नव निर्माण के 9 वर्ष: सोलर क्षमता 400 मेगावाट सँ बढ़ि 5000 मेगावाट पार

नई दिल्ली। पछिला 9 वर्ष मे उत्तर प्रदेश सोलर ऊर्जा क्षेत्र मे उल्लेखनीय प्रगति क’ देशक प्रमुख ग्रीन एनर्जी राज्य सभमे अपन स्थान बना लेलक अछि। राज्य मे सोलर क्षमता 2017 सँ पहिले जहिया करीब 400 मेगावाट छल, ओहि ठाम आब बढ़ि 5000 मेगावाट सँ बेसी भ’ गेल अछि।

प्रभावी नीतियाँ, पैघ स्तरक सोलर परियोजना आ जनसहभागिता के कारण राज्य मे 4 लाख सँ बेसी रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कएल जा चुकल अछि, जाहि सँ स्वच्छ आ सस्ती ऊर्जा के बढ़ावा भेटल अछि।

जन-जन तक पहुँचलक सोलर ऊर्जा

‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ जेकाँ पहल सभ एहि बदलाव के तेज क’ देलक अछि। एहि योजना अंतर्गत आकर्षक सब्सिडी के कारण लाखों उपभोक्ता अपन घरक छत पर सोलर सिस्टम लगौलनि। एहि सँ उपभोक्ता प्रतिमाह करीब ₹1500 सँ ₹3000 तक बचत क’ रहल छथि आ नेट मीटरिंग के माध्यम सँ अतिरिक्त बिजली बेचि आय सेहो कमा रहल छथि।

2017 सँ पहिले सीमित छल विकास

2017 सँ पहिले राज्य मे सोलर ऊर्जा के विकास काफी सीमित छल। नीति स्पष्टता के अभाव, कम निवेश आ पैघ परियोजना के कमी के कारण एहि क्षेत्र मे गति नहि आबि पाबि रहल छल। रूफटॉप सोलर कार्यक्रम शुरुआती चरण मे छल आ जन-जागरूकता सेहो कम छल।

नीतिगत बदलाव सँ आयल तेजी

2017 के बाद लागू कएल गेल सोलर ऊर्जा नीतियाँ राज्यक ऊर्जा परिदृश्य के पूरी तरह बदलि देलक। उत्तर प्रदेश सोलर ऊर्जा नीति 2017 आ 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन सँ सोलर क्षमता मे तेज वृद्धि भेल अछि।

बड़का सोलर पार्क, ग्राउंड-माउंटेड परियोजना आ खास क’ रूफटॉप सोलर कार्यक्रम एहि बदलाव के मुख्य आधार रहल अछि।

22,000 मेगावाट के लक्ष्य

सोलर ऊर्जा नीति-2022 अंतर्गत राज्य सरकार 22,000 मेगावाट सोलर क्षमता विकसित करबाक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित केने अछि। एहि लेल अल्ट्रा-मेगा प्रोजेक्ट, सरकारी भवनक सोलराइजेशन आ नवाचार पर जोर देल जा रहल अछि।

ग्रीन हाइड्रोजन दिस बढ़ैत कदम

राज्य आब ग्रीन हाइड्रोजन जेकाँ उभरैत क्षेत्र मे सेहो आगू बढ़ि रहल अछि। गोरखपुर मे Torrent Power द्वारा 0.5 मेगावाटक ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट स्थापित कएल जा रहल अछि, जाहिक उत्पादन क्षमता करीब 9 किलोग्राम प्रति घंटा होएत। ओहिना रामपुर मे Zero Footprint Industries Pvt. Ltd. द्वारा 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा क्षमता वाला प्लांट स्थापित कएल जा रहल अछि।

रोजगार आ पर्यावरण पर सकारात्मक असर

सोलर ऊर्जा के विस्तार सँ कार्बन उत्सर्जन मे कमी आयल अछि आ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के बढ़ावा भेटल अछि। संगहि, सोलर सिस्टम के स्थापना, संचालन आ रखरखाव मे हजारों युवा के रोजगार सेहो मिलल अछि।

जीवनशैली मे आयल बदलाव

घर-घर मे सोलर ऊर्जा अपनाए जाए सँ जीवनशैली मे बदलाव देखल जा रहल अछि। आब ई केवल रोशनी तक सीमित नहि रहल, बल्कि इंडक्शन कुकिंग, इलेक्ट्रिक स्कूटर आ कार चार्जिंग मे सेहो उपयोग होए लागल अछि, जाहि सँ पेट्रोल, डीजल आ गैस पर निर्भरता कम भ’ रहल अछि।

उत्तर प्रदेश आब ग्रीन एनर्जी आ आत्मनिर्भरता दिस मजबूती सँ आगू बढ़ि रहल अछि, जे राज्य के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनेबाक लक्ष्य के ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानल जा रहल अछि।

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