भारतक नजर रूसक स्वदेशी विमान पर, SJ-100 आ IL-114-300 केर निरीक्षण करए स्वयं पहुँचलाह पुतिन

मॉस्को। रूसक राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्कोक निकट झुकोव्स्की (Zhukovsky) विमानन केंद्रक दौरा कए रूसमे पूर्णतः स्वदेशी तकनीक सँ विकसित नव नागरिक विमान SJ-100 (सुपरजेट) आ IL-114-300 केर निरीक्षण कएलनि। एहि विमानसभ केँ देखि पुतिन रूसक विमान निर्माण उद्योगक मुक्तकंठ सँ प्रशंसा करैत कहलनि जे रूस विदेशी तकनीक आ पुर्जापर निर्भरता समाप्त कए अपन दम पर आधुनिक विमान विकसित करए मे उल्लेखनीय सफलता हासिल कएने अछि।

पुतिन कहलनि जे आब रूस यूरोप आ अमेरिका केर तकनीक पर निर्भर नहि अछि। देश अपन वैज्ञानिक आ अभियंता सभक क्षमता केर बल पर पूर्णतः रूसी तकनीक सँ विमान तैयार कएने अछि, जे आत्मनिर्भरता दिशामे एकटा महत्वपूर्ण उपलब्धि अछि।

स्वदेशी विमान उद्योग केँ भेटत बढ़ावा

राष्ट्रपति पुतिन केँ यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) द्वारा विकसित MS-21-310, SJ-100 आ IL-114-300 जेकाँ नव विमान मॉडल देखाओल गेल। निरीक्षणक बाद नागरिक उड्डयन क्षेत्रक समीक्षा बैठकमे हुनका कहलनि जे सरकार सुनिश्चित करत जे भविष्य मे रूसी एयरलाइंस मुख्य रूप सँ देशमे निर्मित विमानक संचालन करय।

भारत सँ जुड़ल अछि पैघ कनेक्शन

एहि विमानसभक चर्चा भारत लेल सेहो महत्वपूर्ण मानल जा रहल अछि, किएक तँ भारत रूस सँ पैघ संख्यामे क्षेत्रीय (Regional) विमान खरीदबाक संभावना पर विचार कए रहल अछि। रिपोर्टक अनुसार SJ-100 रीजनल जेट आ IL-114-300 टर्बोप्रॉप विमान भारतक संभावित खरीद सूचीमे शामिल अछि।

सूत्रक अनुसार भारत लगभग 200 क्षेत्रीय विमान खरीदबाक योजना पर विचार कए रहल अछि, जाहिसँ छोट शहरसभ आ कम सेवा प्राप्त हवाई मार्गसभ पर हवाई संपर्क मजबूत कएल जा सकय।

HAL संग स्थानीय निर्माण पर सेहो चर्चा

रूसी अधिकारीसभक अनुसार भारतक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) संग एहि विमानसभक स्थानीय निर्माण (Local Manufacturing) पर सेहो बातचीत चलि रहल अछि। यदि परियोजना अंतिम रूप लैत अछि तँ भारतमे लाइसेंसक आधार पर SJ-100 केर निर्माण शुरू भ’ सकैत अछि।

भारतीय एयरलाइंस देखेलक गम्भीर रुचि

यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) केर वरिष्ठ अधिकारीसभ बतौलनि जे भारतीय एयरलाइंस SJ-100 आ IL-114-300 विमानमे गंभीर व्यावसायिक रुचि देखौने अछि। हुनकर अनुसार भारत पहिल देश अछि जाहि देश एहि विमानसभक खरीदमे वास्तविक दिलचस्पी देखौने अछि।

पिछला वर्ष आयोजित Wings India एयर शो मे सेहो एहि दुनू विमानक प्रदर्शन कएल गेल छल, जतय भारतीय एयरलाइंस एहि विमानसभक संचालन आ खरीदक संभावना पर अध्ययन कएलक।

200 सँ 300 विमानक बनि सकैत अछि बाजार

रूसी अधिकारीसभक अनुमान अछि जे भारत आ आसपासक क्षेत्रीय बाजारमे 200 सँ 300 क्षेत्रीय विमान केर मांग रहि सकैत अछि। यदि ई समझौता अंतिम रूप लैत अछि तँ ई भारत-रूस बीच नागरिक विमानन क्षेत्रक सभसँ पैघ साझेदारीमे सँ एक बनि सकैत अछि।

तीन वर्षमे भारतमे शुरू भ’ सकैत अछि निर्माण

सूत्रक अनुसार, सभ औपचारिक प्रक्रिया पूरा भेलाक बाद आगामी तीन वर्ष मे भारतमे सुपरजेटक निर्माण शुरू भ’ सकैत अछि। प्रारंभिक चरणमे प्रतिवर्ष 20 सँ 40 विमान बनाबयक योजना अछि।

IL-114-300 पूरा कएने अछि 350 सँ अधिक परीक्षण उड़ान

रूसक IL-114-300 टर्बोप्रॉप विमान 350 सँ अधिक परीक्षण उड़ान पूरा कए चुकल अछि आ आवश्यक प्रमाणन सेहो प्राप्त कएने अछि। विशेषज्ञसभक मानब अछि जे ई विमान भारतक क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क, विशेष रूप सँ छोट रनवे आ कम दूरीक मार्ग लेल अत्यंत उपयुक्त आ भरोसेमंद विकल्प साबित भ’ सकैत अछि।

यदि भारत एहि परियोजनाक संग आगाँ बढ़ैत अछि, तँ ई केवल विमान खरीद तक सीमित नहि रहत, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’, तकनीकी हस्तांतरण आ घरेलू विमान निर्माण क्षमता केँ मजबूती देबाक दिशामे सेहो एकटा महत्वपूर्ण कदम साबित होयत।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *