
नई दिल्ली। यूनिसेफ इंडिया द्वारा विकासात्मक विलंब, न्यूरोडाइवर्जेंस, ऑटिज्म आ दिव्यांगतासँ प्रभावित नन्हका बच्चासभक सहयोगक उद्देश्यसँ प्रमुख बिजनेस लीडर्सकेँ एक मंच पर आनिकऽ “इन्क्लूसिव इम्पैक्ट फॉर अर्ली इयर्स” (II4E) पहलकेँ आगाँ बढ़ाओल गेल। ई मंच कंपनिसभकेँ प्रोत्साहित करैत अछि जे ओ छोट बच्चासभक विकास आ समावेशनक क्षेत्रमे सक्रिय भूमिका निभाबथि।
एहि पहलक मुख्य उद्देश्य विकासात्मक चुनौतिसभक समय पर पहचान, देखभालकर्ता (केयरगिवर) सभकेँ सहयोग प्रदान करब तथा घर, स्कूल आ समुदाय स्तर पर बेसी समावेशी वातावरण तैयार करब अछि।
कार्यक्रममे व्यवसाय, स्वास्थ्य सेवा, परोपकार, नागरिक समाज आ दिव्यांगता क्षेत्रसँ जुड़ल विभिन्न लीडर्सकेँ II4E मंचसँ परिचित कराओल गेल। एकर माध्यमसँ बच्चासभक बेहतर विकास, समावेशी कार्यस्थल आ समावेशी समुदाय निर्माण लेल सहयोगक नव अवसर सभ पर चर्चा कएल गेल। कार्यक्रममे एहि बात पर विशेष जोर देल गेल जे समावेशी प्रारंभिक बाल्यावस्था आ दिव्यांगताकेँ बचपनसँ वयस्कता धरि एक सतत प्रक्रियाक रूपमे देखल जाए, जे समाज आ कार्यबलमे सहभागिताकेँ प्रभावित करैत अछि।
एहि अवसर पर यूनिसेफ इंडियाक स्वास्थ्य प्रमुख Dr. Nande Putta डॉ. नांदे पुट्टा कहलनि, “प्रारंभिक बाल विकास हस्तक्षेप सभसँ प्रभावी आ कम लागत वला उपायसभमे सँ एक अछि, जे प्रत्येक बच्चाकेँ, विशेष रूपसँ कमजोर वर्गक बच्चासभकेँ, अपन पूर्ण क्षमता तक पहुँचबामे सहायता करैत अछि। II4E माध्यमसँ हम व्यवसायिक संस्थासभकेँ समावेशी कार्यस्थल, देखभालकर्ता सहयोग, प्रारंभिक पहचान आ सामुदायिक जुड़ावक माध्यमसँ अपन प्रतिबद्धताकेँ व्यवहारमे उतारबाक अवसर दऽ रहल छी।”
सरकारक समावेशन दृष्टिकोणक अनुरूप II4E व्यवसायिक संस्थासभकेँ परिवार-अनुकूल नीति, कर्मचारी सहभागिता, देखभालकर्ताक सहयोग आ बच्चासभ तथा हुनकर परिवार लेल निवेशक माध्यमसँ योगदान देबाक लेल प्रेरित करैत अछि।
Divi’s Foundation for Gifted Children (DFGC) केर अध्यक्ष Dr. Pramod Gaddam डॉ. प्रमोद गड्डम कहलनि, “समानता आ समावेशनकेँ बढ़ेबामे व्यवसाय क्षेत्रक महत्वपूर्ण भूमिका अछि। II4E माध्यमसँ प्रारंभिक पहचान समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित कऽ सकैत अछि, देखभालकर्तासभकेँ सतत आ समग्र सहयोग भेटि सकैत अछि आ भारत एक बेसी समावेशी समाज तथा भविष्यक लेल तैयार कार्यबल दिश आगाँ बढ़ि सकैत अछि। आब समय आबि गेल अछि जे सामूहिक प्रयास आ बहु-क्षेत्रीय सहयोगक माध्यमसँ एहि दृष्टिकेँ व्यापक स्तर पर लागू कएल जाए।”
ई मंच व्यवसायिक संस्थासभकेँ योगदानक अनेक अवसर प्रदान करैत अछि। एहिमे कार्यस्थल आ नेटवर्कक माध्यमसँ जागरूकता बढ़ेब, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) आ परोपकारी पहलसभक जरिए कार्यक्रमसभकेँ समर्थन देब, आ एहन समावेशी कार्यस्थल तैयार करब शामिल अछि, जतऽ कर्मचारी आ देखभालकर्ता दुनूक सहयोग सुनिश्चित भऽ सकए।
यूनिसेफ इंडियाक मानब अछि जे व्यवसाय, तकनीकी विशेषज्ञ, सरकार आ समुदाय सभकेँ एक मंच पर आनिकऽ II4E विकासात्मक विलंब आ दिव्यांगता वला बच्चासभ लेल प्रारंभिक सहयोगक दायरा बढ़ाएत आ आगाँ आबयवला पीढ़ीक लेल एक बेसी समावेशी समाजक निर्माणमे महत्वपूर्ण योगदान देत।