एक-एक वर्क सर्किलसँ सैकड़ों करोड़ रुपैयाक ठेका जारी, नोएडा प्राधिकरणमे टेंडरक बाढ़

नोएडा। लम्बा समय धरि ठेकापर रोक लागल रहबाक बाद आब नोएडा प्राधिकरणमे ठेकाक बरसात जकाँ स्थिति बनि गेल अछि। प्राधिकरण कार्यालयसभमे ठेकेदारक भीड़ उमड़ि रहल अछि आ अभियंतासभक चेहरापर संतोषक मुस्कान देखल जा रहल अछि। विशेष रूपसँ वर्क सर्किल-1 आ वर्क सर्किल-2 मे टेंडरक मानूसनी बरखा भऽ रहल अछि। जानकारीक अनुसार, केवल एहि दुनू वर्क सर्किलमे लगभग 1,500 करोड़ रुपैयासँ अधिकक टेंडर जारी कएल जा रहल अछि।

लगभग दू वर्ष पहिने तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम अभियंतासभ आ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारीसभक टेंडर जारी करबाक अधिकारपर रोक लगा देने छलाह। ओहि समय सेहो विकास कार्यक नामपर बड़ पैमाना पर प्रस्ताव तैयार भऽ रहल छल।

कहल जाइत अछि जे डॉ. लोकेश एम विकास कार्यक समीक्षा लेल सभ संबंधित अधिकारी आ अभियंतासभक संग बैठक कएने छलाह। बैठकमे सभ वर्क सर्किलक अभियंतासभसँ अपन-अपन क्षेत्रमे चलि रहल आ प्रस्तावित विकास कार्यक सूची प्रस्तुत करबाक लेल कहल गेल। अधिकांश अभियंता 30 सँ 40 परियोजनाक सूची लऽ कऽ आएल छलाह, मुदा एक अभियंता 115 विकास कार्यक सूची प्रस्तुत कऽ देलनि। ई देखि सभ चकित भऽ गेलाह, किएक तँ हुनकर क्षेत्रमे एतेक विकास कार्यक विशेष संभावना नहि मानल जाइत छल।

एहि सूची पर संदेह उत्पन्न होएला पर डॉ. लोकेश एम सभ टेंडरपर तत्काल रोक लगा देलनि आ संबंधित प्रस्तावसभक जांच करबाक निर्देश देलनि। एकर प्रभाव ई भेल जे लगातार टेंडर जारी करऽ वला अभियंतासभक गतिविधिपर विराम लागि गेल।

मानल जाइत अछि जे डॉ. लोकेश एमक एहि सख्ती सँ कतेको प्रभावशाली लोक असंतुष्ट भऽ गेल छलाह आ एकर राजनीतिक-प्रशासनिक असर सेहो देखबाक लेल भेटल। बादमे सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी क्षेत्रमे एक युवा इंजीनियरक गहिर गड्ढामे डूबिकऽ मृत्यु भऽ जाएलाक घटना उपरांत परिस्थितिमे बदलाव आएल।

वर्तमान मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश प्रभार ग्रहण करिते टेंडरपर लागल रोक हटाकऽ विकास कार्यसभकेँ पुनः गति देलनि। आब लगभग दू वर्षसँ लंबित परियोजनासभक कार्य तेजी सँ शुरू भऽ रहल अछि। हालांकि, आलोचकसभक कहब अछि जे लम्बा समयसँ रुकल प्रक्रिया फेर चालू होएला पर टेंडर जारी करबाक गति असामान्य रूपसँ तेज देखल जा रहल अछि।

नोएडा प्राधिकरणमे जारी एहि टेंडर अभियान पर प्रशासनिक हलकासँ लऽ कऽ ठेकेदार समुदाय धरि सभक नजरि टिकल अछि। आब देखबाक विषय ई रहत जे विकास कार्यक गति आ पारदर्शिता दुनूकेँ कोना संतुलित राखल जाइत अछि।

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