लघुकथा – दूध

दूध घरक पुरूष पीबैत छै, किएक त’ ओ पुरूष छैक। ओकर काज छै – दूध के…

सत्येंद्रक लघुकथा : केंद्र

केंद्र ओकर पत्नी आ ओकर मायमे एकदम्मे नहि पटै छलै। ओ थाकल-हारल जखन कार्य सँ वापस…

झुझुआन सन लगैए किए

शहर ई आइ हमर वीरान सन लगैए किए बाट चौबट्टी गली शमसान सन लगैए किए बूझि…

सूनि लिऔ ई हमरो बात

हे जगदीश्वरि दनुज संहारिणि सूनि लिऔ ई हमरो बात। सौंसे जगत आइ बिलखै अछि कोरोनासुरकेर उत्पात…

कोरोनाक लॉकडाउनमे ‘सूर्यमुखी’क फुलायब

किछुए दिन पहिने मैथिली लिटरेचर फ़ेस्टीवल-2019मे आरसी प्रसाद सिंह जीक ‘सूर्यमुखी’ पुस्तकपर नजरि पड़ल । मैथिली…

लेखक नहि स्टार अधिक छै

लेखक नहि स्टार अधिक छै रचना कम सेमिनार अधिक छै मैथिलीक आंगन देखै छी मुक्ति पथिक…

जुड़ि शीतल : मैथिली नववर्ष

जुड़ि शीतलमे जीवन जुड़ा दियौ यौ-२ जुड़ि शीतलमे सभकेँ। साल नव मैथिलीक शुभागमन भेलै, नव-नव अन्न-पानि…

कहु कुशल ?

प्रश्न – कहु कुशल भाई कहु कुशल कत ‘ चलल छी एना विकल । ठोर ऊपर…

सिखा दिय’ हे भारती

  सिखा दिय’ हे भारती हमरो लोकगीतक मीठ गान ज्ञानक किछु पाँति सँ करा दिय’ किछु…

स्त्री औ पुरूष

अंजना झा हम एक टा स्त्री छी। हां नारी छी हम। गर्व अछि हमरा अपन अस्तित्व…