
पटना। राजधानी पटना के आर ब्लॉक लग स्थित ऐतिहासिक सुल्तान पैलेस के ध्वस्त करबाक तैयारी शुरू भ’ गेल अछि। सरकार एहि पुरान भवन के नीलाम क’ एतय एकटा बड़ा होटल बनाबय के योजना बना रहल अछि। एहि निर्णय सँ शहर के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर खत्म होए के आशंका सँ स्थानीय लोक आ इतिहास प्रेमी में चिंता आ आक्रोश देखाए रहल अछि।
लगभग 100 वर्ष पुरान सुल्तान पैलेस, जे 1922 में बनल छल, पटना के आन-बान-शान मानल जाइत रहल अछि। ई भव्य इमारत आजादी के इतिहास के सेहो साक्षी रहल अछि आ एकर सुंदरता देखबा लेल देश-विदेश सँ लोक आबैत रहल छथि।
जानकारी अनुसार, करीब 22 लाख रुपये के लागत सँ बनल ई महल स्थापत्य कला के अद्भुत उदाहरण अछि। एहिमे भारतीय, यूरोपीय, मुगल आ राजपूत शैली के मिश्रण देखल जा सकैत अछि, जेकरा “इंडो-सारसेनिक” स्थापत्य शैली कहल जाइत अछि। एहि भवन के बारीक नक्काशी प्रसिद्ध कारीगर मंजुल हसन काजमी द्वारा कएल गेल छल।
महल के बनावट में सफेद संगमरमर के प्रयोग भेल अछि। मुख्य हॉल आ डाइनिंग रूम के दीवार आ छत पर 18 कैरेट सोना सँ नक्काशी कएल गेल अछि। खिड़की आ दरवाजा में रंगीन शीशा विदेश सँ मंगाओल गेल छल, जबकि सीढ़ी बनाबय लेल म्यांमार सँ खास लकड़ी आनल गेल छल, जे 100 वर्ष बादो मजबूत अछि।
महल के पिछला हिस्सा महिलासभ लेल “जनाना महल” आ आगाँ के हिस्सा पुरुषसभ लेल बनाओल गेल छल। एकर दीवार पर फूल-पत्ती के कलात्मक चित्रकारी सेहो आकर्षण के केंद्र रहल अछि।
हालांकि, किछु वर्ष पहिने ई महल तखन चर्चा में एल छल, जखन राति में “भूत देखाए” के खबर वायरल भेल छल।
सरकार के योजना अनुसार, लगभग 4.8 एकड़ क्षेत्र में एतय पांच सितारा होटल बनाओल जायत, जाहि में करीब 400 कमरा होएत। राज्य सरकार राजधानी में तीनटा पांच सितारा होटल विकसित करबाक योजना पर काम क’ रहल अछि, जाहिमे सुल्तान पैलेस सेहो शामिल अछि।
एहि निर्णय सँ पटना के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर के समाप्त होए के खतरा उत्पन्न भ’ गेल अछि। स्थानीय लोक आ इतिहासकार सभ सरकार सँ अपील क’ रहल छथि जे एहन धरोहर के संरक्षण कएल जाए, ताकि आने वाला पीढ़ी सेहो अपन इतिहास सँ जुड़ल रहि सकय।