प्रवासी लेल सरकारी दृष्टिकोण समान हो चाहे देशी हो वा विदेशी

रामबाबू सिंह मधेपुर

दिल्ली सरकार जाहि तरहेँ एहि वैश्विक आपदाक स्थितिमे संवेदनशीलताक परिचय दS रहल छथि से यथार्थमे आन आन राज्यक मुखियाक लेल अनुकरणीय अछि। बिनु लाग लपेट लाभ हानिक नीतिक केवल समाजकेँ विषाक्त बनौनिहार कलिया नागकेँ नाथि ओकर कपाल पर कत्थक करबाक सद्प्रयास देखल जा रहल अछि।

जँ लोक, समाज, देश बाँचत तँ विचारधारा राजनीति चरनचारण अंथ पंथ करैत रहब। मानवपंथी एखन बेस खगता अछि। सरकार कोनो राज्यक होय एखन राजनीतिसँ ऊपर उठि मानवमात्रक कल्याण लेल काज करबाक चाहि से कामना अछि।

दिया त’र अन्हार होयत अछि से यथार्थमे सरकार चरितार्थ कS रहल अछि। जतय एक दिस विदेशसँ यात्री सभकेँ अनबाक लेल भारत सरकार उड़न खटोला पर उड़न खटोला उड़ा रहल अछि, दोसर दिस अपनहि देशक निर्धन जन मजूर सभकेँ अनेरूआ माल जाल जकाँ दुर्भाग्यवश बाट घाट भटकबाक लेल वा मरबाक लेल अपन नियति पर छोड़ि देल अछि।

एहि दुर्भाग्यशाली यात्री सभ लेल जँ रास्ता पेड़ामे सेहो रामायण, महाभारत आदि धारावाहिक देखबाक जोगार होयतैक तँ ओ सभ धन्य भS जएतैक, किंतु माननीय लोकनि अपना अपनाकेँ सेनिटाइजेसन कएल कोठरीमे लॉक कS सभकेँ सुरक्षित बुझि निचेन छथि। एकटा कहबी छैक जे “साउनक आन्हरकेँ सदिखन हरियरी सूझैत छैक। कोन धरानी बिनु अन्न जलक बाट घाट सपरिवार भटैक रहल छैक आ ताहिपर एहन सन ट्वीट असंवेदनशीलताक पराकाष्ठा अछि।

अस्तित्व संकटक कारणे हजारों हजार लोक महानगर सभसँ पएरे पएर नेना सियान बूढ़ा स्त्रीगण आदि सभ भूखे पिआसे दिन राति चलल जा रहल अछि। एहि बीच पुलिस प्रशासनक अन्यान्य अमानवीय वीडियो सेहो प्रताड़ित करैत देखल गेल जे देशकेँ लज्जित कS रहल अछि।

लॉक डाउन बेजाए नहि, समयक परमावश्यक अछि किंतु भूखक डरसँ पैघ कोनो डर नहि कारण भूत राकस वायरस जहिया पकड़तैक तहिया मुदा भूखसँ बेसी दिन नहि रहि सकैत अछि। तेँ सरकारकेँ एहि पक्षकेँ बेस गम्भीरतासँ निदान करबाक चाही। केजरीवाल यथार्थमे एखन उत्तमोत्तम काज कS रहल छथि से स्वीकार करबामे कोनो अतिश्योक्ति नहि।

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