
समस्तीपुर। मिथिलाक माटि फेर एक बेर अपन प्रतिभा आ संघर्षक दम पर गौरव महसूस करौने अछि। रेलवे मे प्वाइंट्समैनक रूप मे 12 घंटा के कठिन ड्यूटी करैत राजू कुमार अपन सपना छोड़लनि नहि। सीमित संसाधन आ आर्थिक चुनौतीक बीच बिना कोचिंग बिहार लोक सेवा आयोग केर परीक्षा पास कऽ ओ डीएसपी बनि गेल छथि।
रेलवे केर ड्यूटीक कारण दिनक अधिकांश समय नौकरी मे बीतैत छल। ड्यूटी समाप्त भेलाक बाद जतेक समय बचैत छल, ओ पूरा मनोयोग सँ पढ़ाई मे लगबैत छलाह। छुट्टीक दिन सेहो विश्रामक बदला पढ़ाइ के प्राथमिकता दैत छलाह। निरंतर अभ्यास, आत्मअनुशासन आ धैर्यक बल पर ओ अपन लक्ष्य दिस बढ़ैत रहलाह।
12 घंटाक ड्यूटी, सीमित संसाधन आ बिना कोचिंगक तैयारी। बीपीएससी परीक्षा पास कऽ रेलवेक प्वाइंट्समैन राजू कुमार बनला डीएसपी, मिथिलाक युवाक लेल मिसाल।
राजू अपन तैयारी लेल मुख्य रूप सँ स्वयं अध्ययन पर भरोसा केलनि। किताब, नोट्स, पुरान प्रश्नपत्र आ उपलब्ध अध्ययन सामग्रीक नियमित अभ्यास हुनकर सफलताक आधार बनल। हुनकर मानब अछि जे सफलता महग कोचिंग सँ नहि, बल्कि सही रणनीति, लगातार मेहनति आ आत्मविश्वास सँ भेटैत अछि।
डीएसपी पद पर चयनक समाचार भेटिते परिवार, मित्र आ शुभचिंतकसभमे खुशीक माहौल बनि गेल। हुनकर उपलब्धि सँ पूरा क्षेत्र गौरवान्वित अछि। स्थानीय लोकक मानब अछि जे राजू साबित कऽ देलनि जे कठिन परिस्थिति ककरो सपनाक रास्ता रोकि नहि सकैत अछि।
राजूक संघर्ष आ सफलता मिथिलाक हजारो युवा लेल प्रेरणाक संदेश अछि, जौं लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनति निरंतर हो आ आत्मविश्वास अटल हो, तँ सीमित संसाधन सेहो सफलताक बाट मे बाधा नहि बनैत अछि। रेलवे फाटक पर ड्यूटी देनिहार एक सामान्य कर्मचारी सँ डीएसपी धरिक यात्रा एहि बातक जीवंत उदाहरण अछि जे मेहनतक फल एक दिन अवश्य भेटैत अछि।