
नोएडा। करीब पाँच दशक पहिने जखन नोएडा औद्योगिक नगर के बसाओल जा रहल छल, तखन अहि उपनगर के औद्योगिक आ आवासीय दुनु दृष्टि स देश के प्रमुख नगर बनेबाक कार्ययोजना छल। नोएडा विकास प्राधिकरण के स्थापना अहि कार्ययोजना के मूर्त रूप देबाक लेल कयल गेल छल। मुदा आब नोएडा सरकारी भ्रष्टाचार आ अतिक्रमण के शिकार भ गेल अछि। अतेक धरि जे स्वयं प्राधिकरण, जे शहर मे हरियाली बढ़ेबाक उद्देश्य स जे विभिन्न सेक्टर मे जे मास्टर प्लान के अंतर्गत पार्क निर्माण कयने छल, ताहि मे व्यवसायिक गतिविधि के अनुमति द रहल अछि। आब औद्योगिक सेक्टर के बहुतो रास पार्क मे शौचालय, विद्युत सब स्टेशन स सघन झुग्गी-झोपड़ी तक देखा रहल अछि।
नोएडा के औद्योगिक सेक्टर मे पार्क फेसिंग के नाम पर अतिरिक्त शुल्क सेहो लेल गेल छल। मुदा पार्क मे हरियाली बढ़ेबाक जगह शौचालय आ मूत्रालय बनाओल जा रहल अछि। सेक्टर 10 के बी-2 स बी-21 के सामने बनाओल गेल पार्क मे हरियाली बढ़ेबाक स्थान पर करीब आधा हिस्सा मे बिजली विभाग द्वारा सब स्टेशन बना देल गेल, जखनकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार पार्क के हरियाली के क्षति पहुँचेनाय दंडात्मक प्रावधान के अंतर्गत अछि। मास्टर प्लान के उल्लंघन करैत बिना एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अनुमति आ शासन के अनुमोदन लेने औद्योगिक सेक्टर के पार्क मे भूखंड के आवंटन कयल गेल अछि, जाहि मे अधिकांश पर व्यवसायिक गतिविधि के संचालन कयल जा रहल अछि।
औद्योगिक सेक्टर 4,5,8,9 आ 10 मे बनाओल गेल पार्क मे सघन झुग्गी-झोपड़ी बनाओल गेल अछि जकरा हटेनाई आवश्यक अछि। पुनर्वास योजना के तहत अहि झुग्गी-झोपड़ी मे रहनिहार लोक के विस्थापित क पार्क आ सेक्टर के सौन्दर्यीकरण कयल जा सकैत अछि। संगे औद्योगिक सेक्टर के तीनू फेज मे तमाम तरहक अतिक्रमण के हटा ग्रीन बेल्ट के विकास करब सेक्टर आ पर्यावरण दुनु लेल लाभदायक रहत।
भूखंड आवंटन के समय कवर्ड एरिया के अनुसार एक हिस्सा मे उद्यमी के हरियाली लेल पार्क के निर्माण करय पड़ैत छैक, जकर रखरखाव सहित समस्त खर्च उद्यमी के वहन करय पड़ैत छैक। अहिठाम 5 हजार स 20 हजार वर्गमीटर तक के भूखंड अछि। जाहि पर निर्देशानुसार उद्यमी वर्ग द्वारा पैघ पार्क सेहो विकसित कयल गेल अछि। अहि पार्क के रखरखाव हेतु माली समेत 5 स 10 लोक के राखल गेल अछि। जाहि स उद्यमी वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक दवाब रहैत छन्हि। कोविद काल मे व्यवसाय पर पड़ैत दवाब के देखैत उद्यमी वर्ग चाहैत अछि जे अहि पार्क सभक रखरखाव के जिम्मेदारी आब प्राधिकरण वहन करय।

एमएसएमई नोएडा के अध्यक्ष सुरेन्द्र नाहटा के कहब छन्हि जे मास्टर प्लान के उल्लंघन क’ एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अनुमोदन के बिना पार्क मे भूखंड आवंटित कयल गेल अछि जाहि मे शौचालय आ अन्य व्यवसायिक गतिविधि भ रहल अछि जाहि पर तत्काल रोक आवश्यक अछि। ओ पार्क के मॉनिटरिंग के आवश्यकता पर जोर दैत सरकार स माँग करैत छथि जे पार्क के अवैध व्यवसायिकरण मे लिप्त दोषी व्यक्ति, विभाग आ अधिकारी पर कठोर कार्रवाई कयल जाय।