की नेतन्याहूक कॉल सँ बिगड़ल इस्लामाबाद वार्ता? US-ईरान गतिरोधक भीतरक कहानी

 

नई दिल्ली। इस्लामाबाद मे अमेरिका आ ईरानक बीच चलि रहल ऐतिहासिक वार्ता अचानक विफल भऽ जाए सँ पूरा दुनिया चौंकि गेल अछि। एक दिस जतऽ एहि बातचीत सँ मध्य-पूर्व मे शांति क आशा जगल छल, ओतहि आब एकर असफलता के पाछाँ इजरायली हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लगाओल जा रहल अछि। वार्ता टूटला के बाद विशेषज्ञ सभक सबसँ बड़ा सवाल अछि—आखिर अंतिम समय मे एहन की भऽ गेल जे सुलहक करीब पहुंचल दुनू देश फेर आमने-सामने आबि गेल?

ईरानक सनसनीखेज आरोप

ईरानक विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi दावा केलनि जे बातचीतक दौरान इजरायल क प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के फोन केने छलाह, जेकर असर पूरा वार्ता पर पड़ल।

अराघची क अनुसार, एहि कॉल क बाद अमेरिका क ध्यान शांति वार्ता सँ हटि कए इजरायल क हित पर केन्द्रित भऽ गेल। ओ आरोप लगौलनि जे अमेरिका बातचीत मे ओ शर्त सभ रखए लगल, जे ओ युद्ध मे हासिल नहि कऽ सकल छल।

ओ कहलनि, “जखन हम ‘इस्लामाबाद MoU’ क बिल्कुल करीब छलहुँ, तखन अचानक अत्यधिक मांग, बदलैत लक्ष्य आ रुकावट सामने आबि गेल। हम सद्भावना देखेलहुँ, मुदा बदला मे दुश्मनी भेटल।”

फोन कॉल सँ पटरी सँ उतरल वार्ता

वार्ता विफल भेला के बाद विश्लेषक सभ एहि बात पर विचार करए लगल कि आखिर ई टूटन के कारण की रहल। ध्यान ईरान क परमाणु कार्यक्रम पर गेल, जतऽ JD Vance सेहो अपन बयान मे कहलनि जे अमेरिका चाहैत अछि कि तेहरान परमाणु हथियार नहि बनाए।

मुदा ईरान क दावा अछि जे बातचीत सकारात्मक दिशा मे चलि रहल छल, लेकिन नेतन्याहू द्वारा कएल गेल फोन कॉल पूरा प्रक्रिया के प्रभावित कए देलक।

रणनीति मे अचानक बदलाव

अराघची स्पष्ट कहलनि, “बैठकक दौरान नेतन्याहूक फोन कॉल सँ बातचीत क रुख बदलि गेल। अमेरिका-ईरान वार्ता हटि कए इजरायल क हित पर केंद्रित भऽ गेल। अमेरिका ओहि चीज के बातचीत मे हासिल करए चाहलक, जे ओ युद्ध मे नहि कऽ सकल।”

ओ आओर आरोप लगौलनि जे 47 साल मे पहिल बेर ईरान “सद्भावना” क साथ अमेरिका संग बातचीत कए रहल छल, मुदा बदला मे अत्यधिक मांग, बदलैत लक्ष्य आ नाकेबंदी क सामना करए पड़ल।

नौसैनिक नाकेबंदी आ तेल कीमत मे उछाल

वार्ता विफल भेला के तुरंत बाद अमेरिका क सेना घोषणा केलक जे ओ ईरानी बंदरगाह सभ पर नौसैनिक नाकेबंदी शुरू करत। एहि कदम क असर वैश्विक बाजार पर तुरंत देखाए पड़ल।

कच्चा तेल क कीमत करीब 8 प्रतिशत बढ़ि कए 104.24 डॉलर प्रति बैरल भऽ गेल, जबकि ब्रेंट क्रूड 7 प्रतिशत बढ़ि कए 102.29 डॉलर प्रति बैरल पहुंचि गेल।

फरवरी सँ मध्य-पूर्व मे तनाव बढ़ला के बाद ब्रेंट क कीमत 70 डॉलर सँ बढ़ि कतेको बेर 119 डॉलर प्रति बैरल धरि पहुंचि चुकल अछि।

वैश्विक राजनीति पर गहरात असर

ई घटनाक्रम फेर सँ मध्य-पूर्व क जटिल कूटनीति के उजागर करैत अछि, जतऽ क्षेत्रीय आ वैश्विक शक्ति सभक हित अक्सर टकराइत अछि। अगर ईरानक आरोप मे सच्चाई अछि, तऽ ई साफ संकेत अछि जे कतेक छोट घटना—जेकाँ एक फोन कॉल—अंतरराष्ट्रीय संतुलन के बदलि सकैत अछि।

आगाँ की होएत?

आब सवाल अछि जे की अमेरिका आ ईरान फेर बातचीत क मेज पर लौटत कि तनाव आओर बढ़त। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण अछि आ पूरा दुनिया एहि घटनाक्रम पर नजर बनाएने अछि।

इस्लामाबाद मे टूटल ई वार्ता केवल कूटनीतिक असफलता नहि, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन क जटिलता क प्रतीक अछि।

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