
मुंबई : मुंबई मे मानसूनक शुरुआत सँ पहिने शहरक नाला-नालीक सफाई तेज भ’ गेल अछि। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) एहि बेर बरखा काल मे जलजमाव आ सड़क डूबबाक समस्या सँ निपटबाक तैयारी मे जुटल अछि। मुदा सफाई अभियान मे जे सामान सामने आयल, ताहि स स्वयं नगर निगम के अधिकारी सब सेहो अचंभित छथि।
नाला सँ खाली गाद आ कीचड़ नहि, बल्कि पुरान ऑटोरिक्शा, सड़ल-गलल सोफा, गद्दा, बेड, फ्रिज आ भारी इलेक्ट्रॉनिक कबाड़ निकालल गेल। कतेको ठाम त’ क्रेन लगा क’ अहि सामान सबकें बाहर निकाल’ पड़ल।
मुंबई मे एहि साल 5 जून धरि मानसून पहुँचबाक संभावना जताओल गेल अछि। मानसून के देखैत बरसात सँ पहिने बीएमसी शहरक प्रमुख नाला सभक डीसिल्टिंग यानी गाद हटाबै काज युद्धस्तर पर कए रहल अछि, ताकि पानीक बहाव बाधित नहि हो आ सड़क पर बाढ़ि सन स्थिति उत्पन्न नहि हो।
BMC के अनुसार शहरक लगभग 80 प्रतिशत नालाक सफाई काज पूरा भ’ चुकल अछि। मुदा सफाई अभियान मे नाला सँ जाहि मात्रा मे घरेलू सामान आ कबाड़ निकलल, ओ शहर मे कचरा प्रबंधनक खराब स्थिति पर गंभीर सवाल उठा रहल अछि।
नगर निगम आब नालामे कचरा फेंकनिहार लोकसभ पर दंडात्मक कार्रवाई करबाक तैयारी मे अछि। नियमक अनुसार गलती करए पर 200 टका सँ लऽ कए 5 हजार टका धरि दंड लगाओल जा सकैत अछि। यद्यपि अधिकारीसभ मानैत छथि जे झुग्गी-बस्ती इलाका मे एहि नियमक सख्ती सँ पालन करब आसान नहि अछि।
एहि बीच मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) सेहो मानसून सँ पहिने अलर्ट मोड मे आबि गेल अछि। शहर मे चलि रहल मेट्रो आ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लेल विशेष ‘साइट-स्पेसिफिक मानसून तैयारी प्लान’ (SMPP) लागू करबाक निर्देश देल गेल अछि।
एहि प्लान मे पानी निकास व्यवस्था, ढलान सुरक्षा, वॉटरप्रूफिंग, मजदूर सुरक्षा, बाढ़ि सँ बचाव उपाय आ इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम शामिल रहत। सभ कॉन्ट्रैक्टर कें समय पर तैयारी रिपोर्ट जमा करबाक निर्देश देल गेल अछि।
MMRDA क अनुसार IMD अथवा नगर निगम द्वारा ‘रेड अलर्ट’ जारी होए पर हाई-रिस्क निर्माण काज तत्काल रोकि देल जाएत। कॉन्ट्रैक्टर सभकें मलबा हटेबाक, खराब नाला-फुटपाथ दुरुस्त करबाक आ बिजली सिस्टमक जांच सुनिश्चित करबाक सेहो निर्देश देल गेल अछि।
लोकसभक शिकायत आ आपदा प्रबंधन लेल 15 अक्टूबर धरि 24 घंटा चालू रहए वाला कंट्रोल रूम सेहो बनाओल गेल अछि।
मुंबई मे मानसून आबि रहल अछि, मुदा बरखा सँ पहिने नाला सँ निकलल ई सामान लापरवाही, कचरा फेंकबाक आदत आ खराब नागरिक व्यवस्था पर बहुत पैघ सवाल छोड़ि रहल अछि।