दिल्ली। सुपरिचित साहित्यकार डॉ. ओम प्रकाश झा कहलनि जे पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लिखल ‘जगद्गुरु श्रीशंकराचार्य’ आ ‘सम्राट चन्द्रगुप्त’ उत्कृष्ट ऐतिहासिक रचना अछि। दुनू पुस्तक आकारमे भले छोट अछि, मुदा एहि सभमे निहित संदेश व्यापक आ महत्वपूर्ण अछि। दुनू पुस्तकक केंद्रीय भाव राष्ट्रक एकता आ राष्ट्रबोध सँ जुड़ल अछि। हुनका अनुसार, एहि पुस्तक सभकेँ शैक्षिक पाठ्यक्रममे शामिल करबाक चाही, जाहि सँ विद्यार्थी सभमे चरित्र-निर्माण, राष्ट्रबोध आ नैतिक मूल्यक विकास भऽ सकय।
डॉ. झा शनिदिन नव दिल्लीमे अखिल भारतीय साहित्य परिषद् सँ संबद्ध इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती द्वारा आयोजित पुस्तक-चर्चा कार्यक्रममे अपन विचार व्यक्त कऽ रहल छलाह। कार्यक्रममे पंडित दीनदयाल उपाध्यायक ‘जगद्गुरु श्रीशंकराचार्य’ आ ‘सम्राट चन्द्रगुप्त’ पुस्तक पर वक्ता सभ अपन विचार रखलनि।
डॉ. झा कहलनि जे ‘जगद्गुरु श्रीशंकराचार्य’ महान दार्शनिक आदिशंकराचार्यक प्रेरणादायी जीवन पर आधारित रचना अछि। देशक विविधतामे एकता स्थापित करबाक लेल आदिशंकराचार्य भारतक चारू कोनमे चारि प्रसिद्ध मठक स्थापना केने छलाह। जाहि समय देश राजनीतिक रूप सँ बिखरल छल, ताहि समय शंकराचार्य सांस्कृतिक राष्ट्रवादक माध्यम सँ भारतकेँ एक सूत्रमे जोड़बाक प्रयास केलनि।
ओतहि ‘सम्राट चन्द्रगुप्त’ पुस्तकमे चाणक्यक कुशल मार्गदर्शन आ चन्द्रगुप्तक अटूट राष्ट्रप्रेमकेँ प्रमुखता सँ प्रस्तुत कएल गेल अछि। डॉ. झा कहलनि जे दुनू पुस्तकमे राष्ट्रक एकता, राष्ट्रीय चेतना आ राष्ट्रकेँ सशक्त बनयबाक संदेश प्रमुख रूप सँ सामने अबैत अछि।
कार्यक्रममे सुपरिचित लेखक चन्दन कुमार कहलनि जे ‘जगद्गुरु श्रीशंकराचार्य’ समाजकेँ एक सूत्रमे पिरोबाक शाश्वत आ जीवंत दस्तावेज अछि। ओ कहलनि जे ‘सम्राट चन्द्रगुप्त’ मे चाणक्यक माध्यम सँ राष्ट्रहितक सर्वोच्चताक संदेश देल गेल अछि। पुस्तकमे चाणक्य चन्द्रगुप्त सँ कहैत छथि जे राष्ट्रहितक आगाँ राजाक कोनो मूल्य नहि अछि। राजा राष्ट्रक लेल होइत अछि, राष्ट्र राजाक लेल नहि।
चन्दन कुमार कहलनि जे पंडित दीनदयाल उपाध्याय दुनू पुस्तकक माध्यम सँ राष्ट्रकेँ सशक्त बनेबाक आ राष्ट्रीय चेतनाकेँ मजबूत करबाक बात पर जोर देने छथि।
पुस्तक-चर्चाक संचालन इंद्रप्रस्थ साहित्य भारतीक मध्य क्षेत्र साहित्य केंद्रक संयोजक वरुण कुमार केलनि। एहि अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद्क केंद्रीय कार्यालय सचिव संजीव सिन्हा, विकास आनंद, संदीप द्विवेदी, शिवनारायण आ इन्दल कुमार सहित अन्य सहभागी उपस्थित छलाह।
