपलब्ध नहि अछि। हुनकर अनुसार— एतय पुरुष आ महिला दुनू काम करैत छथि, मुदा महिला लेल अलग सँ वॉशरूम तक नहि अछि। गर्मी एतेक तेज अछि जे दिन मे काम असंभव भ’ गेल अछि।
ई स्थिति ओहि समय सामने आयल अछि जखन भारतीय मौसम विभाग चेतावनी देलक अछि जे अप्रैल सँ जून 2026 धरि देशक कतेको हिस्सा, विशेष रूप स’ तटीय तमिलनाडु, मे सामान्य सँ बेसी ‘हीटवेव’ चलत।
ई खिस्सा खाली गर्मी नहि, बल्कि जलवायु परिवर्तन आ मजदूरक अधिकारक उपेक्षा के कटु सत्य सेहो उजागर करैत अछि— जतय जिनगी बचेबा लेल राति के दिन बनाब’ पड़ैत अछि।