
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर मुद्दा पर भारत आ पाकिस्तान के बीच फेर एक बेर तीख बयानबाजी देखल गेल अछि। संसद में पेश परिसीमन विधेयक 2026 पर पाकिस्तान के आपत्ति के जवाब दैत भारत साफ क’ देलक अछि जे ई ओकर आंतरिक मामला अछि।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal स्पष्ट कहलनि जे पाकिस्तान के भारत के आंतरिक मामला पर टिप्पणी करबाक कवनो अधिकार नहि अछि। ओ पाकिस्तान के आरोप के पूरी तरह निराधार आ भ्रामक बतौलनि।
दरअसल, पाकिस्तान एहि विधेयक के विरोध करैत एकरा “उकसावे वाला कदम” कहल अछि। इस्लामाबाद के आरोप अछि जे ई पाकिस्तान के कब्जा वाला जम्मू-कश्मीर (पीओके) में जनसंख्या संतुलन बदलबाक कोशिश अछि। पाकिस्तान कश्मीर के विवादित क्षेत्र बतबैत भारत के कदम के एकतरफा आ अवैध कहलक अछि।
पाकिस्तान ईहो कहलक अछि जे भारतीय चुनाव आयोग के ओकर कब्जा वाला क्षेत्र में परिसीमन करबाक अधिकार नहि अछि। एकरा अतिरिक्त, भारत द्वारा विधेयक में पीओके के उल्लेख पर सेहो आपत्ति जताओल गेल अछि। पाकिस्तान के दावा अछि जे ई कदम अंतरराष्ट्रीय कानून आ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के उल्लंघन करैत अछि।
हालांकि भारत एहि सभ दावा के सिरे सँ खारिज करैत स्पष्ट क’ देलक अछि जे पूरा जम्मू-कश्मीर ओकर अभिन्न अंग अछि आ बाहरी हस्तक्षेप कदापि स्वीकार नहि कएल जाएत।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में लाएल गेल एहि परिसीमन विधेयक में प्रावधान अछि जे जखन पाकिस्तान के कब्जा वाला क्षेत्र मुक्त होएत, तखन ओतय लोकतांत्रिक प्रक्रिया अनुसार निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन कएल जाएत।
नव विधायी प्रस्ताव अनुसार जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण संवैधानिक आ राजनीतिक बदलाव के दिशा में कदम उठाओल जा रहल अछि। वर्तमान में विधानसभा में 90 निर्वाचित सीट अछि, जबकि पीओके के 24 सीट खाली राखल गेल अछि। प्रस्ताव अछि जे कुल सदस्य संख्या बढ़ा क’ कम सँ कम 114 कएल जाए।
एहि संगहि महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाब’ लेल उपराज्यपाल द्वारा नामित महिला सदस्य के संख्या दू सँ बढ़ा क’ तीन करबाक योजना सेहो शामिल अछि, जे नव परिसीमन के बाद लागू होएत।
एहि पूरा घटनाक्रम सँ फेर भारत-पाकिस्तान संबंध में तनाव उजागर भेल अछि, जखनकि भारत स्पष्ट संदेश देलक अछि जे ओ अपन आंतरिक मामला में ककरो हस्तक्षेप बर्दाश्त नहि करत।