लखनऊ। उत्तर प्रदेशक राजधानी लखनऊक पॉश इलाका अलीगंज मे सोमदिन भेल भीषण अग्निकांड पूरा प्रदेश केँ झकझोरि देलक अछि। तीन मंजिला भवन मे लागल आगि मे कम सँ कम 15 गोटेक दर्दनाक मृत्यु भ’ गेल, जबकि 9 अन्य लोक गंभीर रूप सँ घायल छथि। मृतक मे अधिकांश छात्र बताओल जा रहल छथि। दुर्घटनाक समय भवनक दोसर मंजिल पर संचालित एकटा एनिमेशन इंस्टीट्यूट मे कक्षा चलि रहल छल, जतय आगि तेजी सँ फैलला कारण अनेक छात्र भीतर फँसि गेल छलाह।
एहि दर्दनाक घटनाक बाद आब भवनक वैधता, ओकर उपयोग आ प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठि रहल अछि। शुरुआती जांच मे सामने आयल दस्तावेज सँ संकेत भेटल अछि जे जाहि भवन मे कमर्शियल गतिविधि चलि रहल छल, ओ मूल रूप सँ मात्र रिहायशी उपयोग लेल स्वीकृत छल।
रिहायशी भवन मे चलि रहल छल कमर्शियल संस्थान
प्राप्त जानकारीक अनुसार, अलीगंज योजना के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या MS/102/D लगभग 1,992 वर्ग फुट क्षेत्रफल मे निर्मित अछि। एहि भवनक नक्शा 20 अगस्त 2014 केँ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा रिहायशी उपयोग लेल स्वीकृत कएल गेल छल।
एकर बावजूद भवन मे व्यावसायिक गतिविधि संचालित होइत रहल आ एतय एकटा निजी एनिमेशन आ प्रशिक्षण संस्थान चलाओल जा रहल छल। आब सवाल उठि रहल अछि जे संबंधित विभाग केँ एकर जानकारी छल कि नहि, आ यदि छल तऽ समय पर कार्रवाई किएक नहि कएल गेल।
2016 मे जारी भेल छल ध्वस्तीकरण आदेश
दस्तावेजक अनुसार, भवन मे कथित अवैध निर्माणक शिकायतक बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण वर्ष 2016 मे मालिकक विरुद्ध मामला दर्ज केने छल। जांचक उपरांत सक्षम प्राधिकारी 10 मई 2016 केँ अवैध निर्माण केँ ध्वस्त करबाक आदेश जारी केने छल।
मुदा आश्चर्यक बात ई अछि जे आदेश जारी भेलाक दू महीनाक भीतर, 5 जुलाई 2016 केँ ई आदेश रद्द कए देल गेल। आब एहि निर्णय पर सेहो प्रश्न उठि रहल अछि जे आखिर कोन परिस्थिति मे ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेल गेल आ की ओहि समय सभ नियमक पालन कएल गेल छल।
स्वामित्वक इतिहास सेहो जांचक दायरा मे
रिकॉर्डक अनुसार, ई संपत्ति मूल रूप सँ 11 जुलाई 1980 केँ हायर-परचेज योजना अंतर्गत विजय कुमार केँ आवंटित कएल गेल छल। बाद मे वर्ष 2005 मे ई संपत्ति हुनका आ हुनकर पत्नी उषाक नाम सँ पंजीकृत भेल। तत्पश्चात 19 जनवरी 2013 केँ ई संपत्ति वीरेंद्र प्रताप शुक्ला आ सुरेंद्र प्रताप शुक्ला केँ बेचि देल गेल, जाहिक नामांतरण एलडीए द्वारा 7 अगस्त 2014 केँ दर्ज कएल गेल।
दुर्घटनाक बाद निगरानी व्यवस्थाक पोल खुलल
विशेषज्ञ लोकनिक मानब अछि जे यदि भवनक उपयोग स्वीकृत मानकक अनुरूप होइत आ अग्नि सुरक्षा नियमक पालन सुनिश्चित कएल जाइत, तऽ एतेक पैघ जनहानि टारल जा सकैत छल। एहि घटनाक बाद भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था आ शहरी विकास एजेंसी सभक निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लागि गेल अछि।
जांचक आदेश, जवाबदेही तय करबाक मांग
दुर्घटनाक बाद प्रशासन विस्तृत जांचक आदेश देलक अछि। अधिकारी सभक कहब अछि जे भवनक स्वीकृति, उपयोग, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र आ पूर्व मे भेल प्रशासनिक कार्रवाई सभक व्यापक जांच कएल जाएत।
दोसर दिस, मृतकक परिजन आ स्थानीय नागरिक सभ एहि मामिला मे जिम्मेदार अधिकारी आ भवन संचालक सभक विरुद्ध कड़ी कार्रवाईक मांग कए रहल छथि।
अलीगंज अग्निकांड मात्र एकटा दुर्घटना नहि, बल्कि शहरी नियोजन, भवन सुरक्षा आ प्रशासनिक जवाबदेही सँ जुड़ल अनेक गंभीर सवाल केँ सामने आननिहार मामला बनि गेल अछि। आब सभक नजर एहि बात पर टिकल अछि जे जांच मे कोन तथ्य सामने अबैत अछि आ एहि त्रासदी लेल जिम्मेदार लोक पर की कार्रवाई होइत अछि।
