नई दिल्ली। आखिरकार ओ दिन आबि गेल जाहिक प्रतीक्षा देशवासी कतेको समय सँ कए रहल छलाह। पश्चिम एशिया संकटक कारण दुनियाभरक सरकार सभ पेट्रोल आ डीजल केर कीमत मे भारी वृद्धि कए चुकल अछि, मुदा मोदी सरकार एक रुपैया सेहो नहि बढ़ौने छल। एतबे नहि, हमर किछु पड़ोसी देश मे पश्चिम एशिया संकट शुरू होयबाक बाद सँ पेट्रोल-डीजल केर दाम दू-दू आ तीन-तीन बेर बढ़ाओल जा चुकल अछि, मुदा भारत मे आब जाकए पेट्रोल आ डीजल पर तीन-तीन रुपैया केर वृद्धि कएल गेल अछि।
खास गप्प ई अछि जे भारत शायद दुनियाक एकमात्र एहन देश रहल जतय पेट्रोल-डीजल केर दाम अप्रैल 2022 सँ स्थिर छल। हालांकि मार्च 2024 मे लोकसभा चुनाव सँ ठीक पहिले पेट्रोल आ डीजल दुनू मे दू रुपैया प्रति लीटरक एकमुश्त कटौती कएल गेल छल। एहि सँ पहिले अंतिम बेर अप्रैल 2022 मे दर बढ़ाओल गेल छल।
आब जे वृद्धि कएल गेल अछि, ओकर पाछाँ अंतरराष्ट्रीय बाजार मे कच्चा तेल केर बढ़ैत कीमत तऽ पैघ कारण अछि हेबे, संगहि कच्चा तेल केर घटैत घरेलू भंडार सेहो एकर महत्वपूर्ण कारण बनल। जानकारीक अनुसार फरवरी सँ एखन धरि भारतक तेल भंडार लगभग 15 प्रतिशत घटिकए 107 मिलियन बैरल सँ 91 मिलियन बैरल केर आसपास पहुँचि गेल अछि। एहि सँ सरकार आ तेल कंपनी सभ पर अतिरिक्त दबाव बनि रहल छल।
एहि स्थिति केर गंभीरता केँ देखैत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासीक सँ ईंधन बचत करबाक अपील कयलनि अछि। हुनका सार्वजनिक परिवहन केर बेसी उपयोग, कार पूलिंग, घर सँ काज करबाक व्यवस्था आ ऑनलाइन बैठक सभ केँ बढ़ावा देबाक सलाह देलनि अछि।
प्रधानमंत्री गैरजरूरी विदेशी यात्रा आ सोना खरीद सँ बचबाक सेहो आग्रह कयलनि अछि, जाहिसँ विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम भऽ सकए। किसान सभ सँ सेहो रासायनिक उर्वरक केर कम उपयोग करबाक आ सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था अपनाबय लेल अपील कएल गेल अछि।
हम अहाँकेँ ईहो बता दी जे तेल मार्केटिंग कंपनी सभ पेट्रोल आ डीजल केर दाम मे प्रति लीटर 16 सँ 17 रुपैया वृद्धि केर मांग कएने छल, मुदा फिलहाल केवल 3 रुपैया केर वृद्धि कएल गेल अछि।
एहि कारण सवाल उठि रहल अछि जे की आबय वाला दिन मे पेट्रोल-डीजल केर दाम मे आओर वृद्धि होएत? संभव अछि जे सरकार एकबेरमे पैघ झटका देबाक बदला धीरे-धीरे मूल्य वृद्धि केर मंजूरी देने हो।
ईहो उल्लेखनीय अछि जे घरेलू रसोई गैस एलपीजी केर दाम मार्च मे 60 रुपैया प्रति सिलेंडर बढ़ाओल गेल छल, मुदा विशेषज्ञक मानब अछि जे ई एखनहुँ वास्तविक लागत सँ नीचाँ अछि।
ओहि तरफ, देशभर मे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी आ एलएनजी केर दाम मे भेल वृद्धि आम आदमी सँ लऽ कए उद्योग जगत धरि चिंता बढ़ा देने अछि।
राजधानी दिल्ली मे पेट्रोल आब 97.77 रुपैया प्रति लीटर आ डीजल 90.67 रुपैया प्रति लीटर बिकि रहल अछि।
विशेषज्ञक अनुसार एहि मूल्यवृद्धिक सबसँ पैघ कारण वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल केर दाम मे तेज उछाल अछि।
फरवरीक अंत सँ शुरू भेल अमेरिका, इजरायल आ ईरान केर संघर्ष पश्चिम एशिया मे अस्थिरता बढ़ा देने अछि। विशेष रूप सँ होर्मुज जलडमरूमध्य मे पैदा भेल संकट वैश्विक तेल आपूर्ति केँ प्रभावित कएने अछि।
ई जलमार्ग दुनियाक सबसँ महत्वपूर्ण कच्चा तेल परिवहन मार्ग सभ मे गिनल जाइत अछि। संघर्षक बाद ब्रेंट कच्चा तेल केर दाम कतेको बेर 100 डॉलर प्रति बैरल सँ ऊपर पहुँचि गेल आ किछु समय लेल 120 डॉलर प्रति बैरल धरि चलि गेल छल।
भारत अपन जरूरतक 80 प्रतिशत सँ बेसी कच्चा तेल आयात करैत अछि। एहन स्थिति मे अंतरराष्ट्रीय बाजार मे मूल्य वृद्धि केर सीधा असर घरेलू ईंधन दाम पर पड़ैत अछि।
ऊर्जा बाजार सँ जुड़ल आकलनक अनुसार होर्मुज क्षेत्र मे व्यवधानक कारण खाड़ी देश सँ तेल आपूर्ति मे भारी गिरावट आयल अछि। एहि सँ भारत जेकाँ आयात पर निर्भर देशक मुश्किल आओर बढ़ि गेल अछि।
सरकारी तेल कंपनी सभ विगत कतेको महीना सँ अंतरराष्ट्रीय मूल्य वृद्धि केर बोझ स्वयं वहन कए रहल छल ताकि उपभोक्ता पर अचानक भार नहि पड़ए।
मुदा आब सस्ता भंडार समाप्त होयबाक आ लगातार बढ़ैत लागतक कारण कंपनी सभ पर वित्तीय दबाव अत्यधिक बढ़ि गेल अछि।
उद्योग जगत केर अनुमान अनुसार सार्वजनिक क्षेत्रक तेल कंपनी सभ केँ प्रतिदिन लगभग 10 अरब रुपैया केर नुकसान उठाबय पड़ि रहल अछि। एहि कारण कीमत बढ़ेबाक अतिरिक्त कोनो विकल्प नहि बचल छल।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी सेहो हालहि मे स्वीकार कएने छथि जे सरकारी रिफाइनरी सभ पर दबाव लगातार बढ़ि रहल अछि।
हुनका कहने छलाह जे तेल कंपनी सभ कतय धरि नुकसान सहन करत, ई चिंता केर विषय अछि।
विशेषज्ञक मानब अछि जे यदि पश्चिम एशिया मे तनाव जल्द समाप्त नहि भेल तऽ आबय वाला समय मे ईंधन कीमत पर दबाव बनल रहि सकैत अछि।
एहि बीच थोक महंगाई दरक आंकड़ा सेहो चिंता बढ़ा रहल अछि।
अप्रैल मे पेट्रोल महंगाई दर 32.4 प्रतिशत धरि पहुँचि गेल छल, जखनकि हाई स्पीड डीजल केर महंगाई दर 25.19 प्रतिशत दर्ज कएल गेल।
कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, एलपीजी, पेट्रोल आ डीजल केर बढ़ैत कीमत व्यापक महंगाई केँ आओर तेज कए देने अछि।
एहि सँ परिवहन, निर्माण आ रोजमर्रा केर वस्तुक लागत बढ़बाक आशंका अछि।
भारतक खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल 2026 मे बढ़िकए 3.48 प्रतिशत भऽ गेल, जे मार्च मे 3.40 प्रतिशत छल।
वहीं थोक मुद्रास्फीति 42 महीनाक उच्च स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुँचि गेल अछि।
ओहि तरफ कांग्रेस पेट्रोल-डीजल केर दाम वृद्धि केँ लऽ केंद्र सरकार पर निशाना साधलक अछि।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश कहने छथि जे जखन अंतरराष्ट्रीय बाजार मे कच्चा तेल सस्ता छल, तखन मोदी सरकार उपभोक्ता केँ राहत देबाक बदला हुनका लूटलक।
हुनका आरोप लगौलनि जे विधानसभा चुनाव समाप्त होयबाक बाद पहिले वाणिज्यिक एलपीजी केर दाम बढ़ाओल गेल आ आब पेट्रोल-डीजल केर दाम सेहो बढ़ा देल गेल अछि।
रमेशक दावा अछि जे एहि सँ महंगाई बढ़नाइ तय अछि आ आर्थिक विकास दर मे गिरावट सेहो आएत।
हुनका कहने छथि जे चालू वित्त वर्ष मे महंगाई लगभग 6 प्रतिशत धरि पहुँचि सकैत अछि, जखनकि विकास दर केर अनुमान सेहो काफी घटि सकैत अछि।
