
नई दिल्ली। जर्नलिस्ट वेलफेयर फंडक नवगठित समिति के बैठक मे सरकार स मांग कयल गेल जे देशक सब पत्रकार के, चाहे और मान्यता प्राप्त होई वा नहि, के सरकार दिस स बीमा योजना देल जाय। समिति दिस स ई मांग जर्नलिस्ट वेलफेयर फंड के सदस्य आ प्रेस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संतोष ठाकुर रखलन्हि। अहि मांग पर केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव अमित खरे सकारात्मक प्रतिक्रिया देलनि। ओ कहलनि जे केन्द्र सरकार दिस स जर्नलिस्ट वेलफेयर फंड के अंतर्गत पत्रकार के असामयिक मृत्यु एवं बीमारी पर आर्थिक सहायता देल जाइत अछि। एहन मे महानगर समेत सब राज्यक विभिन्न जिला के पत्रकार के सूचना केन्द्र सरकार के देल जाय जिनकर असामयिक मृत्यु भ गेल छनि वा जे गंभीर बीमारी स पीड़ित छथि आ हुनक परिवार के आर्थिक मददि के जरूरत छनि।
संतोष ठाकुर अपन बिहार यात्रा के मध्य बातचीत मे मैथिली टाइम्स के ई सूचना दैत कहलनि जे हम सरकार स मांग केलौंह जे छोट शहर और ग्रामीण क्षेत्र मे काज केनिहार पत्रकार सबकें सेहो बीमा देबाक चाही। ओ कहलनि जे जखनो हम मधुबनी अबैत छी आ अहिठाम बेनीपट्टी, हरलाखी, कलुआही, जयनगर आदि जगह पर पत्रकार के काज करैत छी त अनुभव करैत छी जे बहुतो समस्या स ग्रसित रहैत छथि आ हुनका कोनो सामाजिक सुरक्षा सेहो प्राप्त नहि छनि। यैह हाल दिल्ली, मुंबई सन महानगर समेत देशक सब राज्य और जिला के पत्रकार के छन्हि। एना मे सरकार ₹२००० स ₹३००० वार्षिक प्रीमियम बला कोनो बीमा योजना आनथि जाहि मे न्यूनतम ५० लाख के बीमा राशि के प्रावधान होय। अहि लेल केन्द्र सरकार के स्तर पर बीमा कम्पनी के पत्रकार केन्द्रित बीमा योजना आनबाक निर्देश देल जाय। अहि स सरकार, बीमा कम्पनी आ पत्रकार सबके लाभ होयतैक। देशभरि के लाखो पत्रकार, चाहे ओ मान्यता प्राप्त होथि वा नहि, कंपनी के बीमा योजना स जुड़ताह, जाहि स एक संग बहुत राशि कंपनी लग आयत। कतेको राज्य सरकार पत्रकार के बीमा योजना दैत अछि मुदा ओहि मे कतेको नियम – उप नियम ठूसि देल गेल अछि जाहि स अकर लाभ किछुए व्यक्ति के भेटि पबैत छनि। एना मे केन्द्र सरकार निर्धारित राशि स्वयं बीमा कंपनी के दैक आ राज्य सरकार सब के सेहो प्रेरित करय जे ओहो अलग-अलग बीमा योजना चलेबाक बदला अहि कंपनी सब कें अपना दिस स एकमुश्त राशि निर्गत क दैक जाहि स पत्रकार के बीमा योजना के अधिकतम लाभ प्राप्त भ सकय।
संतोष ठाकुर कहलनि जे हम सरकार स इहो मांग केलौंह अछि जे गंभीर बीमारी आ नौकरी छुटबाक स्थिति मे न्यूनतम ६ महीना स १ साल तक बेसिक या पूर्ण वेतन के गारंटी के प्रावधान सेहो भेला स पत्रकार के बहुत संबल भेटतन्हि।
कतेको राज्य सरकार ई काज क रहल अछि, बस अहि के केन्द्रीय आ व्यवस्थित रूप देबाक आवश्यकता अछि। संतोष ठाकुर, जे मैथिल पत्रकार ग्रुप के अध्यक्ष सेहो छथि, कहला जे हम सरकार स आग्रह केलौंह अछि जे अहि उद्देश्य स पीआईबी के वेबसाइट या सूचना प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत एकटा वेब पेज बनाओल जाय जाहि पर इच्छुक पत्रकार अपन नाम अंकित क सकैथ। अहि स सरकारक सब पसामाजिक सुरक्षा नीति आ उद्देश्य के गति भेटत।
ओ कहलनि जे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छथि त ई संभव अछि प्रधानमंत्री के निर्देश पर किसान, असंगठित क्षेत्र के कामगार आ अन्य वर्ग के लेल कतेको तरहक योजना चलि रहल अछि एहन मे पत्रकार लेल सेहो केन्द्र सरकार अहि तरहक योजना आरंभ क सकैत अछि।