
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर रेल क्षमता बढ़ेबाक दिशा मे एक महत्वपूर्ण कदम उठबैत 962 करोड़ रुपैया लागत वाली 54 किलोमीटर लंब किउल-झाझा तेसर रेल लाइन परियोजना के मंजूरी देलक अछि। एहि परियोजना सँ परिचालन क्षमता मे सुधार, निर्बाध रेल परिवहन आ पूर्वी-उत्तरी भारत मे यात्री एवं माल ढुलाई व्यवस्था के मजबूती भेटबाक उम्मीद अछि।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कहलनि जे किउल-झाझा तेसर लाइन परियोजना सँ हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर परिवहन क्षमता मे उल्लेखनीय वृद्धि होयत। एहि सँ रेल सेवा केर समयबद्धता आ परिचालन क्षमता मे सुधार होयत। हुनका अनुसार अतिरिक्त रेल लाइन सवारी गाड़ी आ मालगाड़ी दुनू के सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करत, जाहि सँ क्षेत्रीय औद्योगिक विकास आ व्यापारिक संपर्क के सेहो बढ़ावा भेटत।
वर्तमान मे किउल आ झाझा के बीच मौजूदा दोहरी रेल लाइन अपन अधिकतम क्षमता सँ बेसी उपयोग मे अछि। आने वाला वर्ष सभ मे एहि कॉरिडोर पर यातायात मांग आ बढ़बाक संभावना अछि, जाहि लेल अतिरिक्त बुनियादी ढांचा विस्तार आवश्यक छल।
प्रस्तावित 54 किलोमीटर लंब तेसर रेल लाइन बनलाक बाद एहि खंडक क्षमता मे काफी सुधार होयत। भीड़-भाड़ कम होयत आ यात्री गाड़ी संग मालगाड़ी सभक सुगम आवाजाही संभव भऽ सकत। एहि परियोजना सँ पटना आ कोलकाता के बीच संपर्क सेहो मजबूत होयत।
रेल मंत्रालयक अनुसार, ई मार्ग कोलकाता/हल्दिया बंदरगाह सँ रक्सौल/नेपाल धरि महत्वपूर्ण संपर्क उपलब्ध करबैत अछि। एहि रूट पर बाढ़ एसटीपीपी, जवाहर एसटीपीपी आ बीरगंज आईसीडी जेकाँ प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान सँ जुड़ल भारी माल ढुलाई नियमित रूप सँ होइत अछि। एहि कारणे एहि रेल खंड के भारतीय रेलवे केर अति व्यस्त नेटवर्क कॉरिडोर मे शामिल कएल गेल अछि।
बढ़ैत यातायात मांग के देखते रेलवे के मानब अछि जे एहि रणनीतिक परियोजना सँ दीर्घकालिक आधारभूत सुविधा उपलब्ध होयत। बेहतर संपर्क, अतिरिक्त वहन क्षमता आ विश्वसनीयता मे वृद्धि सँ पूर्वी आ उत्तरी भारतक प्रमुख आर्थिक केंद्र सभक बीच सामग्री परिवहन बेसी तेज, सुगम आ प्रभावी बनत।
रेलवे कें उम्मीद अछि जे एहि परियोजना सँ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधि के गति भेटत, भीड़भाड़ कम होयत आ रेल यात्री सभ कें अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्राप्त होयत।