जंतर-मंतर पर रिपोर्टिंग करयवला पत्रकार सभ सुनौलनि अपन अनुभव, मीडिया मे वैचारिक लेबलिंग, सुरक्षा आ कानूनी सहायता पर भेल चर्चा
नई दिल्ली। मीडिया स्कैन आ कलाप्रेमी लेखक संघ (कलेस)क संयुक्त तत्वावधानमे रविदिन नई दिल्लीक कॉपरनिकस मार्ग स्थित हरियाणा भवनमे पत्रकार संवादक आयोजन कयल गेल। साँझ 4:30 बजे शुरू भेल एहि कार्यक्रमक विषय छल—‘हमर पत्रकार, तोहर पत्रकारक बीच लेबलिंगक देवाल’। एहि संवादमे जंतर-मंतर पर भेल विरोध-प्रदर्शनक ग्राउंड जीरोसँ रिपोर्टिंग करयवला पत्रकार सभ अपन अनुभव आ चुनौती साझा कयलनि। चर्चाक मुख्य विषय मीडिया मे वैचारिक आधार पर पत्रकार सभकेँ अलग-अलग खाँचामे बाँटब, अभिव्यक्तिक स्वतंत्रता, पत्रकार सभक सुरक्षा आ संकट कालमे कानूनी सहायता उपलब्ध होयबाक सवाल छल।
‘गोदी मीडिया’ आ ‘पप्पू मीडिया’क बीच बहस
संवादक दौरान किछु पत्रकार आरोप लगौलनि जे जंतर-मंतर पर रिपोर्टिंग करैत काल हुनका सभकेँ बार-बार ‘गोदी मीडिया’ कहि संबोधित कयल गेल। हुनकर कहब छल जे जखन ओ सभ कोनो खास वैचारिक दृष्टिकोणसँ अलग सवाल पूछैत छलाह, तखन हुनका निशाना बनाओल जाइत छल। प्रेस क्लबमे सेहो सवाल पूछबाक क्रममे आपत्तिक सामना करय पड़ल।
चर्चामे ई सवाल उठल जे पत्रकारक विचारधारा वा रिपोर्टिंगक तरीका सँ असहमत रहबाक अर्थ की ई होयत जे हुनका अपन बात रखबाक अधिकारसँ वंचित कयल जाए? किछु प्रतिभागी प्रदर्शन स्थल पर तनावपूर्ण परिस्थिति आ पत्रकार सभकेँ पर्याप्त संस्थागत अथवा कानूनी सहायता नहि भेटबाक मुद्दा सेहो उठौलनि।
प्रतिभागी सभक कहब छल जे ‘गोदी मीडिया’ आ ‘पप्पू मीडिया’ जेकाँ संबोधन पत्रकार सभक बीच दूरी बढ़बैत अछि। वैचारिक मतभेद रहितो संवाद, सवाल पूछबाक स्वतंत्रता आ पेशेवर सम्मान बनल रहबाक चाही।
ग्राउंड रिपोर्टिंगक अनुभव साझा कयलनि पत्रकार
संवादमे कनॉट प्लेससँ जनपथ धरि रिपोर्टिंग करबाक अनुभव पर सेहो चर्चा भेल। किछु पत्रकार कहलनि जे प्रदर्शनक दौरान एक पक्षक तरफसँ लगातार ‘गोदी मीडिया’क नारा लगाओल जा रहल छल। मुदा जखन जवाबमे ‘पप्पू मीडिया’ कहल गेल, तखन पत्रकारिताक मर्यादा आ आपसी भाईचाराक चर्चा शुरू भऽ गेल।
पत्रकार केशव कहलनि जे हुनकर अनुभवमे ई प्रदर्शन एहि लेल अलग छल, कारण एतय पत्रकार सभ आपसमे टकराइत नजरि आबि रहल छलाह। प्रदर्शन स्थल पर पत्रकार सभक संख्या बेसी रहबाक कारण कतेको बेर ओ सभ आम लोकसँ सवाल पूछबाक बदला एक-दोसरासँ सवाल करैत देखल गेलाह।
चर्चाक दौरान ई आरोप सेहो लगाओल गेल जे किछु मीडिया संस्थान स्वतंत्र रूपसँ काज करयवला यूट्यूब पत्रकार सभक गतिविधिकेँ संगठित समूहक रूपमे प्रस्तुत कयलक। प्रतिभागी सभ कहलनि जे पत्रकारक काजक मूल्यांकन तथ्य, रिपोर्टिंग आ पेशेवर आचरणक आधार पर होयबाक चाही, नहि कि केवल हुनकर वैचारिक पहचानक आधार पर।
भाग्यश्री प्रेस क्लबक भूमिकापर उठौलनि सवाल
पैम्फलेटसँ जुड़ल युवा पत्रकार भाग्यश्री कहलनि जे ओ पहिल बेर कोनो विरोध-प्रदर्शनक रिपोर्टिंग करबाक लेल गेल छलीह। हुनकर आरोप छल जे प्रेस क्लबमे आशुतोष रांकासँ सवाल पूछलाक बाद हुनका ‘गोदी मीडिया’ कहि चुप करबाक प्रयास कयल गेल।
भाग्यश्री सवाल उठौलनि जे जँ पत्रकार कोनो प्रश्न पूछैत छथि, तँ जवाब देबाक बदला हुनका कोनो खास विचारधाराक खाँचामे राखब उचित कोना भऽ सकैत अछि। हुनकर कहब छल जे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया सभ पत्रकारक साझा मंच होयबाक चाही, ने कि कोनो खास राजनीतिक दल अथवा विचारधारासँ जुड़ल लोकक मंच।
ओ कहलनि जे जँ प्रेस क्लब परिसरमे पत्रकार सभक अधिकार सुरक्षित नहि रहत आ ‘अपना’ आ ‘दोसर’क आधार पर व्यवहार होयत, तँ संस्थाक निष्पक्षतापर सवाल उठब स्वाभाविक अछि।
पत्रकार सभक सुरक्षा आ कानूनी सहायतापर जोर
करीब ढाई घंटा चलल एहि संवादमे पत्रकार सभ ग्राउंड रिपोर्टिंगक दौरान होयवला व्यावहारिक कठिनाइ सभ पर विस्तारसँ चर्चा कयलनि। किछु प्रतिभागी कहलनि जे दोसर राज्यमे प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होयबाक अथवा कानूनी विवाद उत्पन्न होयबाक स्थिति मे पत्रकारकेँ पर्याप्त सहायता नहि भेटला पर अकेले संघर्ष करय पड़ैत अछि।
चर्चामे सुझाव देल गेल जे पत्रकार सभक बीच एहन संवाद तखने सार्थक होयत, जखन एहि माध्यमसँ व्यावहारिक समाधान निकलत। केवल बैठक करबाक बदला पत्रकार सभक सुरक्षा, कानूनी सहायता आ स्वतंत्र रिपोर्टिंगसँ जुड़ल समस्याक समाधान लेल ठोस पहल होयबाक जरूरत बताओल गेल।
मीडिया स्कैनक तरफसँ कहल गेल जे संवादक सिलसिला जारी रहबाक चाही। प्रतिभागी सभक मानब छल जे समस्याक सही पहचान भेला पर समाधानक बाट आसान भऽ सकैत अछि।
पत्रकारिता जगतक अनेक हस्ती भेलाह शामिल
एहि संवादमे खबर इंडिया के सुशील चौधरी, खबर पंच के रोहित अत्री, ग्लोबल भारत टीवी के अभिषेक शांडिल्य, पॉलिटिकल अड्डा के चन्द्रकेश, ऑप इंडिया के चंदन कुमार आ केशव मालन तथा पैम्फलेट के रानू आ भाग्यश्री अपन विचार रखलनि। अनुपम प्रसून आ नीतीश ठाकुर सेहो चर्चाकेँ आगू बढ़ेबामे योगदान देलनि।
कार्यक्रम वरिष्ठ पत्रकार अनुरंजन झा, आउटलुकसँ आकांक्षा पारे काशिव, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन विजय, लेखक जलज अनुपम, पॉलिसी संवादक संपादक गौरव कुमार मिश्र, भारतीय धरोहरक संपादक बृजेश कुमार, छात्र शक्तिक संपादक अजीत सिंह, वरिष्ठ लेखक केशव पटेल, जय प्रकाश (लखनऊ), सुभाष चन्द्र आ दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (डीजे जेएस)क आचार्य विशालानंदक उपस्थिति मे संपन्न भेल।
आदित्य भारद्वाज आ अक्षय शर्मा आयोजनक योजना बनेबाक लेल आ ओकर क्रियान्वयन धरि महत्वपूर्ण भूमिका निभौलनि।
कलाप्रेमी लेखक संघ (कलेस)क एहि आयोजनकेँ मीडिया स्कैन, दिल्ली; योगदान सेवा ट्रस्ट, नोएडा (उत्तर प्रदेश); ग्रासरूट मीडिया फाउंडेशन, जयपुर; आ उदगम ट्रस्ट, अहमदाबादक सहयोग भेटल।
‘बाजबाक आजादी सभ पत्रकार आ नागरिकक अधिकार’
कार्यक्रमक समापन पर ई संदेश देल गेल जे जंतर-मंतर पर भेल विरोध-प्रदर्शनक रिपोर्टिंग करयवला पत्रकार सभक आवाज दबाओल नहि जेबाक चाही। अभिव्यक्तिक स्वतंत्रता कोनो एकटा विचारधारा अथवा मीडिया समूह धरि सीमित नहि अछि। ई भारतीय संविधान द्वारा संरक्षित मौलिक अधिकार आ लोकतांत्रिक स्वतंत्रतासँ जुड़ल महत्वपूर्ण सवाल अछि।
संवादमे प्रेस क्लब ऑफ इंडियाक भूमिकापर सेहो सवाल उठाओल गेल। प्रतिभागी सभक कहब छल जे पत्रकार सभक साझा मंच होयबाक कारण प्रेस क्लबकेँ निष्पक्षता, संवाद आ सभ पत्रकारक अधिकारक रक्षा लेल प्रतिबद्ध रहबाक चाही।
कार्यक्रमक मुख्य संदेश छल जे पत्रकारितामे असहमति आ वैचारिक विविधताक लेल जगह रहबाक चाही। पत्रकारक आलोचना हुनकर काज, तथ्य आ रिपोर्टिंगक आधार पर होयबाक चाही, नहि कि हुनका कोनो खास वैचारिक खाँचामे राखि। स्वतंत्र पत्रकारिता, निष्पक्ष संवाद आ पत्रकार सभक सुरक्षा स्वस्थ लोकतांत्रिक विमर्शक महत्वपूर्ण आधार अछि।
