नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीति आयोगक शासी परिषदक 11म बैठकमे ‘विकसित भारत 2047’ केर लक्ष्य हासिल करबाक लेल एक व्यापक विकास रोडमैप प्रस्तुत केलनि। ओ कहलनि जे आजादीक शताब्दी वर्ष 2047 धरि भारतकेँ विकसित राष्ट्र बनेबाक सपना तखनहि साकार भऽ सकैत अछि, जखन केंद्र आ राज्य सरकारसभ मिलिकऽ समन्वय, सहयोग आ साझा जिम्मेदारीक भावनासँ काज करत।
वैश्विक अनिश्चितता आ आर्थिक अस्थिरताक बीच प्रधानमंत्री भारतक विकास यात्रापर भरोसा जतबैत कहलनि जे देश आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प आ लचीलापनक संग आगाँ बढ़ि रहल अछि। हुनका अनुसार सहकारी संघवादक भावना भारतकेँ नव ऊँचाइ धरि पहुँचाबयमे निर्णायक भूमिका निभाएत।
राष्ट्रपति भवन स्थित संस्कृति केन्द्रमे आयोजित एहि बैठकक मुख्य विषय छल— “विकसित भारत 2047 लेल समावेशी मानव विकास”। बैठकमे देशभरिक मुख्यमंत्री आ केंद्रशासित प्रदेशक उपराज्यपाल शामिल भेलाह। समावेशी मानव विकासक चारि प्रमुख आधार— मानव पूंजी आ भविष्यक कौशल, उत्पादक रोजगार आ उद्यमिता, स्वास्थ्य आ पोषण तथा समानता आ गरिमापूर्ण जीवन— पर विस्तारसँ चर्चा भेल।
भारतक विकास यात्राक केंद्रमे युवा शक्ति
प्रधानमंत्री मोदी भारतक जनसांख्यिकीय लाभकेँ ऐतिहासिक अवसर बतबैत कहलनि जे एहि अवसरकेँ गमाओल नहि जा सकैत अछि। ओ युवासभकेँ देशक सभसँ पैघ शक्ति बतबैत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मांग आधारित कौशल विकास आ व्यापक रोजगार सृजनकेँ सरकारक सर्वोच्च प्राथमिकता बनेबाक आह्वान केलनि।
हुनका अनुसार सशक्त आ कुशल युवा भारतक विकास यात्रामे नव ऊर्जा आ गति प्रदान करत। बैठकमे उद्यमिताकेँ प्रोत्साहन देब, कौशल विकास कार्यक्रमकेँ मजबूत करब आ टिकाऊ रोजगार अवसर सृजित करबाक उपाय पर सेहो विचार-विमर्श भेल।
मुक्त व्यापार समझौता सँ खुलत विकासक नव द्वार
प्रधानमंत्री कहलनि जे भारत द्वारा विभिन्न देशसभक संग कएल गेल मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) निर्यात आ आर्थिक विकास लेल नव अवसर सृजित कए रहल अछि। एहि सँ सूक्ष्म, लघु आ मध्यम उद्योग (एमएसएमई) सभकेँ वैश्विक बाजारमे प्रतिस्पर्धा करबाक अवसर भेटत।
ओ भारतीय उद्योगसभसँ अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक अपनाबय आ वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेबाक अपील सेहो केलनि।
महिला नेतृत्व विकासक आधारशिला
महिला सशक्तिकरण पर जोर दैत प्रधानमंत्री कहलनि जे महिला नेतृत्व वाला विकास विकसित भारतक मजबूत आधारशिला अछि। खेती, विज्ञान, नवाचार, उद्योग आ स्टार्टअप क्षेत्रमे महिलासभक योगदान लगातार बढ़ि रहल अछि।
ओ राज्य सरकारसभसँ महिलाक शिक्षा, सुरक्षा, कौशल विकास आ आर्थिक सशक्तिकरणकेँ सर्वोच्च प्राथमिकता देबाक आग्रह केलनि। हुनका अनुसार महिलासभक पूर्ण क्षमता केर उपयोग बिना भारतक समग्र विकास संभव नहि अछि।
सुशासन, डिजिटल अवसंरचना आ जवाबदेही पर जोर
बैठकमे सुशासन सुधार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना आ साझेदारीकेँ विकासक प्रमुख माध्यम मानल गेल। संगहि विकास योजनाक लाभ अंतिम व्यक्ति धरि पहुँचाबय लेल जवाबदेही आधारित कार्यप्रणाली पर विशेष बल देल गेल।
शासी परिषद दिसम्बर 2025 मे आयोजित मुख्य सचिवसभक राष्ट्रीय सम्मेलनक सिफारिशसभ पर सेहो विचार केलक आ ओकर प्रभावी क्रियान्वयन लेल रणनीति पर चर्चा भेल।
डी.के. शिवकुमारक उपस्थिति बनल चर्चा केर विषय
बैठकमे कर्नाटकक मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमारक उपस्थिति विशेष रूप सँ चर्चा मे रहल। कर्नाटकमे कांग्रेस सरकार द्वारा हालक वर्षसभमे नीति आयोगक बैठकसँ दूरी बनौने रखबाक प्रवृत्तिक विपरीत शिवकुमार एहि बेर सक्रिय भागीदारी केलनि।
ओ कहलनि जे मुख्यमंत्री बनलाक बाद प्रधानमंत्री मोदी हुनका सहयोगक भरोसा देने छलाह आ राज्यक हितमे केंद्रक संग मिलिकऽ काज कएल जाएत। शिवकुमार कर्नाटकक विकास प्राथमिकतासभकेँ मजबूतीसँ रखलनि तथा बेंगलुरुकेँ भारतक आर्थिक आ तकनीकी शक्ति केन्द्र बतौलनि। ओ आधारभूत संरचना, शहरी परिवहन आ कृषि क्षेत्रमे निवेश बढ़ेबाक आवश्यकता पर सेहो जोर देलनि।
राज्यसभ रखलनि अपन-अपन विकास प्राथमिकता
बैठकमे विभिन्न राज्यक मुख्यमंत्री आ केंद्रशासित प्रदेशक उपराज्यपाल अपन-अपन राज्यक उपलब्धि, मांग, सुझाव आ विकास योजनासभ प्रस्तुत केलनि। मानव विकास, रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना विस्तार आ सामाजिक कल्याणसँ जुड़ल विषयसभ पर व्यापक चर्चा भेल।
बैठकक समापन करैत प्रधानमंत्री मोदी फेर दोहरौलनि जे वैश्विक चुनौतीक बावजूद भारत मजबूतीसँ विकासक मार्ग पर अग्रसर अछि आ केंद्र-राज्यक संयुक्त प्रयाससँ ‘विकसित भारत 2047’ केर सपना अवश्य साकार होयत।
