विपिन बादल
नोएडा प्राधिकरण अपन विकास कार्य स बेसी भ्रष्टाचार के दाग लेल चर्चित रहल अछि। यादव सिंह प्रकरण स त पूरा देश चकित रहि गेल छल। किछु अधिकारी के भ्रष्ट आचरण स प्राधिकरण के सेहो आर्थिक नोकसान भेल अछि। शायद अहि कारणे प्राधिकरण आम शहरवासी आ उद्यमी पर विभिन्न प्रकार के आर्थिक दंड लगा रहल अछि। नोएडा उद्यमी वर्ग के आरोप अछि जे विगत मे किछु अधिकारी द्वारा कयल गेल घोटाला के प्रतिपूर्ति प्राधिकरण जल/सीवर पर जबरदस्ती आर्थिक दंड समेत अन्य तरह स असूल’ चाहैत अछि।
नोएडा के फर्ज १,२ आ ३ मे १६ हजार स बेसी सूक्ष्म, लघु आ मध्यम श्रेणी के औद्योगिक इकाई अछि। प्रदेश सरकार के सर्वाधिक राजस्व अहि क्षेत्र स प्राप्त होइत अछि। लॉकडाउन के अवधि मे सेहो जरूरी सेवा स जुड़ल अहि मे स अधिकांश इकाई अपन सेवा निरंतर दैत रहल। आब अहि उद्यमी सब पर प्राधिकरण दिस स बलजोरी जल/सीवर के बिल पर आर्थिक दंड लगा के हुनका आर्थिक आ मानसिक रूप स तंग कयल जा रहल अछि
पूर्व के शासन काल मे कयल गेल घोटाला के खामियाजा आब उद्यमी सबकें भुगतय पड़ि रहल छन्हि। एमएसएमई इंडस्ट्रियल नोएडा के अध्यक्ष सुरेन्द्र नाहटा कहलनि जे अंडरग्राउंड केबलिंग, नोएडा स्टेडियम निर्माण, औद्योगिक भूखंड के व्यवसायिकरण, विस्तारित भूखंड के फाइनेंसर के हाथ बेचनाई आदि अनेको घोटाला के माध्यम स करोड़ो रुपैया कमेनिहार भ्रष्ट अधिकारी सभक संपत्ति जब्त कय प्राधिकरण के अपन आर्थिक घाटा के क्षतिपूर्ति करबाक चाहि, उद्यमी पर विभिन्न तरहक आर्थिक दंड लगा के नहि। हुनक कहब छन्हि जे विभिन्न घोटाला मे १० अधिकारी के भूमिका पाओल गेल अछि मुदा हुनका सबकें जेल पठेबाक बदला उल्टे संरक्षण देल जा रहल अछि। स्थिति ई अछि जे अहि म स एकटा अधिकारी कानपुर मे यूपीसीडा मे पैघ पद पर आसीन छथि। अहि अधिकारी सबकें संरक्षण देनिहार सभक सेहो विजिलेंस जांच के माध्यम स संपत्ति के आकलन करबाक चाहि ताकि क्षेत्र के उद्यमी सहजतापूर्वक अपन उद्यम चला सकैथ।