जबलपुर। भारतक राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आइ 21 जून 2026 केँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवसक अवसर पर मध्य प्रदेशक जबलपुरमे आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रममे सहभागी बनली। एहि अवसर पर हुनका संग हजारों योग साधक योगाभ्यास कएलनि आ स्वस्थ जीवनशैलीक संकल्प लेलनि।
राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय योग दिवसक अवसर पर देश-विदेशक समस्त योग साधकसभ केँ शुभकामना दैत कहलनि जे आइ हम सभ भारतक ओहि महान सांस्कृतिक परंपराक उत्सव मना रहल छी, जाहि मानवताकेँ स्वस्थ, संतुलित आ सार्थक जीवनक मार्ग देखौने अछि। हुनकर अनुसार योग भारतक सांस्कृतिक धरोहरक ओ अमूल्य उपहार अछि, जे सम्पूर्ण विश्वकेँ प्राप्त भेल अछि।
श्रीमती मुर्मु कहलनि जे योग व्यक्तिकेँ स्वयं सँ, समाजकेँ प्रकृतिसँ आ सम्पूर्ण मानवताकेँ व्यापक विश्व-चेतनासँ जोड़ए बला एकटा सशक्त माध्यम अछि। वर्तमान समयमे जखन विश्व अनेक चुनौतीसभक सामना कऽ रहल अछि, तखन योग मानवताकेँ शांति, संतुलन, समरसता आ सामूहिक कल्याणक दिशा देखाबयमे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकैत अछि।
राष्ट्रपति स्मरण करौलनि जे वर्ष 2014 मे भारतक पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा 21 जून केँ प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवसक रूपमे मनाबयक घोषणा कएने छल। एहि निर्णय सँ विश्व कल्याणक प्रभावी माध्यमक रूपमे योगक वैश्विक पहचान आरो सुदृढ़ भेल अछि। आइ विश्वक अनेक देशमे करोड़ों लोक अपन दैनिक जीवनमे योगकेँ अपनाबि रहल छथि।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 केर थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ आयुक लेल योग) पर चर्चा करैत राष्ट्रपति कहलनि जे ई विषय समाजक वरिष्ठ नागरिकसभक स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर आ सम्मानजनक जीवनक महत्त्वकेँ रेखांकित करैत अछि। हुनकर कहब छल जे वर्तमान जीवनशैली भविष्यक स्वास्थ्य आ सुखक आधार तय करैत अछि। योग बढ़ैत आयुमे सेहो व्यक्तिकेँ सक्रिय, ऊर्जावान आ आत्मनिर्भर बनौने रखैत अछि तथा मानसिक शांति आ भावनात्मक संतुलन प्रदान करैत अछि।
राष्ट्रपति कहलनि जे भारत सरकार योगकेँ जन-जन धरि पहुँचाबय लेल योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण आ जन-जागरूकताक क्षेत्रमे निरंतर प्रयासरत अछि। हुनका ई देखि प्रसन्नता भेल जे अनेक संस्था विश्वस्तर पर लोकसभकेँ योग अपनाबय लेल प्रेरित कऽ रहल छथि।
अंतमे राष्ट्रपति लोकसभसँ आग्रह कएलनि जे योगकेँ अपन दैनिक जीवनक अभिन्न अंग बनाबथि। हुनका अनुसार स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज, स्वस्थ राष्ट्र आ स्वस्थ विश्वक निर्माणमे योग महत्वपूर्ण आधार स्तम्भ बनि सकैत अछि। योग सँ जुड़ल संस्थासभक निष्ठापूर्ण प्रयास मानवताक समग्र कल्याणक मार्ग प्रशस्त करत।
