दूध घरक पुरूष पीबैत छै, किएक त’ ओ पुरूष छैक। ओकर काज छै – दूध के…
Category: साहित्य
सत्येंद्रक लघुकथा : केंद्र
केंद्र ओकर पत्नी आ ओकर मायमे एकदम्मे नहि पटै छलै। ओ थाकल-हारल जखन कार्य सँ वापस…
सूनि लिऔ ई हमरो बात
हे जगदीश्वरि दनुज संहारिणि सूनि लिऔ ई हमरो बात। सौंसे जगत आइ बिलखै अछि कोरोनासुरकेर उत्पात…
कोरोनाक लॉकडाउनमे ‘सूर्यमुखी’क फुलायब
किछुए दिन पहिने मैथिली लिटरेचर फ़ेस्टीवल-2019मे आरसी प्रसाद सिंह जीक ‘सूर्यमुखी’ पुस्तकपर नजरि पड़ल । मैथिली…
लेखक नहि स्टार अधिक छै
लेखक नहि स्टार अधिक छै रचना कम सेमिनार अधिक छै मैथिलीक आंगन देखै छी मुक्ति पथिक…
जुड़ि शीतल : मैथिली नववर्ष
जुड़ि शीतलमे जीवन जुड़ा दियौ यौ-२ जुड़ि शीतलमे सभकेँ। साल नव मैथिलीक शुभागमन भेलै, नव-नव अन्न-पानि…