पासपोर्ट विवाद मे फंसलीह हिमंता केर पत्नी रिनिकी? दू पासपोर्ट आ नागरिकता पर विवाद

गुवाहाटी।  एखन भारतीय नागरिकता आ पासपोर्ट चर्चा केर विषय बनि गेल अछि। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा द्वारा असम केर मुख्यमंत्री केर पत्नी पर लगाओल आरोप के बाद मामला विवादित भ’ गेल अछि । पवन खेड़ा आरोप लगौलनि अछि जे हिमंता बिस्वा सरमा केर पत्नी रिनिकी भुइयां लग तीन देश केर पासपोर्ट अछि। आरोपक अनुसार रिनिकी लग यूएई, एंटीगा-बार्बूडा आ मिस्र केर पासपोर्ट अछि। एहि सभक वैधता 2027 सँ 2031 के बीच समाप्त होएबाला अछि। हिमंता सरमा एकरा तुच्छ कांग्रेसी प्रोपेगैंडा मानैत कहलनि जे हुनकर पत्नी कांग्रेस नेता के जीवन भर जेल पठा देत। एहि सब के बीच प्रश्न उठैत अछि जे भारतीय नागरिक कतेक देश केर पासपोर्ट राखि सकैत अछि?

पासपोर्ट एक्ट 1967 केर मुताबिक, अगर कोनो व्यक्ति गलत तरीका सँ पासपोर्ट प्राप्त करैत अछि, त अधिकारी के पासपोर्ट जब्त करबाक अधिकार अछि। एकर अतिरिक्त, अगर कोनो व्यक्ति अनुचित तरीका सँ दोसर पासपोर्ट हासिल करैत अछि, त ओकरा रद्द कएल जा सकैत अछि। सेक्शन 12 अंतर्गत पासपोर्ट सँ जुड़ल धोखाधड़ी, जानकारी छुपाबै या दुरुपयोग पर सजा के प्रावधान अछि। खास कए एक सँ बेसी पासपोर्ट रखबाक स्थिति मे कानूनी कार्रवाई भ सकैत अछि।

भारत केर नागरिकता अधिनियम, 1955 केर धारा 9 मे प्रावधान अछि जे अगर कोनो भारतीय नागरिक स्वेच्छा सँ दोसर देश केर नागरिकता ग्रहण करैत अछि, त ओकर भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त भ जायत अछि। संविधान सेहो एक समय मे भारतीय आ विदेशी नागरिकता के अनुमति नहि दैत अछि।

नागरिकता अधिनियम केर धारा 7A के अंतर्गत प्रस्तुत OCI योजना ओहि भारतीय मूल केर व्यक्ति सभकें भारत मे जीवनभरि वीजा पर रहबाक आ काज करबाक अनुमति दैत अछि, जे विदेशी नागरिकता ल’ चुकल छथि। ई वास्तविक नागरिकता नहि अछि आ एहि मे मतदान करबाक या सरकारी पद धारण करबाक अधिकार नहि होइत अछि। एकराअतिरिक्त, एहि मे किछु प्रतिबंध सेहो लागू अछि,जाहि मे रिसर्च, मिशनरी गतिविधि या पर्वतारोहण लेल विशेष अनुमति लेनाई आवश्यक अछि।

नागरिकता नियम, 1956 केर नियम 30 अनुसार, अगर कोनो व्यक्ति लग विदेशी पासपोर्ट अछि, त एकर अर्थ अछि जे ओ विदेशी नागरिकता ल’ चुकल अछि। सुप्रीम कोर्ट सेहो 1995 केर एक मामला मे एहि बात के स्वीकार कएने अछि। चूंकि पासपोर्ट नागरिकता सँ जुड़ल अछि, तैं जौं कोनो व्यक्ति लग’ विदेशी पासपोर्ट अछि, त ओकरा भारतीय नागरिक नहि मानल जायत अछि। एक व्यक्ति एके समय में भारतीय आ विदेशी दुनू पासपोर्ट कानूनी रूप सँ नहि रखि सकैत अछि। ई भारत मे दोहरी नागरिकता पर रोक केर तहत अवैध मानल जायत अछि।

पिछला साल सरकार पाँच वर्ष मे एक सँ बेसी भारतीय पासपोर्ट रखनिहार 1300 सँ बेसी मामला के पहचान कएलक। एहन मामला के सुरक्षा लेल खतरा मानल जाइत अछि। एहन स्थिति मे अधिकारी दस्तावेज रद्द कए दैत छथि आ पासपोर्ट अधिनियम, 1967 केर तहत कानूनी कार्रवाई शुरू करैत छथि।

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