भारत केँ भेटल पहिल डेंगू वैक्सीन, DCGI देलक Takeda क QDENGA केँ मंजूरी

नई दिल्ली। भारतमे डेंगूक रोकथाम दिशामे एकटा पैघ उपलब्धि हासिल भेल अछि। देशक औषधि नियामक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) जापानक दवा कंपनी टाकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स द्वारा विकसित एंटी-डेंगू वैक्सीन QDENGA केँ बाजारमे उपयोगक मंजूरी दऽ देलक अछि। एहि संग QDENGA भारतमे स्वीकृति पाबय बला पहिल डेंगू वैक्सीन बनि गेल अछि।

टाकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स इंडियाक अनुसार, नई दवा आ क्लीनिकल ट्रायल (NDCT) नियम, 2019 क तहत 4 सँ 60 वर्ष आयुक लोकसभमे डेंगूक रोकथाम लेल QDENGA केँ मार्केट ऑथराइजेशन देल गेल अछि।

पहिने डेंगू भेल अछि कि नहि, जांचक जरूरत नहि

कंपनीक अनुसार, QDENGA क खास बात ई अछि जे ई वैक्सीन ओहि लोकनिक सेहो देल जा सकैत अछि, जकरा पहिने डेंगू भेल होइ अथवा नहि भेल होइ। वैक्सीन लगाबय सँ पहिने ककरो डेंगूक पूर्व संक्रमणक जांच (सेरोलॉजिकल टेस्ट) कराबयक आवश्यकता नहि पड़त।

भारतमे डेंगू आबो पैघ स्वास्थ्य चुनौती

भारतमे डेंगू आबो सार्वजनिक स्वास्थ्य लेल गंभीर चुनौती बनल अछि। नेशनल वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रमक आंकड़ाक अनुसार, एहि वर्ष फरवरी धरि देशमे 6,927 डेंगूक मामला दर्ज भेल, जखनकि 10 गोटेक मृत्यु सेहो भेल।

स्वास्थ्य विशेषज्ञक अनुसार, दुनियाभरिमे डेंगूक कुल मामला सभमे लगभग एक-तिहाई भारतसँ अबैत अछि। देशक अधिकांश राज्यसभमे डेंगू वायरसक संक्रमणक खतरा लगातार बनल रहैत अछि।

डेंगू वायरसक चारू प्रकार सँ सुरक्षा

टाकेडा कंपनीक दावा अछि जे QDENGA डेंगू वायरसक चारू सीरोटाइप (DENV-1, DENV-2, DENV-3 आ DENV-4) क विरुद्ध प्रभावी सुरक्षा प्रदान करैत अछि।

कंपनीक इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स प्रमुख महेंद्र नायक कहलनि जे सात वर्षक अध्ययनक परिणाम सँ स्पष्ट भेल अछि जे ई वैक्सीन डेंगू संक्रमण आ अस्पतालमे भर्ती होयबाक जोखिम केँ लगातार कम करैत अछि। हुनकर अनुसार ई समुदाय आ स्वास्थ्य व्यवस्था दुनूक लेल महत्वपूर्ण उपलब्धि अछि।

43 देशमे भेटि चुकल अछि मंजूरी

वर्ष 2022 मे वैश्विक स्तर पर लॉन्च भेलाक बाद QDENGA केँ एखन धरि 43 देश मे नियामकीय मंजूरी भेटि चुकल अछि। दुनियाभरिमे एहि वैक्सीनक 3.2 करोड़ (32 मिलियन) सँ अधिक डोज वितरित कएल जा चुकल अछि।

भारत लेल महत्वपूर्ण कदम

दक्षिण-पूर्व एशिया आ भारत क्लस्टरक मेडिकल अफेयर्स प्रमुख गो चू बेंग कहलनि जे भारतमे डेंगूक बोझ बहुत अधिक अछि आ अनेक क्षेत्रमे वायरसक चारू प्रकार एक्के समय सक्रिय रहैत अछि।

हुनकर अनुसार QDENGA केँ एहि प्रकार सँ विकसित कएल गेल अछि जे ई चारू सीरोटाइप सँ सुरक्षा प्रदान करय। एहि वैक्सीनक मंजूरी भारतमे डेंगू नियंत्रणक व्यापक रणनीति—जकरा अंतर्गत मच्छर नियंत्रण, निगरानी, जन-जागरूकता आ सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय शामिल अछि—ओकरा मजबूत करत।

व्यापक क्लीनिकल परीक्षणक बाद भेटल मंजूरी

QDENGA केँ मंजूरी टाकेडाक वैश्विक क्लीनिकल डेवलपमेंट कार्यक्रमक आधार पर देल गेल अछि। एहि कार्यक्रम अंतर्गत 19 फेज-I, II आ III क्लीनिकल ट्रायल कएल गेल, जाहिमे 28,000 सँ अधिक प्रतिभागी शामिल छलाह।

एहि कार्यक्रममे प्रमुख फेज-III TIDES (DEN-301) अध्ययन सेहो शामिल छल, जाहिमे आठ देशक 20,000 सँ अधिक लोक पर वैक्सीनक दीर्घकालिक सुरक्षा आ प्रभावशीलताक मूल्यांकन कएल गेल।

अध्ययनक अनुसार—

  • दोसर डोजक 12 मास बाद वैक्सीनक कुल प्रभावशीलता 80.2 प्रतिशत रहल।
  • 18 मास बाद डेंगूक कारण अस्पतालमे भर्ती होयबाक मामलामे 90.4 प्रतिशत सुरक्षा दर्ज कएल गेल।
  • 4.5 वर्ष बाद सेहो अस्पतालमे भर्ती होयबाक जोखिमसँ बचावमे 84.1 प्रतिशत प्रभावशीलता बरकरार रहल।
  • सात वर्षक अनुवर्ती अध्ययनमे ई प्रमाणित भेल जे QDENGA डेंगू वायरसक चारू सीरोटाइपक विरुद्ध लगातार सुरक्षा प्रदान करैत अछि।

डेंगू नियंत्रणक दिशामे नव अध्याय

स्वास्थ्य विशेषज्ञक मानब अछि जे QDENGA केँ मंजूरी भेटलासँ भारतमे डेंगूक रोकथाम अभियान केँ नव मजबूती भेटत। एखन धरि डेंगूक कोनो विशेष इलाज उपलब्ध नहि छल आ गंभीर अवस्थामे डेंगू हेमरेजिक फीवर जानलेवा साबित भऽ सकैत अछि। एहन स्थितिमे देशक पहिल स्वीकृत डेंगू वैक्सीनक उपलब्धता सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र लेल एकटा ऐतिहासिक उपलब्धि मानल जा रहल अछि।

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