सुपर फूड मड़ुआ मिथिला के प्रमुख खाद्यान्न मे शामिल अछि। यद्यपि वर्तमान समय मे लोक एकर सेवन कम करय लगलाह अछि तथापि किछु दशक पूर्व तक ई मिथिला के भोजनक प्रमुख आ नियमित हिस्सा होइत छल। अपन अनेकानेक औषधीय गुण के कारण एकरा सुपर फूड कहल जाइत अछि। मड़ुवा मे डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर, कब्ज, हृदय रोग, कैंसर आदि कतेको बीमारी ठीक करबाक औषधीय गुण छैक। मिथिला मे त’ अकर धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व सेहो छैक। जितिया पावनि मे मडु़आ रोटी आ माछ खयबाक परम्परा रहल अछि। दक्षिण भारत मे मड़ुवा से इडली सेहो बनाओल जाइत अछि।
मड़ुआ के रागी, नाचनी, फिंगर मिलेट आदि कतेको नाम स जानल जाइत छैक। मड़ुुवा मे फाइबर, पोटाशियम, प्रोटीन आ कैल्शियम आदि प्रचूर मात्रा मे पाओल जाइत छैक । मड़ुआ एकमात्र एहन नाॅन डेयरी प्राॅडक्ट छैक जाहि मे सर्वाधिक कैल्शियम पाओल जाइत छैक। 100 ग्राम मड़ुआ मे 344 मिली ग्राम कैल्शियम पाओल जाइत छैक। तैं एकर नियमित उपयोग स हड्डी आ दाँत त मजगूत होइते छैक संगहि ऑस्टियोपोरोसिस के रोकथाम मे सेहो ई कारगर छैक। मड़ुआ एंटीऑक्सीडेंट होइत छैक। अहि मे मौजूद टैनिन, पाॅलीफिनोल्स आ फ्लेवनाॅडस आदि फेनोलिक तत्व हृदय रोग, गठिया आदि के खतरा के कम करैत छैक।
मड़ुवा के एंटी-डायबिटिक गुण सेहो अछि जे टाइप 2 डाइबिटीज के खतरा कम करैत अछि। ई ग्लाइसेमिक खाद्य पदार्थ अछि जे ब्लड ग्लूकोज के नियंत्रित करबा मे सहायक होइत अछि। एतबा नहि, कैंसर स बचाव लेल सेहो ई कारगर अछि। मड़ुआ मे किछु खास एमिनो एसिड यथा मेथिओनाइन, सिस्टीन आ लायसिन पाओल जाइत अछि जे कैंसर स बचाव मे सहायक होइत अछि। अहि मे मौजूद डायटरी फाइबर सेहो कैंसर स बचाव मे लाभदायक भ’ सकैत अछि।
अखन कोरोना काल मे कोविड-19 स बचाव हेतु प्रोटीन के सेवन पर सर्वाधिक जोर देल गेल अछि। मडु़आ प्राकृतिक रूप से प्रोटीन के निक स्रोत अछि। प्रोटीन मांसपेशी के मजगूत करैत अछि एवं शरीर के ऊर्जा प्रदान करैत अछि। संगहि मडु़वा शरीर के वजन कम करवा में सेहो सहायक सिद्ध भेल अछि। एक शोध के अनुसार अहि मे मेट्रिप्टोफैन नामक एमिनो एसिड पाओल जाइत अछि जे भूख के कम क’ वजन नियंत्रित करबा मे मददि करैत अछि। हाई फाइबर स युक्त रहला कारणे ई मोटापा कम करबा मे सेहो लाभदायक अछि।
मड़ुवा त्वचा हेतु सेहो गुणकारी अछि। मड़ुवा मे पाओल जाय बला फेरुलिक एसिड यूवी विकिरण स त्वचा के रक्षा करैत अछि। अकर नियमित सेवन त्वचा के चमकदार रखैत अछि। अहि मे मौजूद मिथायोनिन आ लाइसिन त्वचा के कसावट के कायम रखैत अछि आ झुर्री के रोकय मे सहायक अछि। एतबा नहि ई अनिद्रा, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल वृद्धि स होइबला रोग मे सेहो लाभदायक अछि।
प्राचीन काल स मिथिला मे मोट अनाज खयबाक परम्परा रहल अछि। ज्वार, जौ, मकई, मड़ुवा आदि मोट अनाज के श्रेणी मे अछि जे बहुत स्वास्थ्यप्रद मानल गेल अछि। अहि मे फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, कैल्शियम आदि बहुतो पोषक तत्व पाओल जाइत अछि जे शरीर के आवश्यक पोषण दैत अछि संगहि कतेको बीमारी स रक्षा करैत अछि। तथापि मड़ुवा के बहुत बेसी सेवन स्वास्थ्य लेल नोकसानदायक सेहो छैक। अकर अत्यधिक सेवन शरीर मे ऑक्जेलिक एसिड बढ़बैत छैक। संगहि गुर्दा मे पथरी बला के एकर सेवन स परहेज करबाक चाही।
साभार : विज्ञान रत्नाकर