
नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) केर अध्यक्षक रूपमे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आइ दिल्लीमे ICAR केर महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारीसभक संग उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कएलनि। एहि बैठकमे संस्थानसभक कार्यप्रणाली, जवाबदेही, गुणवत्ता आ किसानोन्मुख परिणामकेँ ल’ क’ स्पष्ट आ कड़ा दिशा-निर्देश देल गेल।
बैठकक शुरुआतमे केंद्रीय मंत्री पुणे स्थित राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान केर 15 मई क’ औचक निरीक्षणमे सामने आयल कमीक प्रति गंभीर नाराजगी व्यक्त कएलनि। हुनका अनुसार निरीक्षणक दौरान संस्थानमे अव्यवस्था, कमजोर कार्यप्रणाली आ दूरदर्शिताक अभाव स्पष्ट रूपसँ देखाइ देलक।
शिवराज सिंह चौहान कहलनि जे निरीक्षणक दौरान उपस्थित मुख्य अधिकारीकेँ अंगूर संस्थान संबंधी बुनियादी जानकारी धरि नहि छल। “पहिने हमरा फील्ड पर जायसँ रोकल गेल, कहल गेल जे एखन अंगूर नहि अछि। मुदा जखन हम पहुँचलहुँ त’ नर्सरीमे घास उगल देखलहुँ। मजदूर नहि भेटबाक बहाना कतय धरि उचित अछि?” मंत्री कड़ा लहजामे प्रश्न उठौलनि।
हुनका कहनाम छल जे निर्यात, रोग प्रबंधन आ नव किस्मक विकास जेकाँ महत्वपूर्ण विषय पर संस्थानक अधिकारी संतोषजनक जवाब नहि द’ सकलाह। प्रस्तुतिकरण सेहो अत्यंत नीरस छल। किसानसभ सेहो शिकायत कएलनि जे ओ सभ निजी नर्सरीसँ वैरायटी लेबाक लेल मजबूर छथि।
बैठकमे मंत्री डीडीजी (बागवानी) डॉ. एस.के. सिंह सँ सेहो सीधा सवाल कएलनि जे डीडीजी होइत संस्थानक निगरानी कतय छल। “यदि एहन संस्थान चलि रहल अछि त’ ई राष्ट्रीय क्षति अछि। किसान आ देशक हितमे एहन लापरवाही बर्दाश्त नहि कएल जाएत,” ओ स्पष्ट शब्दमे कहलनि।
केंद्रीय मंत्री जोर दैत कहलनि जे राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थानसभक काज केवल औपचारिकता नहि, बल्कि खेत, किसान आ बाजारक वास्तविक जरूरतक समाधान देब होयबाक चाही। बेहतर अनुसंधान, निर्यातोन्मुख दृष्टिकोण, रोग नियंत्रण आ गुणवत्तापूर्ण किस्मक विकास पर ठोस काज अनिवार्य अछि।
बैठकमे निर्देश देल गेल जे राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान, पुणे केर निदेशक डॉ. कौशिक बनर्जी केँ कारण बताओ नोटिस जारी कएल जाए। जवाब संतोषजनक नहि भेटलापर नियमानुसार कार्रवाई होएत।
एहि संग मंत्री ICAR केर महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट केँ निर्देश देलनि जे 8 सँ 10 सदस्यीय टीम गठित क’ ICAR केर सभ 113 संस्थानक औचक निरीक्षण कराओल जाए। मंत्री स्वयं सेहो विभिन्न संस्थानक औचक निरीक्षण करताह।
बैठकमे निर्णय लेल गेल जे सभ संस्थान लेल स्पष्ट प्रदर्शन मानक आ पैरामीटर तय कएल जाएत। एहि आधार पर संस्थानसभक रैंकिंग तैयार होएत। उत्कृष्ट प्रदर्शन करनिहार संस्थानकेँ सम्मान आ प्रोत्साहन देल जाएत, जखनकि कमजोर प्रदर्शन पर आवश्यक कार्रवाई कएल जाएत।
शिवराज सिंह चौहान कहलनि जे 16 जुलाईक ICAR फाउंडेशन डे सँ पहिने पूरा सुधारात्मक एजेंडा जमीन पर उतरैत देखाइ देबाक चाही। ओ कहलनि जे ई केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहि, बल्कि कृषि अनुसंधान तंत्रकेँ अधिक जीवंत, जवाबदेह आ किसान-केंद्रित बनाबयक अभियान अछि।
मंत्री स्पष्ट कएलनि जे ICAR केर सभ संस्थान कमजोर नहि छथि। हुनका करनाल स्थित गेहूं अनुसंधान संस्थान केर काजक सराहना करैत कहलनि जे बेहतर प्रदर्शन करनिहार संस्थानकेँ मॉडल बनाक’ प्रस्तुत कएल जाए।
बैठकक अंतमे शिवराज सिंह चौहान अधिकारीसभकेँ एकजुट भ’ कमीक पहचान करबाक, समाधान निकालबाक आ किसान तथा देशक सर्वोच्च हितमे प्रतिबद्धताक संग काज करबाक आह्वान कएलनि।
ओ कहलनि, “ICAR जेकाँ संस्थान भारतक कृषि केँ नव ऊंचाई धरि ल’ जाए सकैत अछि। एहिलेल हर स्तर पर दृष्टि, प्रतिबद्धता आ परिणाम सुनिश्चित करब जरूरी अछि।”