हम इंसान तँ छी, मुदा इंसानियत सँ कोसों दूर

कियो ठीक्के कहने छथि—हर घरमे इंसान जन्म लैत अछि, मुदा हर दिलमे इंसानियत जन्म नहि लैत।…