
नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती आ दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरीक संयुक्त तत्वावधानमे शनिदिन दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी, चांदनी चौकमे ‘वंदे मातरम् गाथा’ विशेष कार्यक्रमक आयोजन कएल गेल। ई कार्यक्रम वंदे मातरम् केर 150म जयंतीक अवसर पर आयोजित भेल।
प्रसिद्ध किस्सागो आ चित्रकार भारती दीक्षित अपन ओजपूर्ण शैलीमे ‘वंदे मातरम्’ केर गाथा प्रस्तुत कएलनि। हुनका अनुसार ‘वंदे मातरम्’ गीत बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा 1875 मे लिखल गेल छल। बादमे 1882 मे प्रकाशित हुनकर उपन्यास ‘आनंद मठ’ मे एहि गीत केँ स्थान देल गेल। उपन्यासमे संन्यासी भवानंद भाव-विभोर भऽ एहि गीत केँ गबैत छथि, जाहिसँ संन्यासीक मन राष्ट्रभक्ति आ समर्पण सँ भरि जाइत अछि।
भारती दीक्षित वंदे मातरम् केर रचनाकाल सँ लऽ कऽ एकर ऐतिहासिक यात्रा केँ अत्यंत प्रभावशाली ढंग सँ प्रस्तुत कएलनि। हुनका कहलनि जे 1896 मे कांग्रेसक वार्षिक अधिवेशनमे युवा कवि रवींद्रनाथ ठाकुर अपन मधुर कंठ सँ एहि गीतक प्रस्तुति देलनि, जाहिसँ उपस्थित लोक मंत्रमुग्ध भऽ गेल छलाह। फेर 1906 मे कांग्रेस अधिवेशनमे रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा गाएल जाए पर एहि गीत केँ राष्ट्रीय प्रसिद्धि भेटल। बंगाल विभाजनक विरोधमे ई गीत जनता केँ एकजुट करबाक प्रमुख माध्यम बनल। बंगाल सँ निकलि ई गीत नागपुर, जर्मनी आ ब्रिटेन धरि पहुँच गेल। अंग्रेज सरकार जतबे एहि गीत पर रोक लगाबय चाहलक, ओतबे एकर लोकप्रियता बढ़ैत गेल।
भारती दीक्षित स्वतंत्रता संग्राममे वंदे मातरम् केर महत्व आ एकर गौरवशाली इतिहास केँ ओजपूर्ण भाव सँ प्रस्तुत कएलनि। लगभग 50 मिनट धरि चलल प्रस्तुति मे दर्शक-श्रोता पूर्ण रूप सँ भाव-विभोर रहलाह।
कार्यक्रमक आरंभमे इंद्रप्रस्थ साहित्य भारतीक अध्यक्ष विनोद बब्बर स्वागत भाषण देैत वंदे मातरम् केर महत्व पर प्रकाश देलनि। हुनका कहलनि जे रावण पर विजय प्राप्तिक बाद जखन विभीषण भगवान श्रीराम सँ श्रीलंका मे रुकबाक आग्रह कएलनि, तखन भगवान राम कहलनि— “जननी आ जन्मभूमि स्वर्ग सँ सेहो श्रेष्ठ अछि।” विनोद बब्बर ईहो कहलनि जे यद्यपि ‘वंदे मातरम्’ गीत बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा लिखल गेल, मुदा एकर मूल भाव अथर्ववेदक “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” मंत्रमे सदियासँ विद्यमान अछि।
मंच संचालन इंद्रप्रस्थ साहित्य भारतीक उपाध्यक्ष मनोज शर्मा कएलनि। परिषद गीत सुनीता बुग्गा प्रस्तुत कएलनि। आरके पुरम विभाग अध्यक्ष मलखान सिंह धन्यवाद ज्ञापन देलनि।
एहि अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषदक राष्ट्रीय मंत्री नीलम राठी, केंद्रीय कार्यालय मंत्री संजीव सिन्हा, साहित्य परिक्रमा प्रबंधक रजनी मान, इंद्रप्रस्थ साहित्य भारतीक संयुक्त महामंत्री बृजेश गर्ग, कोषाध्यक्ष अक्षय अग्रवाल, दक्षिणी विभाग अध्यक्ष सारिका कालरा, जयसिंह आर्य, जगदीश सिंह, नीलम भागी, नवीन नीरज, मुन्ना रजक, प्रशांत सिंह सहित अनेक साहित्यकार आ विद्यार्थी उपस्थित छलाह।