जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटरमे प्रख्यात प्रशासक, समाजसेवी आ चिंतक स्वर्गीय डॉ. सत्य नारायण सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) केर स्मृतिमे तृतीय स्मृति व्याख्यानक आयोजन कएल गेल। एहि व्याख्यानक विषय छल—“सुशासन लेल प्रशासन”। कार्यक्रममे प्रशासन, न्याय, शिक्षा आ समाजसँ जुड़ल अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व सहभागी बनलाह।
मुख्य अतिथि पूर्व पुलिस महानिदेशक (आईपीएस) डॉ. महेन्द्र कुमावत अपन संबोधनमे कहलनि जे सुशासन केवल प्रशासनिक अवधारणा नहि, बल्कि सभ्य समाजक मजबूत आधारशिला अछि। हुनकर अनुसार संविधानमे निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता आ बंधुत्वक आदर्श तखने साकार भ’ सकैत अछि, जखन प्रशासन ईमानदार, दक्ष, पारदर्शी आ करुणामय होए।
डॉ. कुमावत कहलनि जे प्रशासन संविधानक आदर्श आ आम नागरिकक दैनिक जीवनक बीच एकटा मजबूत सेतु केर काज करैत अछि। भ्रष्टाचार, जवाबदेहीक अभाव, न्यायिक प्रक्रिया मे विलंब आ विभागसभक बीच समन्वयक कमी केँ सुशासनक प्रमुख चुनौती बतबैत हुनका नागरिक सहभागिता, तकनीकक विवेकपूर्ण उपयोग, नवाचार, पारदर्शिता आ उत्तरदायी प्रशासन पर विशेष बल देलनि। हुनका अनुसार डॉ. सत्य नारायण सिंहक समूचा जीवन सत्यनिष्ठा, विनम्रता, करुणा आ लोकसेवाक प्रेरणादायक उदाहरण रहल अछि।
विशिष्ट वक्ता पूर्व आईएएस अधिकारी राजेन्द्र भाणावत कहलनि जे सुशासनक सबसे पैघ आवश्यकता सरकार आ नागरिकक बीच विश्वासक पुनर्निर्माण अछि। हुनकर मानब छल जे कल्याणकारी योजनामे पात्रताक स्थान पर अधिकारक भावना विकसित होयबाक चाही आ कानूनक समान अनुपालन लोकतंत्रक वास्तविक शक्ति अछि। प्रशासनमे संवेदनशील व्यवहार, जवाबदेही, पारदर्शिता, ईमानदार आ करुणामय अधिकारीसभक भर्ती, प्रशिक्षण आ वरिष्ठ अधिकारीसभक जनसुलभता पर सेहो विशेष जोर देलनि। हुनका अनुसार केवल डिजिटलीकरणसँ सुशासन संभव नहि, एकर लेल नैतिक नेतृत्व, मानवीय दृष्टिकोण आ दृढ़ नीयत सेहो आवश्यक अछि। हुनकर शब्दमे, “नीतिसँ बेसी महत्वपूर्ण नीयत होइत अछि।”
कार्यक्रमक अध्यक्षता पद्मश्री अनवर खाँ मंगणियार, उपाध्यक्ष, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा कएल गेल। हुनका स्वर्गीय डॉ. सत्य नारायण सिंह संग अपन आत्मीय संबंधक स्मरण करैत कहलनि जे जैसलमेरमे जिला कलेक्टरक रूपमे डॉ. सिंह मंगणियार लोक कलाकारसभक संरक्षण, प्रोत्साहन आ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलेबामे ऐतिहासिक योगदान देने छलाह। श्रद्धांजलिक रूपमे पद्मश्री अनवर खाँ राधा-कृष्ण भक्तिपर आधारित मधुर लोक-भजन सेहो प्रस्तुत केलनि।
एहि अवसर पर स्वर्गीय डॉ. सत्य नारायण सिंहक आत्मकथा आ समाज, प्रशासन तथा सुशासन पर आधारित हुनकर चयनित लेखसभक संकलनक लोकार्पण कएल गेल। एकर अतिरिक्त दूटा नव वेबसाइटक शुभारंभ सेहो भेल। पहिल वेबसाइट स्वच्छ नगर संस्थान, जयपुर द्वारा सुशासन आ नागरिक सहभागितासँ जुड़ल गतिविधिसभकेँ समर्पित अछि, जबकि दोसर वेबसाइट डॉ. सिंहक छात्र नेता, प्रशासक, समाजसेवी आ चिंतकक रूपमे बहुआयामी जीवन, उपलब्धि आ सार्वजनिक योगदानक डिजिटल दस्तावेज प्रस्तुत करैत अछि।
व्याख्यानक समापन एहि संकल्पक संग भेल जे डॉ. सत्य नारायण सिंहक आदर्शसँ प्रेरणा लैत प्रशासनकेँ बेसी पारदर्शी, उत्तरदायी, मानवीय आ जनोन्मुख बनाओल जाए, जाहिसँ सुशासनक लाभ समाजक अंतिम व्यक्ति धरि पहुँचि सकए। वक्तासभ कहलनि जे ईहे हुनकर प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होयत।
कार्यक्रममे प्रदेशक अनेक प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारी, सेवानिवृत्त अखिल भारतीय सेवा अधिकारी, शिक्षाविद, विश्वविद्यालयक कुलपति, प्राध्यापक, न्यायविद, समाजसेवी, साहित्यकार, विभिन्न संस्थानक प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि आ बड़ी संख्यामे प्रबुद्ध नागरिक सहभागी भेलाह। सभ उपस्थित अतिथिसभ स्वर्गीय डॉ. सत्य नारायण सिंहक व्यक्तित्व आ कृतित्वकेँ भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करैत सुशासन, नैतिक प्रशासन आ जनसेवाक मूल्यकेँ आगाँ बढ़ेबाक संकल्प दोहरौलनि।
