इको-फ्रेंडली गणपति के मांग 176% बढ़ल, मावा मोदक बनल लोकक पहिल पसंद

नई दिल्ली। गणेश चतुर्थीक अवसर पर एहि वर्ष देशभरिमे पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा आ पारंपरिक मिठाइक मांगमे उल्लेखनीय वृद्धि देखल गेल। उपलब्ध ऑर्डर आंकड़ाक अनुसार, इको-फ्रेंडली माटिक गणपति के मांग सालाना आधार पर 176 प्रतिशत बढ़ल, जखन कि मावा फ्लेवरक मोदकक ऑर्डरमे 145 प्रतिशतक वृद्धि दर्ज भेल।

त्योहारक खरीदारीमे बेंगलुरु सभसँ आगाँ रहल। तकर बाद मुंबई, हैदराबाद आ चेन्नईक स्थान रहल। दिल्ली, पुणे, कोलकाता, गुड़गांव आ कोच्चि सहित अन्य शहरमे सेहो गणेश चतुर्थीसँ जुड़ल सामग्रीक मांग तेज रहल।

इको-गणपति दिस बढ़ल लोकक रुझान

एहि बेर गणेश प्रतिमाक खरीदारीमे पर्यावरण-अनुकूल विकल्पक प्रभाव स्पष्ट रूपसँ देखल गेल। इको-गणपति के कुल मांगमे तैयार माटिक मूर्तिक हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत रहल। तकर बाद ‘पेंट-योर-ओन’ अर्थात अपने रंग करबाक इको-फ्रेंडली मूर्तिक मांग रहल।

इको-गणपति के मांगमे सभसँ तेज वृद्धि पारंपरिक गणेश उत्सवक प्रमुख शहरक अतिरिक्त अन्य बाजारमे देखल गेल।

दिल्लीमे इको-गणपति के ऑर्डर 1,718 प्रतिशत, कोलकातामे 1,305 प्रतिशत, नोएडामे 1,136 प्रतिशत आ भुवनेश्वरमे 1,132 प्रतिशत बढ़ल।

ई आंकड़ा गणेश उत्सवक दौरान पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाक प्रति लोकक बढ़ैत रुचिक संकेत दैत अछि।

मावा मोदकक रहल दबदबा

गणेश चतुर्थी पर मोदकक मांगमे सेहो तेजी देखल गेल। मावा मोदकक ऑर्डरमे सालाना आधार पर 145 प्रतिशतक वृद्धि दर्ज भेल आ ई सभसँ बेसी ऑर्डर कएल गेल मोदक फ्लेवर रहल।

मावाक बाद क्लासिक, केसर, काजू, असॉर्टेड आ आम फ्लेवरक मोदक लोकक पसंदमे रहल।

शहरक अनुसार मोदकक पसंदमे अंतर सेहो देखल गेल। बेंगलुरु, मुंबई आ हैदराबादमे मावा मोदक सभसँ आगाँ रहल। ओतहि दिल्ली आ गुड़गांवमे केसर मोदकक मांग बेसी रहल।

पुणे, चेन्नई, कोलकाता आ नागपुरमे क्लासिक मोदककेँ प्राथमिकता भेटल, जखन कि सेंट्रल गोवामे काजू मोदक सभसँ लोकप्रिय रहल।

भोरसँ शुरू भेल पूजा-सामग्रीक तैयारी

गणेश चतुर्थीक दिन पूजा-सामग्रीक मांग सेहो अलग-अलग समय पर अपन चरम पर पहुंचल।

सुबह 7:42 बजे फूलक ऑर्डर सभसँ बेसी रहल। एहि समय प्रति मिनट 868 ऑर्डर दर्ज कएल गेल।

तकर बाद सुबह 8:48 बजे पर्यावरण-अनुकूल माटिक गणेश प्रतिमाक डिलीवरी अपन चरम पर पहुंचल। एहि दौरान परिवार सभ घरमे बप्पाक स्वागतक तैयारीमे जुटल रहल।

सुबह 9:45 बजे कपूर, रुईक बत्ती आ अगरबत्ती जेकाँ पूजा-सामग्रीक मांग सभसँ बेसी रहल।

वहीं, सुबह 10:39 बजे मोदकक ऑर्डर पीक पर पहुंचल। एहि दौरान मावा मोदक सभसँ आगाँ रहल, तकर बाद केसर आ क्लासिक मोदकक मांग रहल।

परंपराक संग पर्यावरणक संदेश

एहि वर्षक गणेश चतुर्थीक ऑर्डर आंकड़ामे एक दिस पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाक बढ़ैत मांग देखल गेल, तऽ दोसर दिस मावा मोदक जेकाँ पारंपरिक स्वादक लोकप्रियता सेहो कायम रहल।

फूलसँ लऽ कऽ गणेश प्रतिमा, पूजा-सामग्री आ मोदक धरि ऑर्डरक समयमे आएल बदलाव गणेश चतुर्थीक तैयारीक एक रोचक तस्वीर प्रस्तुत करैत अछि। ई बतबैत अछि जे भक्ति आ परंपराक संग पर्यावरण-अनुकूल विकल्पक प्रति लोकक पसंद सेहो बदलि रहल अछि।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *