राघव चड्ढा के बदलैत राजनीति के कहानी

नई दिल्ली: Aam Aadmi Party (AAP) मे हालहि मे एकटा महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव देखए के मिलल अछि। पार्टी अपन युवा चेहरा आ राज्यसभा सांसद Raghav Chadha के राज्यसभा मे उपनेता पद सँ हटा देलक अछि। हुनकर जगह पंजाब सँ सांसद Ashok Kumar Mittal के नव उपनेता बनाओल गेल अछि।

ई बदलाव के बाद राघव चड्ढा के राजनीतिक यात्रा फेर सँ चर्चा मे आबि गेल अछि—एक समय पार्टी के “ब्लू-आइड बॉय” मानल जाए वाला नेता आब धीरे-धीरे साइडलाइन होइत नजर आबि रहल छथि।

जनलोकपाल आंदोलन के समय सँ राघव चड्ढा पार्टी मे सक्रिय रहलाह। ओ शुरुआती दिन मे बैकग्राउंड मे रहि क’ डेटा आ पॉलिसी पर पकड़ बनौने छलाह। धीरे-धीरे प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया के सवाल के जवाब देब, टीवी डिबेट मे पार्टी के पक्ष रखब आ रणनीति टीम के हिस्सा बनब—ई सब हुनका पार्टी के केंद्र मे ल’ आयल।

जखन Arvind Kejriwal के नेतृत्व मे दिल्ली मे दोसर बेर सरकार बनल, त’ राघव के दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष बनाओल गेल। ओ समय मे ओ पार्टी नेतृत्व के सबसे भरोसेमंद चेहरामे गिनल जाए लगलाह। पार्टी के भीतर जखन Prashant BhushanKumar Vishwas जेकाँ नेता अलग भेलाह, तखन राघव खुलि क’ पार्टी आ नेतृत्व के बचाव करैत देखल गेलाह।

2019 मे दक्षिण दिल्ली सँ लोकसभा चुनाव लड़लाह, मुदा हार के बावजूद पार्टी मे हुनकर कद घटल नहि। बाद मे पंजाब राजनीति मे महत्वपूर्ण भूमिका निभौलाह आ 2022 मे पार्टी के जीत के बाद राज्यसभा भेजल गेलाह। ओहि समय ओ पार्टी के टॉप नेताओं मे गिनल जाए लगलाह।

राज्यसभा मे Sanjay Singh संग मिलि क’ सरकार पर हमला करैत रहलाह। पंजाब सरकार मे सेहो हुनका प्रभाव के लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठबैत रहल। हालांकि पार्टी आ खुद राघव ई आरोप के खारिज करैत रहलाह।

मुदा समय बदलल। दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामला मे जखन पार्टी के कई नेता जेल गेलाह, तखन उम्मीद कएल जा रहल छल कि राघव खुलि क’ सामने आएताह। मुदा ओ आँख के इलाज के नाम पर दिल्ली सँ दूर रहलाह आ सोशल मीडिया पर सेहो खास सक्रिय नहि देखल गेलाह। पार्टी के भीतर ई बात चर्चा मे आबए लगल कि कठिन समय मे नेतृत्व के समर्थन के कमी देखल गेल।

स्वाति मालीवाल विवाद आ आन मुद्दा पर सेहो राघव के रुख अलग नजर आबि रहल छल। हाल के समय मे ओ पार्टी के बड़ कार्यक्रम आ विरोध प्रदर्शन सँ दूरी बनौने रहलाह। एहि बीच ओ अपन अलग पहचान बनाबए लेल राज्यसभा मे मध्यम वर्ग सँ जुड़ल मुद्दा उठाबए लगलाह—जइ मे एयरपोर्ट पर महँग स्नैक्स, ट्रेन सुविधा आ शिक्षा खर्च जेकाँ विषय शामिल रहल।

एहि सब घटनाक्रम के बीच आखिरकार पार्टी राघव चड्ढा के राज्यसभा उपनेता पद सँ हटा देलक। ई निर्णय के राजनीतिक गलियारा मे एकटा बड़ा संकेत के रूप मे देखल जा रहल अछि।

राजनीति मे उभार आ गिरावट दुनू तेज गति सँ होइत अछि। राघव चड्ढा के यात्रा एहि बात के ताजा उदाहरण अछि—जे नेता कखनो पार्टी के सबसे भरोसेमंद चेहरा छलाह, ओ आइ धीरे-धीरे हाशिया पर देखाइ पड़ैत छथि।

कहावत अछि—“जते जल्दी ऊँचाई मिलैत अछि, ओते जल्दी हालात बदलि सेहो सकैत अछि।” राघव चड्ढा के कहानी एहि सच्चाई के साफ तौर पर उजागर करैत अछि।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *