आउ हमर जिनगी मे

कुमार मनीष अरविन्द हवाक झोंक जेकाँ आउ हमर जिनगी मे। आउ निधोख अहाँ आउ हमर जिनगी…

बस, अहींक लेल

दीप्ति अंगरीश ललाहित मन, उत्सुक नयन, करबद्घ तन आ दिल मे अहींक प्रेम अछि मनमोहिनी सन…

जीवन पथ पर

कुमकुम झा जीवन पथ पर अपन अस्तित्व रहय शीत ऋतुक ओसक बुन्न सन रातिक अंतिम पहर…

विद्यापति गीत

आब बहुत कम सुनल जाइत अछि आ आधुनिकता के चकाचौंध मे ओझरायल नव पीढ़ी शायद अहि…