बाल संरक्षण पेशेवर सभ के प्रशिक्षण लेल C-Lab आ एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा बीच करार

गुरुग्राम/नई दिल्ली :  बाल अधिकार, व्यवहार विज्ञान आ मानसिक स्वास्थ्य के अकादमिक ढांचा में समाहित क’ संस्थागत रूप देबाक दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल कएल गेल अछि। एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा (AUH) आ इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन (ICP) के शोध प्रभाग सेंटर फॉर लीगल एंड बिहेवियर चेंज फॉर चिल्ड्रेन (C-Lab) बीच एक समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर भेल अछि।

एहि करार के तहत दुनू संस्था मिलि क’ बाल संरक्षण क्षेत्र में कार्यरत पेशेवर सभ आ कानून प्रवर्तन एजेंसी लेल विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करत। एकर संग पाठ्यक्रम आ अध्ययन सामग्री सेहो विकसित कएल जाएत। एहि पहल के माध्यम स बाल संरक्षण स जुड़ल विषय सभ पर शोध आ विशेषज्ञता विकसित करबाक दिशा में सेहो संयुक्त प्रयास होएत।

इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन द्वारा स्थापित C-Lab के उद्देश्य बाल सुरक्षा आ न्याय सुनिश्चित करबाक लेल आवश्यक विशेषज्ञता विकसित करनाय आ एहि क्षेत्र में कार्यरत पेशेवर सभ के क्षमता बढ़ेनाय अछि। दोसर तरफ, गुरुग्राम लग 110 एकड़ में फैसल एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा के हाल में हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन लेल उत्कृष्टता पुरस्कार (गोल्ड कैटेगरी) स सम्मानित कएल गेल अछि।

एहि समझौता पर इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन के कार्यकारी निदेशक डॉ. संपूर्णा बेहुरा आ एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा के प्रो वाइस चांसलर डॉ. विकास मधुकर हस्ताक्षर कएलनि।

डॉ. संपूर्णा बेहुरा कहलनि जे ई साझेदारी अकादमिक ज्ञान आ जमीनी हकीकत के बीच के अंतर के कम करए में महत्वपूर्ण साबित होएत। हुनकर अनुसार, बाल संरक्षण क्षेत्र में कार्यरत सभ पक्ष के निरंतर प्रशिक्षण, व्यावहारिक अनुभव आ विशेष ज्ञान के आवश्यकता होइत अछि, जाहि स ओ जटिल परिस्थितिक प्रभावी ढंग स सामना क’ सकथि।

वहीं, डॉ. विकास मधुकर कहलनि जे ई समझौता राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देबाक एमिटी यूनिवर्सिटी के सोच के अनुरूप अछि। हुनकर अनुसार, ई पाठ्यक्रम सभ बाल संरक्षण आ व्यवहार परिवर्तन के केवल कागज तक सीमित नहि राखि, बल्कि पेशेवर सभ के ज्ञान आ समझ बढ़ाबय में मदद करत।

समझौता के अनुसार, C-Lab पाठ्यक्रम निर्माण, व्यावहारिक प्रशिक्षण, शोध सुदृढ़ीकरण आ जागरूकता कार्यक्रम संचालन के जिम्मेदारी निभाएत। एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा अकादमिक सहयोग, पाठ्य सामग्री के अनुवाद आ जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग करत।

एकर अतिरिक्त, विश्वविद्यालय बाल यौन शोषण के मामिला में सहायता देनिहार ‘सपोर्ट पर्सन’ लेल C-Lab के सर्टिफिकेट कोर्स के मान्यता देत। ई कोर्स खास तौर पर 2023 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हर केस में सपोर्ट पर्सन नियुक्ति अनिवार्य कएला के बाद आ अधिक महत्वपूर्ण भ’ गेल अछि।

ई साझेदारी देश में एक मजबूत, संवेदनशील आ प्रभावी बाल संरक्षण तंत्र विकसित करए में महत्वपूर्ण भूमिका निभाबय के उम्मीद अछि।

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