नई दिल्ली। संसदक मानसून सत्रक पहिलहि दिन राजनीतिक घमासान तेज भ’ गेल अछि। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधीक विरोध प्रदर्शन केँ लऽ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आ कांग्रेस आमने-सामने आबि गेल अछि। भाजपा राहुल गांधीक प्रदर्शन केँ “अराजकता” करार देलक, जबकि कांग्रेस एकरा लोकतांत्रिक अधिकार बतबैत सरकार पर विपक्षक आवाज दबाबयक आरोप लगौलक।
भाजपाक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कहलनि जे राहुल गांधीक व्यवहार नेता प्रतिपक्षक पदक गरिमाक अनुरूप नहि अछि। हुनकर कहब छल जे लोकतंत्रमे विरोध आ अराजकता दुनू अलग-अलग बात अछि। जखन विरोध मर्यादाक सीमा पार कऽ जाइत अछि, तखन ओ अराजकतामे बदलि जाइत अछि।
हुनका अनुसार राहुल गांधी आब “अराजकताक राजनीति”क प्रतीक बनि गेल छथि। नितिन नवीन कहलनि जे प्रधानमंत्री केवल एकटा दलक नेता नहि, बल्कि देशक 140 करोड़ नागरिकक निर्वाचित प्रतिनिधि छथि। प्रधानमंत्री आवासक बाहर जे तरहक प्रदर्शन भेल, से लोकतांत्रिक विरोध नहि, बल्कि अराजकता फैलाबयक प्रयास छल।
ओतहि कांग्रेस नेता सचिन पायलट भाजपा आरोप केँ खारिज करैत कहलनि जे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी केँ सड़क सँ उठाकऽ हिरासतमे लेनाय आ हुनका संग कथित दुर्व्यवहार करनाय पूर्ण रूपेँ अस्वीकार्य अछि। हुनकर कहब छल जे राहुल गांधी युवासभक मुद्दा पर शांतिपूर्ण ढंग सँ विरोध दर्ज करा रहल छलाह।
सचिन पायलट कहलनि जे सरकार विपक्षक बात सुनबाक बदला ओकर नेता सभ केँ हिरासतमे लैत अछि, जे लोकतांत्रिक परंपराक अनुरूप नहि अछि। हुनका अनुसार पूरा विपक्ष आ देशक युवा न्यायक मांग कऽ रहल छथि आ कांग्रेस युवासभक अधिकार लेल अपन संघर्ष जारी राखत।
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल सेहो सरकार पर निशाना साधैत कहलनि जे सरकार विपक्षक संग अलोकतांत्रिक व्यवहार कऽ रहल अछि। हुनकर कहब छल जे विपक्ष नियमक अनुसार चर्चा लेल नोटिस देलक, मुदा सरकार चर्चा कराबयक बदला मामला टारयक प्रयास कऽ रहल अछि। हुनका अनुसार विपक्ष संसदक भीतर आ बाहर जनतासँ जुड़ल मुद्दा सभ उठबैत रहत।
मानसून सत्रक शुरुआतहि सँ एहि घटनाक्रम पर सत्ता पक्ष आ विपक्षक बीच तीख राजनीतिक बयानबाजी देखय लेल भेटल अछि। राजनीतिक जानकारक मानब अछि जे आबय बला दिनसभमे सेहो विभिन्न मुद्दा पर संसदक भीतर आ बाहर एहन टकराव जारी रहबाक संभावना अछि।
