देशभरमे सहकारी चीनी मिलक पुनर्जीवन केँ गति दऽ रहल अछि इंडियन पोटाश लिमिटेड

नई दिल्ली। देशभरमे सहकारी चीनी मिलसभक पुनर्जीवनक अभियान आब तेज गति पकड़ि रहल अछि। केन्द्र सरकारक सहकारिता सशक्तीकरण आ कृषि आधारित उद्योगक प्रोत्साहन नीतिक अनुरूप वर्षौं सँ बंद पड़ल चीनी मिलसभ केँ आधुनिक बहुउद्देशीय एग्रो-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्सक रूपमे विकसित करबाक प्रयास चलि रहल अछि। एहि दिशा मे इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहल अछि आ सहकारी चीनी मिलसभक आधुनिकीकरण तथा पुनर्जीवनक कार्यमे अग्रणी संस्था बनि उभरल अछि।

हालहिमे बिहार सरकार उत्तर बिहारक वर्षों सँ बंद पड़ल रैयाम आ सकरी सहकारी चीनी मिल केँ फेर सँ चालू करबाक प्रक्रिया आरंभ कएने अछि। एहि लेल गुजरात आ ओडिशामे सफल सहकारी मॉडलक अध्ययन कएल जा रहल अछि। प्रस्तावित मॉडलमे केवल चीनी उत्पादन नहि, बल्कि एथेनॉल, को-जनरेशन, बायो-सीएनजी आ अन्य मूल्यवर्धित उद्योगसभ सेहो शामिल रहत। एहि सँ गन्ना किसानक आमदनी बढ़त, ग्रामीण क्षेत्रमे रोजगारक अवसर सृजित हेतै आ स्थानीय अर्थव्यवस्थाकेँ मजबूती भेटत।

सहकारी चीनी उद्योगक आधुनिक एग्रो-इंडस्ट्रियल मॉडल विकसित करबाक दिशा मे आईपीएल देशक प्रमुख संस्थानसभमे सँ एक अछि। पछिला एक दशकमे कंपनी चीनी क्षेत्रमे उल्लेखनीय विस्तार केने अछि। वर्तमानमे आईपीएल देशभरमे 11 चीनी मिल संचालित कऽ रहल अछि, जाहिमे उत्तर प्रदेशमे 6, गुजरातमे 3 आ ओडिशामे 2 चीनी मिल शामिल अछि।

चीनी उत्पादनक अतिरिक्त आईपीएल एथेनॉल, हरित ऊर्जा (को-जनरेशन), बायो-सीएनजी, डेयरी, पशु आहार आ उर्वरक निर्माण जेकाँ क्षेत्रसभमे सेहो अपन मजबूत उपस्थिति दर्ज करौने अछि। एहि समेकित मॉडलक माध्यम सँ कंपनी किसानसभकेँ बेहतर बाजार, अतिरिक्त आयक अवसर आ ग्रामीण रोजगार उपलब्ध कराबय दिशामे निरंतर कार्य कऽ रहल अछि।

आईपीएलक हालक प्रमुख उपलब्धिसभमे ओडिशाक बड़म्बा सहकारी चीनी मिलक पुनर्जीवन परियोजना विशेष रूप सँ उल्लेखनीय अछि। कंपनी ओडिशा सरकारक संग लगभग 360 करोड़ रुपयाक निवेश सँ एहि परियोजनाकेँ विकसित करबाक समझौता केने अछि। एहि अन्तर्गत 3,500 टीसीडी क्षमता वाली चीनी मिल, 16 मेगावाट को-जनरेशन पावर प्लांट, बायो-सीएनजी संयंत्र आ आधुनिक कोल्ड स्टोरेज विकसित कएल जाएत। एहि परियोजनासँ लगभग 10 हजार गन्ना किसान केँ प्रत्यक्ष लाभ भेटत आ स्थानीय स्तर पर रोजगारक नव अवसर सृजित होएत।

ओडिशा सरकार बड़म्बा आ बिजयानंद सहकारी चीनी मिलसभक पुनर्जीवन लेल पहिनेसँ सैद्धांतिक स्वीकृति दऽ चुकल अछि। एहि परियोजनासभकेँ गुजरातक सफल सहकारी मॉडलक आधार पर विकसित कएल जा रहल अछि, जे भविष्यमे अन्य राज्यसभ लेल सेहो प्रेरणादायक मॉडल बनि सकैत अछि।

टिकाऊ गन्ना खेतीकेँ बढ़ावा देबाक उद्देश्य सँ आईपीएल हालहिमे यूपीएल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस (UPL SAS) संग साझेदारी सेहो केने अछि। एहि पहल अन्तर्गत गुजरातमे वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य सुधार, संतुलित पोषक तत्वक उपयोग आ आधुनिक कृषि तकनीकक माध्यम सँ गन्नाक उत्पादकता आ गुणवत्तामे वृद्धि पर जोर देल जा रहल अछि। एहि सँ किसानक आमदनी बढ़त आ चीनी उद्योगकेँ उच्च गुणवत्ता वाला गन्ना उपलब्ध होएत।

आईपीएलक चीनी मिलसभक प्रदर्शन सेहो लगातार बेहतर भऽ रहल अछि। उत्तर प्रदेश स्थित कंपनीक खड्डा शुगर मिलसिसवा शुगर मिल केँ राज्यक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करयवाली निजी चीनी मिलसभमे स्थान भेटल अछि। ई उपलब्धि तकनीकी सुधार, परिचालन दक्षता आ किसानसभक संग मजबूत संबंधक परिणाम मानल जा रहल अछि।

देशभरमे 19 विनिर्माण इकाइ संग इंडियन पोटाश लिमिटेड आब केवल उर्वरक क्षेत्र धरि सीमित नहि रहल अछि, बल्कि चीनी, एथेनॉल, अक्षय ऊर्जा आ ग्रामीण एग्री-बिजनेस क्षेत्रमे सेहो तेजी सँ अपन पहचान मजबूत कऽ रहल अछि। कंपनीक समेकित मॉडल कृषि उत्पादन सँ मूल्य संवर्धन धरि पूरा श्रृंखलाकेँ जोड़ैत किसानक आय बढ़ाबय आ ग्रामीण अर्थव्यवस्थाकेँ सशक्त बनाबयमे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहल अछि।

विशेषज्ञसभक अनुसार, सहकारी चीनी मिलसभक पुनर्जीवन भारत सरकारक 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (EBP) लक्ष्य हासिल करयमे सेहो महत्वपूर्ण योगदान देत। एथेनॉल, हरित ऊर्जा आ अन्य मूल्यवर्धित गतिविधिसँ चीनी मिलसभ आर्थिक रूप सँ मजबूत बनत, जकर सीधा लाभ किसान, ग्रामीण क्षेत्र आ देशक ऊर्जा सुरक्षा सभकेँ भेटत।

विशेषज्ञसभक मानब अछि जे सहकारिता सुधार, एथेनॉल नीति, अक्षय ऊर्जा आ आधुनिक कृषि तकनीकक समन्वय सँ भारतीय चीनी उद्योग एक नव दौरमे प्रवेश कऽ रहल अछि। एहन परिस्थितिमे बिहार जेकाँ राज्यसभमे बंद पड़ल सहकारी चीनी मिलसभक पुनर्जीवन लेल आईपीएलक समेकित एग्रो-इंडस्ट्रियल मॉडल एक प्रभावी आ व्यवहारिक उदाहरणक रूपमे उभरि रहल अछि।

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